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Kaithal News: डीसी खेतों में... खुद की डिजिटल क्रॉप सर्वे एंट्री
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:56 AM IST
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डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण करने पहुंची डीसी अपराजिता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुलतारन और उझाना गांव का बुधवार को दौरा कर उपायुक्त अपराजिता ने रबी फसलों की गिरदावरी का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व अधिकारियों के साथ स्वयं गेहूं के खेतों में उतरकर डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत की जा रही एंट्री का जायजा लिया और स्वयं एंट्री कर ऐप पर डेटा अपलोड किया।
दौरे के दौरान डीसी सबसे पहले गांव कुलतारन के रकबा क्षेत्र में पहुंचीं, जहां उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया। मुख्य मार्ग से आगे बढ़ते हुए उन्होंने पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की जांच की। वे गेहूं के खेतों में कई एकड़ तक पैदल चलीं और किल्ला नंबर के अनुसार की जा रही डिजिटल एंट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सजरा और टैब में दर्ज आंकड़ों का आपस में मिलान भी किया, जो सही पाया गया।
इसके बाद डीसी गांव उझाना के खेतों में पहुंचीं, जहां संबंधित पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी भी संतोषजनक पाई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसलों की रिपोर्ट पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गिरदावरी केवल औपचारिकता न रहकर वास्तविक स्थिति के आधार पर की जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की टीमें खेतों में जाकर फसल का प्रकार, उसकी स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी एक विशेष ऐप के माध्यम से दर्ज कर रही हैं।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे में वही फसल दर्ज की जाए जो वास्तव में खेत में खड़ी है। इस अवसर पर तहसीलदार रविंद्र हुड्डा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पटवारी मौके पर उपस्थित रहे।
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कैथल। कुलतारन और उझाना गांव का बुधवार को दौरा कर उपायुक्त अपराजिता ने रबी फसलों की गिरदावरी का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व अधिकारियों के साथ स्वयं गेहूं के खेतों में उतरकर डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत की जा रही एंट्री का जायजा लिया और स्वयं एंट्री कर ऐप पर डेटा अपलोड किया।
दौरे के दौरान डीसी सबसे पहले गांव कुलतारन के रकबा क्षेत्र में पहुंचीं, जहां उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया। मुख्य मार्ग से आगे बढ़ते हुए उन्होंने पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की जांच की। वे गेहूं के खेतों में कई एकड़ तक पैदल चलीं और किल्ला नंबर के अनुसार की जा रही डिजिटल एंट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सजरा और टैब में दर्ज आंकड़ों का आपस में मिलान भी किया, जो सही पाया गया।
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इसके बाद डीसी गांव उझाना के खेतों में पहुंचीं, जहां संबंधित पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी भी संतोषजनक पाई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसलों की रिपोर्ट पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गिरदावरी केवल औपचारिकता न रहकर वास्तविक स्थिति के आधार पर की जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की टीमें खेतों में जाकर फसल का प्रकार, उसकी स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी एक विशेष ऐप के माध्यम से दर्ज कर रही हैं।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे में वही फसल दर्ज की जाए जो वास्तव में खेत में खड़ी है। इस अवसर पर तहसीलदार रविंद्र हुड्डा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पटवारी मौके पर उपस्थित रहे।