{"_id":"69f7b9fda82ff2170a01c4c2","slug":"administration-strict-on-burning-of-crop-residue-seven-control-rooms-created-karnal-news-c-18-knl1018-898365-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: फसल अवशेष जलाने पर सख्त प्रशासन, बनाए सात कंट्रोल रूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: फसल अवशेष जलाने पर सख्त प्रशासन, बनाए सात कंट्रोल रूम
Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है। फसल अवशेषों में आगजनी के दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, दोषी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में उसकी रेड एंट्री की जाएगी जिससे दोषी किसान अगले दो वर्ष तक अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा। इसे लेकर जिले में सात कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने की समस्या को रोकने के लिए पर्यावरण विभाग हरियाणा ने वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19(5) के प्रावधानों के अंतर्गत पूरे प्रदेश में गेहूं के अवशेषों को जलाने पर रोक लगा रखी है।
किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में हरसैक सैटेलाइट से 117 आगजनी की घटनाएं प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिला व खंड स्तर पर आगजनी की घटनाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल कक्ष बनाए गए हैं। इनमें किसान फसल अवशेष प्रबंधन की किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए संपर्क कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है। फसल अवशेषों में आगजनी के दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, दोषी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में उसकी रेड एंट्री की जाएगी जिससे दोषी किसान अगले दो वर्ष तक अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा। इसे लेकर जिले में सात कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने की समस्या को रोकने के लिए पर्यावरण विभाग हरियाणा ने वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19(5) के प्रावधानों के अंतर्गत पूरे प्रदेश में गेहूं के अवशेषों को जलाने पर रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में हरसैक सैटेलाइट से 117 आगजनी की घटनाएं प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिला व खंड स्तर पर आगजनी की घटनाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल कक्ष बनाए गए हैं। इनमें किसान फसल अवशेष प्रबंधन की किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए संपर्क कर सकता है।
विज्ञापन