{"_id":"69ed0e0beef01e8a38055ee8","slug":"a-32-member-peace-committee-has-been-formed-to-end-tensions-in-gondar-village-karnal-news-c-18-knl1018-893476-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: गोंदर गांव में तनाव खत्म करने के लिए बनाई 32 सदस्यीय शांति कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: गोंदर गांव में तनाव खत्म करने के लिए बनाई 32 सदस्यीय शांति कमेटी
Sun, 26 Apr 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
निसिंग गोंदर गांव में सूरज की हत्या के बाद पनपेंविवाद के बाद दोनों की पक्षों की महापंचायत में म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/निसिंग। गोंदर गांव में 18 अप्रैल को हुई सूरज की हत्या के बाद से गांव में दो समुदाय में तनाव को खत्म करने के लिए 32 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। मामले में अब कोई सोशल मीडिया पर पोस्ट करेगा या उकसाने वाले संदेश देगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। निसिंग थाने में शनिवार को राजपूत और दलित समाज के लोगों के बीच बैठक में यह निर्णय लिया गया।
प्रशासन की ओर से बैठक में घराैंडा डीएसपी मनोज कुमार, असंध डीएसपी गोरखपाल राणा व डीएसपी हेडक्वार्टर संदीप कुमार शामिल हुए। निसिंग थाना प्रभारी कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे। गोंदर व आसपास के गांवों से दोनों समाज के लोग बैठक में पहुंचे। 32 सदस्यीय कमेटी में दोनों पक्षों के लोग हैं।
लोगों ने खुद कहा कि अगर कोई भी अब सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करेगा या कोई भी भड़काऊ सामग्री डालेगा तो उसके खिलाफ कमेटी खुद पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई करवाएगी। बैठक में राजेंद्र राणा, मोहर सिंह सग्गा, अधिवक्ता भूपेंद्र, मदन राणा, रण सिंह चौहान, अधिवक्ता जसवंत, राजबीर बरास, राजबल, अनिल चौहान, राजीव मामू राम गोंदर, अशोक कुमार, मलखान, रिंकू घरौड़ा, दयाल गोंदर, महिपाल लागंयान, कृष्ण कुटेल, सतीश ढोकंल, रिंकू कोहंड़, संजय एडवोकेट, संदीप आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
-- -
प्रकरण अब तक
गांव के ही युवक कुलदीप की हत्या के आरोप में जेल से जमानत पर छूटे सूरज की हत्या 18 अप्रैल की शाम को की गई थी। निसिंग थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पांच आरोपी नामजद हैं जबकि तीन अज्ञात में है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजन और राजपूत समाज के लोगों ने 19 अप्रैल को कैथल-करनाल मार्ग पर जाम लगाया था। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान ही कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली जिसमें रानी देवी, कुलदीप और अजय नामजद हैं जबकि अन्य अज्ञात में है।
वीरवार को राजपूत समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर पुलिस अफसरों से कहा था कि रानी देवी माफी मांग चुकी हैं। कुलदीप और अजय ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। इसलिए प्राथमिकी को रद्द कर दिया जाए। साथ ही मांग की थी कि सूरज की हत्या की साजिश में शामिल लोगों को भी शामिल किया जाए। 10 से 12 लोग साजिश में शामिल बताए गए हैं।
इस प्रदर्शन के जवाब में शुक्रवार को दलित समाज के लोगों ने फव्वारा पार्क में दो घंटे की महापंचायत की। इसमें अल्टीमेटम दिया गया कि अगर पुलिस ने एससी-एसटी के मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। एडवोकेट सोनिया तंवर ने कहा कि जिन लोगों ने अनुसूचित जाति की महिलाओं का अपमान किया जाए, उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनके बेटे को धमकी दे रहे हैं। इसकी शिकायत पुलिस को अलग से दी है।
-- -
वर्जन
