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Karnal News: 10 दिन में शहर में जमा हुआ 350 से 400 टन कूड़ा
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मुगल केनाल में लगा कूड़े का ढेर संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। हड़ताल के दस दिन पूरे होने के बाद शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों, कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। पिछले 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 350 से 400 टन तक अतिरिक्त कूड़ा जमा हो चुका है। कई स्थानों पर कई दिनों से कूड़ा नहीं उठने से बदबू फैलने लगी है। वहीं गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र से सामान्य दिनों में रोजाना करीब 210 से 220 टन कूड़ा निकलता था पर हड़ताल के कारण अब केवल 180 से 190 टन तक ही कूड़े का उठान हो पा रहा है। यानी प्रतिदिन करीब 30 से 40 टन कूड़ा शहर में ही पड़ा रह जा रहा है। हालांकि शहर की तकरीबन सभी सड़कों पर इस वक्त कूड़ा पड़ा है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी मुगल कैनाल, पुराने शहर में देखी जा रही है। बाजारों और आउटर कॉलोनियों में भी कूड़े के बड़े ढेर लगने लगे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर देखने को मिल रही है। कई जगहों पर कूड़ेदानों के बाहर तक कचरा फैल चुका है। आवारा पशु कूड़े को सड़कों पर बिखेर रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण निगम की व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित नजर आ रही है। निगम द्वारा निजी एजेंसियों और उपलब्ध संसाधनों के जरिए कूड़ा उठाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन यह व्यवस्था शहर की पूरी जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही। निगम के पास सीमित संसाधन होने के कारण रोजाना बड़ी मात्रा में कूड़ा सड़कों पर ही रह जा रहा है।
शहरवासियों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि सोमवार को भी सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में आगामी दिनों तक स्थिति और खराब होने की आशंका है। सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 मई तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि इसी शहर ने हाल ही में स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में प्रदेशभर में पहला और देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था। स्वच्छता के लिए पहचान बना चुका शहर अब जगह-जगह फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से जूझ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जिस शहर ने स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, वहां अब सड़कों पर फैली गंदगी बेहद निराशाजनक स्थिति पैदा कर रही है।
उधर, सफाई कर्मचारी यूनियन का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं निगम प्रशासन लगातार कर्मचारियों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवाने के प्रयास में जुटा हुआ है। अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार का कहना है कि उम्मीद है जल्द सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हों और वे काम पर लौटे ताकि सफाई व्यवस्था फिर पटरी पर आ सके।
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करनाल। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। हड़ताल के दस दिन पूरे होने के बाद शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों, कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। पिछले 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 350 से 400 टन तक अतिरिक्त कूड़ा जमा हो चुका है। कई स्थानों पर कई दिनों से कूड़ा नहीं उठने से बदबू फैलने लगी है। वहीं गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र से सामान्य दिनों में रोजाना करीब 210 से 220 टन कूड़ा निकलता था पर हड़ताल के कारण अब केवल 180 से 190 टन तक ही कूड़े का उठान हो पा रहा है। यानी प्रतिदिन करीब 30 से 40 टन कूड़ा शहर में ही पड़ा रह जा रहा है। हालांकि शहर की तकरीबन सभी सड़कों पर इस वक्त कूड़ा पड़ा है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी मुगल कैनाल, पुराने शहर में देखी जा रही है। बाजारों और आउटर कॉलोनियों में भी कूड़े के बड़े ढेर लगने लगे हैं।
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सबसे ज्यादा परेशानी घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर देखने को मिल रही है। कई जगहों पर कूड़ेदानों के बाहर तक कचरा फैल चुका है। आवारा पशु कूड़े को सड़कों पर बिखेर रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण निगम की व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित नजर आ रही है। निगम द्वारा निजी एजेंसियों और उपलब्ध संसाधनों के जरिए कूड़ा उठाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन यह व्यवस्था शहर की पूरी जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही। निगम के पास सीमित संसाधन होने के कारण रोजाना बड़ी मात्रा में कूड़ा सड़कों पर ही रह जा रहा है।
शहरवासियों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि सोमवार को भी सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में आगामी दिनों तक स्थिति और खराब होने की आशंका है। सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 मई तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि इसी शहर ने हाल ही में स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में प्रदेशभर में पहला और देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था। स्वच्छता के लिए पहचान बना चुका शहर अब जगह-जगह फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से जूझ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जिस शहर ने स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, वहां अब सड़कों पर फैली गंदगी बेहद निराशाजनक स्थिति पैदा कर रही है।
उधर, सफाई कर्मचारी यूनियन का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं निगम प्रशासन लगातार कर्मचारियों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवाने के प्रयास में जुटा हुआ है। अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार का कहना है कि उम्मीद है जल्द सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हों और वे काम पर लौटे ताकि सफाई व्यवस्था फिर पटरी पर आ सके।