{"_id":"6a1898c9d4b8092a0f056774","slug":"administration-strict-on-unauthorized-colony-of-real-estate-company-karnal-news-c-18-knl1018-916430-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: रियल एस्टेट कंपनी की अनधिकृत कॉलोनी पर प्रशासन सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: रियल एस्टेट कंपनी की अनधिकृत कॉलोनी पर प्रशासन सख्त
विज्ञापन
गांव कछवा में लगा बोर्ड।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गांव काछवा में विकसित की जा रही प्राइवेट रियल एस्टेट कंपनी स्पीड वे की अनधिकृत कॉलोनी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीटीपी कार्यालय ने परियोजना से जुड़े खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की बिक्री, लीज, पट्टानामा के पंजीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है।
डीटीपी कार्यालय की ओर से उप-रजिस्ट्रार कम तहसीलदार को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री नहीं की जाए। काछवा को 13 जनवरी को हरियाणा डेवलपमेंट रेगुलेशन (एचडीआर) एक्ट की धारा 2 (ओ) के तहत करनाल शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बावजूद क्षेत्र में खसरा नंबर 53/15/3, 16, 17/3, 23/1, 24/2, 25, 54/26, 54/11 सहित 30 से अधिक खसरा नंबरों में कथित रूप से अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही थी। डीटीपी ने इसे एक्ट का सीधा उल्लंघन माना है।
27 एकड़ में विकसित हो रही कॉलोनी
गांव काछवा में कंपनी करीब 27 एकड़ क्षेत्र में कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल कॉलोनी विकसित कर रही है। यहां बड़े स्तर पर सड़कें, भवन, बिजली के खंभे, कनेक्शन और ट्यूबवेल जैसी आधारभूत संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं। प्रशासन ने बिजली निगम को भी पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अनधिकृत कॉलोनी में किसी प्रकार के नए बिजली कनेक्शन जारी न किए जाएं।
विज्ञापन
वर्जन
अर्बन एरिया घोषित होने से पहले के निर्माण पर कार्रवाई नहीं कर सकते। अगर इसके बाद कोई भी निर्माण हुआ है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक बार पहले यहां कार्रवाई की गई थी, अगर अब दोबारा निर्माण होता है या नियम की उल्लंघना की जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल पत्र जारी करके कुछ खसरा नंबरों की रजिस्ट्री रोक दी है। -गुंजन वर्मा, डीटीपी
विज्ञापन
करनाल। गांव काछवा में विकसित की जा रही प्राइवेट रियल एस्टेट कंपनी स्पीड वे की अनधिकृत कॉलोनी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीटीपी कार्यालय ने परियोजना से जुड़े खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की बिक्री, लीज, पट्टानामा के पंजीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है।
डीटीपी कार्यालय की ओर से उप-रजिस्ट्रार कम तहसीलदार को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित खसरा नंबरों में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री नहीं की जाए। काछवा को 13 जनवरी को हरियाणा डेवलपमेंट रेगुलेशन (एचडीआर) एक्ट की धारा 2 (ओ) के तहत करनाल शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बावजूद क्षेत्र में खसरा नंबर 53/15/3, 16, 17/3, 23/1, 24/2, 25, 54/26, 54/11 सहित 30 से अधिक खसरा नंबरों में कथित रूप से अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही थी। डीटीपी ने इसे एक्ट का सीधा उल्लंघन माना है।
विज्ञापन
27 एकड़ में विकसित हो रही कॉलोनी
गांव काछवा में कंपनी करीब 27 एकड़ क्षेत्र में कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल कॉलोनी विकसित कर रही है। यहां बड़े स्तर पर सड़कें, भवन, बिजली के खंभे, कनेक्शन और ट्यूबवेल जैसी आधारभूत संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं। प्रशासन ने बिजली निगम को भी पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि अनधिकृत कॉलोनी में किसी प्रकार के नए बिजली कनेक्शन जारी न किए जाएं।
विज्ञापन
वर्जन
अर्बन एरिया घोषित होने से पहले के निर्माण पर कार्रवाई नहीं कर सकते। अगर इसके बाद कोई भी निर्माण हुआ है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक बार पहले यहां कार्रवाई की गई थी, अगर अब दोबारा निर्माण होता है या नियम की उल्लंघना की जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल पत्र जारी करके कुछ खसरा नंबरों की रजिस्ट्री रोक दी है। -गुंजन वर्मा, डीटीपी