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Kaithal News: ग्योंग के दो उभरते हैंडबॉल खिलाड़ियों ने बढ़ाया गांव का मान
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तनिष
- फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला पुलिसकर्मी।
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कैथल। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद गांव ग्योंग के दो युवा हैंडबॉल खिलाड़ी तनिष और अरमान मेहनत और लगन के बल पर खेल जगत में पहचान बना रहे हैं। दोनों खिलाड़ी सरकारी स्कूल ग्योंग में पढ़ाई के साथ-साथ हैंडबॉल का नियमित अभ्यास कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं।
कोच रविंद्र के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ी पिछले तीन वर्षों से सरकारी स्कूल ग्योंग के मैदान में रोजाना करीब छह घंटे अभ्यास करते हैं। उनकी मेहनत का परिणाम है कि कम उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। कोच रविंद्र ने बताया कि तनिष और अरमान दोनों ही प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने कम समय में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और अवसर मिलते रहे तो वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
तनिष ने राष्ट्रीय स्तर पर जीता रजत पदक
गांव ग्योंग निवासी 13 वर्षीय तनिष वर्ष 2021 से हैंडबॉल खेल रहे हैं। उनके पिता अनुप कुमार मजदूरी करते हैं। आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित किया। तनिष अब तक तीन बार राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। इनमें से एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल कर जिले और गांव का नाम रोशन किया। तनिष का कहना है कि वह भविष्य में भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
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अरमान : विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं छोड़ा खेल का जुनून
13 वर्षीय अरमान भी गांव ग्योंग के रहने वाले हैं और वर्ष 2021 से हैंडबॉल खेल रहे हैं। उनके पिता रघुबीर का निधन हो चुका है। परिवार में दो भाई हैं। कठिन पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद अरमान ने खेल के प्रति अपना जुनून बरकरार रखा है। अरमान इसी वर्ष जनवरी में आयोजित राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। उनका कहना है कि खेल ही उनकी पहचान है और वे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करना चाहते हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि यदि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं। गांव ग्योंग के लोग भी इन खिलाड़ियों की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
कोच रविंद्र के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ी पिछले तीन वर्षों से सरकारी स्कूल ग्योंग के मैदान में रोजाना करीब छह घंटे अभ्यास करते हैं। उनकी मेहनत का परिणाम है कि कम उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। कोच रविंद्र ने बताया कि तनिष और अरमान दोनों ही प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने कम समय में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। यदि उन्हें बेहतर सुविधाएं और अवसर मिलते रहे तो वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
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तनिष ने राष्ट्रीय स्तर पर जीता रजत पदक
गांव ग्योंग निवासी 13 वर्षीय तनिष वर्ष 2021 से हैंडबॉल खेल रहे हैं। उनके पिता अनुप कुमार मजदूरी करते हैं। आर्थिक परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद परिवार ने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित किया। तनिष अब तक तीन बार राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। इनमें से एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल कर जिले और गांव का नाम रोशन किया। तनिष का कहना है कि वह भविष्य में भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
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तनिष- फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला पुलिसकर्मी।

तनिष- फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला पुलिसकर्मी।

तनिष- फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला पुलिसकर्मी।