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Karnal News: दो लोक अदालत में 48209 मुकदमे निपटाए फिर भी 84232 मामले लंबित
Tue, 12 May 2026 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 12 May 2026 02:20 AM IST
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जगदीप
करनाल। घरौंडा, इंद्री, करनाल और असंध की अदालतों में 84232 मुकदमे लंबित हैं। इनमें 59511 आपराधिक और 24521 सिविल मामले शामिल हैं। लंबित मुकदमों का ये हाल तब है जब इस साल में दो लोक अदालत लग चुकी हैं। दोनों लोक अदालतों में 48209 पुराने मुकदमों के निपटान का दावा किया गया है। अगर पिछली दो लोक अदालतों की बात की जाए तो 14 मार्च को लगी लोक अदालत में 25920 और 9 मई को लगी लोक अदालत में 22289 मुकदमों का निपटारा हुआ था। इसके बावजूद बढ़ता मुकदमों का ये आंकड़ा जिला की न्यायिक व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर रहा है।
जिले की अदालतों में 972 मुकदमे गवाही के कारण अटके हैं। अगर गवाही हो जाए तो इनका फैसला आ सकता है। वहीं, 463 मुकदमों में वकील पेश नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा 22 मुकदमों वादी और परिवादी दोनों की रुचि नहीं है। जबकि 59 केस ऐसे हैं जिसमें और ज्यादा गवाहों की जरूरत है। वहीं 77 मामलों में हाई कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी किया है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड वेबसाइट पर जिला की अदालतों का विवरण दर्ज है।
आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो 149 मामले ऐसें है, जोकि पिछले 10 साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। पांच से दस साल के अंतराल से लंबित मामले 6624 हैं, इनमें 4098 आपराधिक हैं और 2526 सिविल मामले हैं। वहीं तीन से पांच साल से लंबित केसों की संख्या 15,437 है। इनमें 11312 केस आपराधिक और 4125 मामले सिविल के हैं। वहीं एक से तीन साल पुराने केस 27170 हैं। इनमें सिविल के 7747 और आपराधिक 19423 हैं। वहीं एक साल से कम समय से लंबित मामलों की संख्या 34852 है। यानि कुल मुकदमों का 41 प्रतिशत मुकदमे एक साल से लंबित हैं।
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हर महीने दर्ज हो रहे हजारों नए केस, पुराने केस बनते जा रहे बोझ
मामलों की संख्या में हर महीने हो रहा इजाफा भी चिंता का विषय है। एक माह में विभिन्न अदालतों में 4874 मुकदमे दायर हुए हैं। इनमें 3777 मुकदमे आपराधिक और 1097 सिविल हैं। वहीं, अगर बात की जाए तो मुकदमों के निपटान की तो पिछले एक माह में कुल 3921 मुकदमों का निपटारा हो पाया है। इनमें 2967 मामले आपराधिक और 954 मामले सिविल हैं। आंकड़े दर्शातें हैं कि जिले में विवाद और अपराध की घटनाएं तो बढ़ रही हैं, लेकिन न्यायिक संसाधन उस अनुपात में नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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मुकदमे लंबित
साल : मुकदमे
2014 : 25
2015 : 67
2016 : 117
2017 : 324
2018 : 1001
2019 : 2233
2020 : 2949
2021 : 5855
2022 : 9582
2023 : 12224
2024 : 14946
2025 : 22462
2026 : 12390
कुल : 84332
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पहली लोक अदालत से पहले और निपटान
14 मार्च 2026 तक लंबित मामले : 83,629
-14 मार्च को लोक अदालत में आए : 29428 मामले
-निपटान : 25920 मामले
-- -
दूसरी लोक अदालत से पहले के मामले और निपटान
-09 मई 2026 तक अदालतों में लंबित मामले : 84090
-09 मई को लोक अदालत में आए मामले : 26522
-निपटान : 22289
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करनाल। घरौंडा, इंद्री, करनाल और असंध की अदालतों में 84232 मुकदमे लंबित हैं। इनमें 59511 आपराधिक और 24521 सिविल मामले शामिल हैं। लंबित मुकदमों का ये हाल तब है जब इस साल में दो लोक अदालत लग चुकी हैं। दोनों लोक अदालतों में 48209 पुराने मुकदमों के निपटान का दावा किया गया है। अगर पिछली दो लोक अदालतों की बात की जाए तो 14 मार्च को लगी लोक अदालत में 25920 और 9 मई को लगी लोक अदालत में 22289 मुकदमों का निपटारा हुआ था। इसके बावजूद बढ़ता मुकदमों का ये आंकड़ा जिला की न्यायिक व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर रहा है।
जिले की अदालतों में 972 मुकदमे गवाही के कारण अटके हैं। अगर गवाही हो जाए तो इनका फैसला आ सकता है। वहीं, 463 मुकदमों में वकील पेश नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा 22 मुकदमों वादी और परिवादी दोनों की रुचि नहीं है। जबकि 59 केस ऐसे हैं जिसमें और ज्यादा गवाहों की जरूरत है। वहीं 77 मामलों में हाई कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी किया है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड वेबसाइट पर जिला की अदालतों का विवरण दर्ज है।
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आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो 149 मामले ऐसें है, जोकि पिछले 10 साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। पांच से दस साल के अंतराल से लंबित मामले 6624 हैं, इनमें 4098 आपराधिक हैं और 2526 सिविल मामले हैं। वहीं तीन से पांच साल से लंबित केसों की संख्या 15,437 है। इनमें 11312 केस आपराधिक और 4125 मामले सिविल के हैं। वहीं एक से तीन साल पुराने केस 27170 हैं। इनमें सिविल के 7747 और आपराधिक 19423 हैं। वहीं एक साल से कम समय से लंबित मामलों की संख्या 34852 है। यानि कुल मुकदमों का 41 प्रतिशत मुकदमे एक साल से लंबित हैं।
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हर महीने दर्ज हो रहे हजारों नए केस, पुराने केस बनते जा रहे बोझ
मामलों की संख्या में हर महीने हो रहा इजाफा भी चिंता का विषय है। एक माह में विभिन्न अदालतों में 4874 मुकदमे दायर हुए हैं। इनमें 3777 मुकदमे आपराधिक और 1097 सिविल हैं। वहीं, अगर बात की जाए तो मुकदमों के निपटान की तो पिछले एक माह में कुल 3921 मुकदमों का निपटारा हो पाया है। इनमें 2967 मामले आपराधिक और 954 मामले सिविल हैं। आंकड़े दर्शातें हैं कि जिले में विवाद और अपराध की घटनाएं तो बढ़ रही हैं, लेकिन न्यायिक संसाधन उस अनुपात में नहीं बढ़ पा रहे हैं।
मुकदमे लंबित
साल : मुकदमे
2014 : 25
2015 : 67
2016 : 117
2017 : 324
2018 : 1001
2019 : 2233
2020 : 2949
2021 : 5855
2022 : 9582
2023 : 12224
2024 : 14946
2025 : 22462
2026 : 12390
कुल : 84332
पहली लोक अदालत से पहले और निपटान
14 मार्च 2026 तक लंबित मामले : 83,629
-14 मार्च को लोक अदालत में आए : 29428 मामले
-निपटान : 25920 मामले
दूसरी लोक अदालत से पहले के मामले और निपटान
-09 मई 2026 तक अदालतों में लंबित मामले : 84090
-09 मई को लोक अदालत में आए मामले : 26522
-निपटान : 22289