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सख्ती : अब अनुमति के बिना नहीं कटेंगे पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अहम फैसले हरियाणा में अब बिना अनुमति पेड़ काटना आसान नहीं होगा। इसके बाद कैथल में वन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से पेड़ों की कटाई पर सख्ती कर दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अब बिना अनुमति किसी भी पेड़ को काटने पर रोक रहेगी।
प्रदेश में लगातार घटते वन क्षेत्र और बिगड़ते पर्यावरण संतुलन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब आम नागरिकों से लेकर संस्थानों तक सभी को पेड़ काटने से पहले संबंधित विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इस आदेश के बाद से अब यदि कोई व्यक्ति अपने निजी या कृषि भूमि में भी पेड़ कटवाना चाहता है, तो उसे वन विभाग या संबंधित अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ भूमि से संबंधित दस्तावेज और पेड़ की जानकारी देना जरूरी होगा। अनुमति मिलने के बाद ही पेड़ काटे जा सकेंगे।
जिला प्रशासन की पेड़ न काटने की अपील : इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि नियमों का पालन करें और बिना अनुमति पेड़ न काटें, ताकि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
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प्रदेश में लगातार घटते वन क्षेत्र और बिगड़ते पर्यावरण संतुलन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब आम नागरिकों से लेकर संस्थानों तक सभी को पेड़ काटने से पहले संबंधित विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इस आदेश के बाद से अब यदि कोई व्यक्ति अपने निजी या कृषि भूमि में भी पेड़ कटवाना चाहता है, तो उसे वन विभाग या संबंधित अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ भूमि से संबंधित दस्तावेज और पेड़ की जानकारी देना जरूरी होगा। अनुमति मिलने के बाद ही पेड़ काटे जा सकेंगे।
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जिला प्रशासन की पेड़ न काटने की अपील : इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि नियमों का पालन करें और बिना अनुमति पेड़ न काटें, ताकि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।