गोंदर में सूरज की हत्या के बाद राजपूत और दलित समुदाय के लोगों में आपसी तनाव बढ़ गया था। प्रशासन ने दोनों समाज के लोगों को बुलाकर निसिंग थाने में बैठक की। दोनों पक्षों की सहमति से से 32 लोगों की शांति कमेटी का गठन किया गया। ये कमेटी सोशल गांव में तनाव रोकने के लिए लोगों को समझाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कोई भी पक्ष मामले संबंधी पोस्ट नहीं डालेगा। पुलिस हत्या और एससी/एसटी एक्ट के मामले में अपनी जांच जारी रखेगी। दोषियों को काबू किया जाएगा। -संदीप कुमार, डीएसपी, हेड़क्वार्टर, करनाल पुलिस
विज्ञापन
करनाल/निसिंग। गोंदर गांव में 18 अप्रैल को हुई सूरज की हत्या के बाद से गांव में दो समुदाय में तनाव को खत्म करने के लिए 32 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। मामले में अब कोई सोशल मीडिया पर पोस्ट करेगा या उकसाने वाले संदेश देगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। निसिंग थाने में शनिवार को राजपूत और दलित समाज के लोगों के बीच बैठक में यह निर्णय लिया गया।
प्रशासन की ओर से बैठक में घराैंडा डीएसपी मनोज कुमार, असंध डीएसपी गोरखपाल राणा व डीएसपी हेडक्वार्टर संदीप कुमार शामिल हुए। निसिंग थाना प्रभारी कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे। गोंदर व आसपास के गांवों से दोनों समाज के लोग बैठक में पहुंचे। 32 सदस्यीय कमेटी में दोनों पक्षों के लोग हैं।
विज्ञापन
लोगों ने खुद कहा कि अगर कोई भी अब सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करेगा या कोई भी भड़काऊ सामग्री डालेगा तो उसके खिलाफ कमेटी खुद पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई करवाएगी। बैठक में राजेंद्र राणा, मोहर सिंह सग्गा, अधिवक्ता भूपेंद्र, मदन राणा, रण सिंह चौहान, अधिवक्ता जसवंत, राजबीर बरास, राजबल, अनिल चौहान, राजीव मामू राम गोंदर, अशोक कुमार, मलखान, रिंकू घरौड़ा, दयाल गोंदर, महिपाल लागंयान, कृष्ण कुटेल, सतीश ढोकंल, रिंकू कोहंड़, संजय एडवोकेट, संदीप आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
प्रकरण अब तक
गांव के ही युवक कुलदीप की हत्या के आरोप में जेल से जमानत पर छूटे सूरज की हत्या 18 अप्रैल की शाम को की गई थी। निसिंग थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पांच आरोपी नामजद हैं जबकि तीन अज्ञात में है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए परिजन और राजपूत समाज के लोगों ने 19 अप्रैल को कैथल-करनाल मार्ग पर जाम लगाया था। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान ही कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली जिसमें रानी देवी, कुलदीप और अजय नामजद हैं जबकि अन्य अज्ञात में है।
वीरवार को राजपूत समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर पुलिस अफसरों से कहा था कि रानी देवी माफी मांग चुकी हैं। कुलदीप और अजय ने कोई टिप्पणी नहीं की थी। इसलिए प्राथमिकी को रद्द कर दिया जाए। साथ ही मांग की थी कि सूरज की हत्या की साजिश में शामिल लोगों को भी शामिल किया जाए। 10 से 12 लोग साजिश में शामिल बताए गए हैं।
इस प्रदर्शन के जवाब में शुक्रवार को दलित समाज के लोगों ने फव्वारा पार्क में दो घंटे की महापंचायत की। इसमें अल्टीमेटम दिया गया कि अगर पुलिस ने एससी-एसटी के मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। एडवोकेट सोनिया तंवर ने कहा कि जिन लोगों ने अनुसूचित जाति की महिलाओं का अपमान किया जाए, उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनके बेटे को धमकी दे रहे हैं। इसकी शिकायत पुलिस को अलग से दी है।
वर्जन
गोंदर में सूरज की हत्या के बाद राजपूत और दलित समुदाय के लोगों में आपसी तनाव बढ़ गया था। प्रशासन ने दोनों समाज के लोगों को बुलाकर निसिंग थाने में बैठक की। दोनों पक्षों की सहमति से से 32 लोगों की शांति कमेटी का गठन किया गया। ये कमेटी सोशल गांव में तनाव रोकने के लिए लोगों को समझाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कोई भी पक्ष मामले संबंधी पोस्ट नहीं डालेगा। पुलिस हत्या और एससी/एसटी एक्ट के मामले में अपनी जांच जारी रखेगी। दोषियों को काबू किया जाएगा। -संदीप कुमार, डीएसपी, हेड़क्वार्टर, करनाल पुलिस