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Kaithal News: डिजिटल सेवा... 7.50 लाख को मिली आभा आईडी
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। अब तक जिले में लगभग 7.50 लाख नागरिकों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में करीब पांच लाख और लोगों के आवेदन आने की संभावना है, जिससे आभा आईडी धारकों की संख्या में और इजाफा होगा।
अधिकारियों ने बताया कि आभा आईडी किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए बनाई जा सकती है और भविष्य में इसे सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य किए जाने की योजना भी प्रस्तावित है। आभा आईडी के तहत मरीज का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है। इसमें जांच रिपोर्ट, दवाइयों का विवरण, डॉक्टर की पर्चियां, उपचार से संबंधित पूरी मेडिकल हिस्ट्री और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जानकारियां शामिल होती हैं।
डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार फाइलें और कागजात संभालने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही इलाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
डॉक्टर को मिलेगी पूरी मेडिकल हिस्ट्री, समय और धन की बचत
अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टर आभा आईडी के माध्यम से मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री तुरंत देख सकेंगे। इससे एक ही प्रकार के टेस्ट बार-बार कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे मरीज का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही डॉक्टर को सटीक जानकारी मिलने से बेहतर और शीघ्र उपचार संभव हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मरीज की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति उसका मेडिकल डाटा नहीं देख सकता। डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। यह व्यवस्था आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगी, क्योंकि स्वास्थ्य से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित और आसानी से सुलभ रहेगा।डिजिटल सेवा... 7.50 लाख को मिली आभा आईडी
पूंडरी व गुहला में पंजीकरण केंद्र, और खुलेंगे सब-सेंटर
जिले में आभा आईडी बनाने के लिए पूंडरी और गुहला में पहले ही पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल्द ही आठ नए सब-सेंटर खोले जाएंगे। साथ ही दो पीएचसी केंद्रों को भी आभा आईडी सेंटर में परिवर्तित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठा सकें।
आयुष्मान भारत हेल्थ आईडी बनाने की प्रक्रिया
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दिए गए लिंक पर क्लिक करें: healthid.abdm.gov.in
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अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नंबर दर्ज करें
n ‘सहमत हूं’ पर क्लिक करें
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सबमिट पर क्लिक करें
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आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें
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अपना ईमेल आईडी दर्ज करें
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आभा आईडी बन जाने के बाद उसे डाउनलोड कर सकते हैं
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कैथल। जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। अब तक जिले में लगभग 7.50 लाख नागरिकों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में करीब पांच लाख और लोगों के आवेदन आने की संभावना है, जिससे आभा आईडी धारकों की संख्या में और इजाफा होगा।
अधिकारियों ने बताया कि आभा आईडी किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए बनाई जा सकती है और भविष्य में इसे सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य किए जाने की योजना भी प्रस्तावित है। आभा आईडी के तहत मरीज का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है। इसमें जांच रिपोर्ट, दवाइयों का विवरण, डॉक्टर की पर्चियां, उपचार से संबंधित पूरी मेडिकल हिस्ट्री और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जानकारियां शामिल होती हैं।
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डॉक्टर को मिलेगी पूरी मेडिकल हिस्ट्री, समय और धन की बचत
अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टर आभा आईडी के माध्यम से मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री तुरंत देख सकेंगे। इससे एक ही प्रकार के टेस्ट बार-बार कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे मरीज का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही डॉक्टर को सटीक जानकारी मिलने से बेहतर और शीघ्र उपचार संभव हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मरीज की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति उसका मेडिकल डाटा नहीं देख सकता। डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। यह व्यवस्था आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगी, क्योंकि स्वास्थ्य से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित और आसानी से सुलभ रहेगा।डिजिटल सेवा... 7.50 लाख को मिली आभा आईडी
पूंडरी व गुहला में पंजीकरण केंद्र, और खुलेंगे सब-सेंटर
जिले में आभा आईडी बनाने के लिए पूंडरी और गुहला में पहले ही पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल्द ही आठ नए सब-सेंटर खोले जाएंगे। साथ ही दो पीएचसी केंद्रों को भी आभा आईडी सेंटर में परिवर्तित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठा सकें।
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आभा आईडी बन जाने के बाद उसे डाउनलोड कर सकते हैं