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Karnal News: सफाई पर रोजाना 25000 रुपये खर्च, फिर भी गंदगी के ढेर
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मन्दिर मार्ग पर पड़ा हुआ कूड़ा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। कूड़ा उठान की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के दावों के बावजूद सड़कों और गलियों में गंदगी फैली है। नगर पालिका के अनुसार, डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए निजी कंपनी को प्रतिदिन करीब 25 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है।
यहां विभिन्न वार्डों में औसतन प्रतिदिन 11 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। घरों से कूड़ा उठाने का ठेका सुगम स्वच्छता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया हुआ है। इस कार्य के लिए पांच वाहन लगाए गए हैं लेकिन ये इंतजाम नाकाफी हैं। लोगों का कहना है कि हर वर्ष नगरपालिका को कूड़ा उठान के लिए अतिरिक्त शुल्क अदा करते हैं, इसके बावजूद उन्हें नियमित सुविधा नहीं मिल रही।
कई गलियों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां कई दिन तक नहीं पहुंचती, लोग मजबूर होकर सड़कों और खाली स्थानों पर कचरा डाल रहे हैं। लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग डालने के लिए नगरपालिका के प्रेरकों की ओर से विभिन्न वार्डों में जागरूकता रैलियां निकाली गईं और गीला व सूखा कूड़ा अलग रखने के लिए डस्टबिन वितरित किए गए लेकिन जमीनी स्तर पर इन प्रयासों का असर नगण्य नजर आ रहा है। नपा के प्रेरक नरेश कुमार व संगीता ने बताया कि लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने और वाहन में डालने के लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
वर्जन
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए कम्पनी को 2300 रुपये प्रति टन के हिसाब से प्रतिदिन करीब 25300 और प्रति माह करीबन 7.60 लाख भुगतान किया जाता है। अगर डोर-टू-डोर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा तो लोग नगर पालिका कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
- राहुल सैनी, सचिव, नगर पालिका
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नीलोखेड़ी। कूड़ा उठान की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के दावों के बावजूद सड़कों और गलियों में गंदगी फैली है। नगर पालिका के अनुसार, डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए निजी कंपनी को प्रतिदिन करीब 25 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है।
यहां विभिन्न वार्डों में औसतन प्रतिदिन 11 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। घरों से कूड़ा उठाने का ठेका सुगम स्वच्छता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया हुआ है। इस कार्य के लिए पांच वाहन लगाए गए हैं लेकिन ये इंतजाम नाकाफी हैं। लोगों का कहना है कि हर वर्ष नगरपालिका को कूड़ा उठान के लिए अतिरिक्त शुल्क अदा करते हैं, इसके बावजूद उन्हें नियमित सुविधा नहीं मिल रही।
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कई गलियों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां कई दिन तक नहीं पहुंचती, लोग मजबूर होकर सड़कों और खाली स्थानों पर कचरा डाल रहे हैं। लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग डालने के लिए नगरपालिका के प्रेरकों की ओर से विभिन्न वार्डों में जागरूकता रैलियां निकाली गईं और गीला व सूखा कूड़ा अलग रखने के लिए डस्टबिन वितरित किए गए लेकिन जमीनी स्तर पर इन प्रयासों का असर नगण्य नजर आ रहा है। नपा के प्रेरक नरेश कुमार व संगीता ने बताया कि लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने और वाहन में डालने के लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
वर्जन
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए कम्पनी को 2300 रुपये प्रति टन के हिसाब से प्रतिदिन करीब 25300 और प्रति माह करीबन 7.60 लाख भुगतान किया जाता है। अगर डोर-टू-डोर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा तो लोग नगर पालिका कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
- राहुल सैनी, सचिव, नगर पालिका
