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Kaithal News: बात्ता गांव की पीएचसी में सिमटी स्वास्थ्य सुविधाएं, दो माह से नहीं हो रहे बात्ता पीएचसी में प्रसव
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24केएलटी5: डिलीवरी हट की जर्जर छत
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कलायत। बात्ता गांव की आधे अधूरे भवन व सभी मेडिकल सुविधाओं को पूरा करवाने के लिए समाजसेवी संगठनों ने निदेशक स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। समाजसेवी संजीव कुमार ने बताया की निदेशक स्वास्थ्य विभाग से व्यक्तिगत रूप से मिल कर स्थिति की जानकारी देने के लिए समय मांगा है। उन्होंने बताया की गांव बात्ता राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। लंबे समय से इस पीएचसी का भवन अधूरा ही है और केवल गिनी चुनीं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।
बात्ता गांव की आबादी 15 हजार है और इस पीएचसी के साथ गांव नरवलगढ़, कैलरम, ब्राह्मणीवाला व दुमाडा को जोड़ा गया है। पीएचसी में न तो नियमित एमओ है और न ही नर्सिंग स्टाफ। अभी दो माह गांव बात्ता की पीएचसी का डिलिवरी हट भी बंद कर दिया गया। डिलिवरी हट के बंद होने से पांच गांवों की गर्भवती महिलाओं व उनके परिवारों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संजीव ने बताया की 27 जनवरी 2023 को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पीएचसी बात्ता का औचक निरीक्षण किया था। अस्पताल की हालत से खुश नजर नहीं आए राज्यपाल ने निरीक्षण के दौरान निरीक्षक कक्ष, केंद्र परिसर, शौचालय, डिलीवरी कक्ष आदि का बारीकी से निरीक्षण करते हुए केंद्र में दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया था।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी आदेश दिए थे कि एक माह में स्वास्थ्य केंद्र की रिपेयर, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं व साफ-सफाई आदि का कार्य पूरा करें ताकि इस केंद्र में आने वाले लोगों को अच्छे वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। उनके द्वारा दिए गए आदेशों को तीन साल हो गए पर सुविधाएं बढ़ना तो दूर डिलीवरी हट के रूप में पहले से मिल रही सुविधाओं को भी बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों का एक शिष्टमंडल निदेशक स्वास्थ्य विभाग से व्यक्तिगत रूप से जाकर मिलेगा और चिकित्सा सुविधाओं व भवन को पूरा करने की मांग करेगा। इस बारे में एसएमओ डाॅ. किरण चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया की डिलीवरी हट को बंद नहीं किया गया बल्कि कुछ समय के लिए होल्ड पर रखा गया है। ओटी की छत रिपेयर मांग रही है उसके पूरा होते ही डिलीवरी की सुविधा पीएचसी में शुरू हो जाऐगी।
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बात्ता गांव की आबादी 15 हजार है और इस पीएचसी के साथ गांव नरवलगढ़, कैलरम, ब्राह्मणीवाला व दुमाडा को जोड़ा गया है। पीएचसी में न तो नियमित एमओ है और न ही नर्सिंग स्टाफ। अभी दो माह गांव बात्ता की पीएचसी का डिलिवरी हट भी बंद कर दिया गया। डिलिवरी हट के बंद होने से पांच गांवों की गर्भवती महिलाओं व उनके परिवारों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संजीव ने बताया की 27 जनवरी 2023 को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पीएचसी बात्ता का औचक निरीक्षण किया था। अस्पताल की हालत से खुश नजर नहीं आए राज्यपाल ने निरीक्षण के दौरान निरीक्षक कक्ष, केंद्र परिसर, शौचालय, डिलीवरी कक्ष आदि का बारीकी से निरीक्षण करते हुए केंद्र में दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया था।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी आदेश दिए थे कि एक माह में स्वास्थ्य केंद्र की रिपेयर, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं व साफ-सफाई आदि का कार्य पूरा करें ताकि इस केंद्र में आने वाले लोगों को अच्छे वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। उनके द्वारा दिए गए आदेशों को तीन साल हो गए पर सुविधाएं बढ़ना तो दूर डिलीवरी हट के रूप में पहले से मिल रही सुविधाओं को भी बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों का एक शिष्टमंडल निदेशक स्वास्थ्य विभाग से व्यक्तिगत रूप से जाकर मिलेगा और चिकित्सा सुविधाओं व भवन को पूरा करने की मांग करेगा। इस बारे में एसएमओ डाॅ. किरण चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया की डिलीवरी हट को बंद नहीं किया गया बल्कि कुछ समय के लिए होल्ड पर रखा गया है। ओटी की छत रिपेयर मांग रही है उसके पूरा होते ही डिलीवरी की सुविधा पीएचसी में शुरू हो जाऐगी।