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Karnal News: चार डिवीजन के 18 स्टेशन हुए पार… स्लीपर कोच में बे-टिकट यात्रा करता रहा दीपक
Thu, 28 May 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 28 May 2026 01:46 AM IST
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करनाल।
झेलम एक्सप्रेस में जम्मू से मुंबई जा रहे 35 वर्षीय दीपक की मौत के बाद अब रेलवे की चेकिंग व्यवस्था बड़े सवालों के घेरे में है। दीपक बिना टिकट के ही स्लीपर कोच एस-4 में सफर कर रहा था। हैरानी की बात यह रही कि जम्मू से करनाल तक ट्रेन चार रेलवे डिवीजन और कुल 18 स्टेशन से होकर गुजरी लेकिन किसी भी स्तर पर उसे पकड़ा नहीं गया।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले का रहने वाला दीपक की ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मौत हो गई। रेलवे पुलिस और अधिकारियों की जांच में पता चला कि उसके पास कोई टिकट नहीं था। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रेलवे की नियमित चेकिंग व्यवस्था कहां थी और इतने लंबे सफर के दौरान किसी कर्मचारी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।
झेलम एक्सप्रेस जम्मू डिवीजन से चलकर फिरोजपुर, अंबाला और दिल्ली डिवीजन के रास्ते करनाल पहुंची। इस दौरान ट्रेन में टीटीई, आरपीएफ और अन्य चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी भी रहती है। बावजूद इसके बिना टिकट यात्री का स्लीपर कोच में लगातार सफर करते रहना रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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समय रहते जांच होती तो बच सकती थी जान...
यात्रियों ने रेलवे के अधिकारियों को दीपक के शराब के नशे में होने की जानकारी दी है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। झेलम एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे मोहन सिंह ने कहा कि यदि टीटीई या रेलवे स्टाफ समय रहते उससे पूछताछ करता, उसकी स्थिति को नोटिस करता या मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाती, तो संभव है कि उसकी जान बच जाती।
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झेलम एक्सप्रेस में जम्मू से मुंबई जा रहे 35 वर्षीय दीपक की मौत के बाद अब रेलवे की चेकिंग व्यवस्था बड़े सवालों के घेरे में है। दीपक बिना टिकट के ही स्लीपर कोच एस-4 में सफर कर रहा था। हैरानी की बात यह रही कि जम्मू से करनाल तक ट्रेन चार रेलवे डिवीजन और कुल 18 स्टेशन से होकर गुजरी लेकिन किसी भी स्तर पर उसे पकड़ा नहीं गया।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले का रहने वाला दीपक की ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मौत हो गई। रेलवे पुलिस और अधिकारियों की जांच में पता चला कि उसके पास कोई टिकट नहीं था। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रेलवे की नियमित चेकिंग व्यवस्था कहां थी और इतने लंबे सफर के दौरान किसी कर्मचारी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।
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झेलम एक्सप्रेस जम्मू डिवीजन से चलकर फिरोजपुर, अंबाला और दिल्ली डिवीजन के रास्ते करनाल पहुंची। इस दौरान ट्रेन में टीटीई, आरपीएफ और अन्य चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी भी रहती है। बावजूद इसके बिना टिकट यात्री का स्लीपर कोच में लगातार सफर करते रहना रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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समय रहते जांच होती तो बच सकती थी जान...
यात्रियों ने रेलवे के अधिकारियों को दीपक के शराब के नशे में होने की जानकारी दी है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। झेलम एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे मोहन सिंह ने कहा कि यदि टीटीई या रेलवे स्टाफ समय रहते उससे पूछताछ करता, उसकी स्थिति को नोटिस करता या मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाती, तो संभव है कि उसकी जान बच जाती।
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