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Kaithal News: गांव बात्ता में पेयजल का किया गया ओटी टेस्ट
Tue, 14 Jul 2026 06:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 14 Jul 2026 06:06 AM IST
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कलायत। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपमंडल के गांव बात्ता में ऑर्थो-टोलिडाइन टेस्ट किया गया जिसमें क्लोरीन पाजिटिव पाई गई। स्वास्थ्य निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया की ओटी एक रासायनिक परीक्षण है जिसका मुख्य उपयोग पीने के पानी में मौजूद अवशिष्ट क्लोरीन की मात्रा का पता लगाने के लिए किया जाता है।
उन्होंने बताया की पानी को शुद्ध करने और बैक्टीरिया-मुक्त रखने के लिए उसमें क्लोरीन मिलाया जाता है। यह टेस्ट सुनिश्चित करता है कि क्लोरीन सुरक्षित स्तर (0.2 से 1.0 मिलीग्राम/लीटर) में मौजूद है या नहीं।
उन्होंने बताया की जब ऑर्थो-टोलिडाइन नामक रसायन को पानी के नमूने में मिलाया जाता है तो यह क्लोरीन के साथ प्रतिक्रिया करके पानी का रंग पीला कर देता है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से विनोद कुमार, सुरेश कुमार व कुलदीप कुमार तथा जन स्वास्थ्य विभाग से संजीव शर्मा मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने बताया की पानी को शुद्ध करने और बैक्टीरिया-मुक्त रखने के लिए उसमें क्लोरीन मिलाया जाता है। यह टेस्ट सुनिश्चित करता है कि क्लोरीन सुरक्षित स्तर (0.2 से 1.0 मिलीग्राम/लीटर) में मौजूद है या नहीं।
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उन्होंने बताया की जब ऑर्थो-टोलिडाइन नामक रसायन को पानी के नमूने में मिलाया जाता है तो यह क्लोरीन के साथ प्रतिक्रिया करके पानी का रंग पीला कर देता है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से विनोद कुमार, सुरेश कुमार व कुलदीप कुमार तथा जन स्वास्थ्य विभाग से संजीव शर्मा मौजूद रहे। संवाद
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