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Kaithal News: विदेश में रिश्तेदार बनकर बुजुर्ग से 23 लाख की ठगी, दो गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चीका क्षेत्र के एक बुजुर्ग से विदेश में रिश्तेदार बनकर 23 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहम्मद आरिज निवासी हत्थ हकीम मोहल्ला, शाहाबाद (जिला हरदोई, यूपी) और सुनील निवासी गांव उधमपुर (जिला हरदोई, यूपी) शामिल हैं।
मामले की जांच साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु के नेतृत्व में एएसआई प्रदीप कुमार की टीम ने की। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन के अनुसार, चीका के वार्ड नंबर 16 निवासी संतोख ने शिकायत दी थी कि उसके दो बेटे पिछले 15 वर्षों से इटली में रह रहे हैं।
उसके साले बहादुर के बेटे बलराज और मनजीत भी इटली में हैं, जिनमें से मनजीत बचपन से ही उनके साथ रहा, इसलिए वह उसे बेटे की तरह मानता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 29 मई 2023 को संतोख के पास एक विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मनजीत बताते हुए फूफा कहकर बात की, जिससे वह भावनात्मक रूप से विश्वास में आ गया।
आरोपी ने कहा कि वह 15 दिन बाद भारत आ रहा है और इटली में कागजात बनवाने के लिए 3 लाख रुपये देने हैं। इस पर संतोख ने बताए गए बैंक खाते में पहले 15 हजार रुपये जमा करा दिए।
बीमारी और कागजात के नाम पर बढ़ती गई ठगी : इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने कॉल कर खुद को कागजात तैयार कराने वाला बताते हुए कहा कि उसकी मां बीमार है और उसे पैसों की जरूरत है। इस पर पीड़ित ने 2 लाख 85 हजार रुपये और भेज दिए।
फिर दोबारा कॉल कर मां की हालत ज्यादा गंभीर बताई गई, जिस पर उसने एक लाख रुपये और जमा करा दिए।
हादसे और जुर्माने का बहाना बनाकर हड़पी मोटी रकम : इसके बाद एक अन्य कॉल में बताया गया कि मनजीत का एक्सीडेंट हो गया है और एक विदेशी युवक घायल होकर
कोमा में चला गया है। मनजीत के पास लाइसेंस न होने के कारण उस पर 1 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना बताया गया। इस पर पीड़ित ने यह राशि भी जमा कर दी।
इसके बाद आरोपियों ने पुलिस और कोर्ट का डर दिखाकर 2 लाख 20 हजार रुपये ‘पुलिस खर्च’ और 3 लाख रुपये ‘जज को देने’ के नाम पर ठग लिए। आखिर में आरोपियों ने कहा कि घायल युवक की मौत हो गई है और मामला रफा-दफा करने के लिए 50 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने 6 लाख में समझौता करा दिया है। घबराए पीड़ित ने 6 लाख रुपये और भेज दिए।
साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था बैंक खाता
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी सुनील ने ठगी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जबकि मोहम्मद आरिज ने यह खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया। पुलिस ने आरोपी सुनील को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि मोहम्मद आरिज का दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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कैथल। चीका क्षेत्र के एक बुजुर्ग से विदेश में रिश्तेदार बनकर 23 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहम्मद आरिज निवासी हत्थ हकीम मोहल्ला, शाहाबाद (जिला हरदोई, यूपी) और सुनील निवासी गांव उधमपुर (जिला हरदोई, यूपी) शामिल हैं।
मामले की जांच साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्रांशु के नेतृत्व में एएसआई प्रदीप कुमार की टीम ने की। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन के अनुसार, चीका के वार्ड नंबर 16 निवासी संतोख ने शिकायत दी थी कि उसके दो बेटे पिछले 15 वर्षों से इटली में रह रहे हैं।
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उसके साले बहादुर के बेटे बलराज और मनजीत भी इटली में हैं, जिनमें से मनजीत बचपन से ही उनके साथ रहा, इसलिए वह उसे बेटे की तरह मानता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 29 मई 2023 को संतोख के पास एक विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मनजीत बताते हुए फूफा कहकर बात की, जिससे वह भावनात्मक रूप से विश्वास में आ गया।
आरोपी ने कहा कि वह 15 दिन बाद भारत आ रहा है और इटली में कागजात बनवाने के लिए 3 लाख रुपये देने हैं। इस पर संतोख ने बताए गए बैंक खाते में पहले 15 हजार रुपये जमा करा दिए।
बीमारी और कागजात के नाम पर बढ़ती गई ठगी : इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने कॉल कर खुद को कागजात तैयार कराने वाला बताते हुए कहा कि उसकी मां बीमार है और उसे पैसों की जरूरत है। इस पर पीड़ित ने 2 लाख 85 हजार रुपये और भेज दिए।
फिर दोबारा कॉल कर मां की हालत ज्यादा गंभीर बताई गई, जिस पर उसने एक लाख रुपये और जमा करा दिए।
हादसे और जुर्माने का बहाना बनाकर हड़पी मोटी रकम : इसके बाद एक अन्य कॉल में बताया गया कि मनजीत का एक्सीडेंट हो गया है और एक विदेशी युवक घायल होकर
कोमा में चला गया है। मनजीत के पास लाइसेंस न होने के कारण उस पर 1 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना बताया गया। इस पर पीड़ित ने यह राशि भी जमा कर दी।
इसके बाद आरोपियों ने पुलिस और कोर्ट का डर दिखाकर 2 लाख 20 हजार रुपये ‘पुलिस खर्च’ और 3 लाख रुपये ‘जज को देने’ के नाम पर ठग लिए। आखिर में आरोपियों ने कहा कि घायल युवक की मौत हो गई है और मामला रफा-दफा करने के लिए 50 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने 6 लाख में समझौता करा दिया है। घबराए पीड़ित ने 6 लाख रुपये और भेज दिए।
साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था बैंक खाता
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी सुनील ने ठगी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जबकि मोहम्मद आरिज ने यह खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया। पुलिस ने आरोपी सुनील को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि मोहम्मद आरिज का दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।