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Kaithal News: रोडवेज कर्मचारियों ने निजीकरण का जताया रोष
Mon, 10 Aug 2026 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:44 AM IST
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बैठक करते हुए रोडवेज कर्मचारी। विज्ञप्ति
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कैथल। रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा 1004 संबंधित महासंघ कैथल डिपो की बैठक रविवार को बस स्टैंड स्थित यूनियन कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता डिपो प्रधान प्रवीण कुमार व सुशील कुमार ने की, जबकि मंच संचालन डिपो सचिव बलवान कुंडू ने किया।
बैठक में राज्य नेता कृष्ण किछाना, महावीर संधू और जसवीर सिंह ने कहा कि बिजली बोर्ड में एग्री डिस्कॉम के नाम पर गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था को निजी क्षेत्र को देने की नीति का यूनियन खुलकर विरोध करती है। उन्होंने इसे कर्मचारी और आम जनता विरोधी नीति बताते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था का निजीकरण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में बिजली व रोडवेज विभाग के कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर भी चर्चा की गई। कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने, एक्स-ग्रेशिया स्कीम पर लगाई गई शर्तें हटाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि समय रहते कर्मचारियों की मांगों को लागू किया जाए, अन्यथा प्रदेश में आंदोलन और तेज हो सकता है। डिपो प्रधान प्रवीण कुमार और सचिव बलवान कुंडू ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारियों को अकेला न समझे। रोडवेज सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं। बैठक में अमित कुमार, दिलबाग, शमशेर सिंह, मनोज मटोर, जयभगवान, मनोज खरक, कमल, इंद्रपाल, दिलबाग खरक, अरुण कुमार, गुरमेल, राजपाल सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
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बैठक में राज्य नेता कृष्ण किछाना, महावीर संधू और जसवीर सिंह ने कहा कि बिजली बोर्ड में एग्री डिस्कॉम के नाम पर गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था को निजी क्षेत्र को देने की नीति का यूनियन खुलकर विरोध करती है। उन्होंने इसे कर्मचारी और आम जनता विरोधी नीति बताते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था का निजीकरण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में बिजली व रोडवेज विभाग के कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर भी चर्चा की गई। कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने, एक्स-ग्रेशिया स्कीम पर लगाई गई शर्तें हटाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
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यूनियन नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि समय रहते कर्मचारियों की मांगों को लागू किया जाए, अन्यथा प्रदेश में आंदोलन और तेज हो सकता है। डिपो प्रधान प्रवीण कुमार और सचिव बलवान कुंडू ने कहा कि सरकार बिजली कर्मचारियों को अकेला न समझे। रोडवेज सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं। बैठक में अमित कुमार, दिलबाग, शमशेर सिंह, मनोज मटोर, जयभगवान, मनोज खरक, कमल, इंद्रपाल, दिलबाग खरक, अरुण कुमार, गुरमेल, राजपाल सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
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