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Karnal News: जनगणना... धुंधले नक्शों से धीमा रहा काम, पहले दिन नहीं बढ़ सका आंकड़ा
Sat, 02 May 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 02 May 2026 02:09 AM IST
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जनगणना कार्य करता प्रगणक
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जनगणना का कार्य पहले दिन धुंधले नक्शों के कारण गति नहीं पकड़ पाया। दूसरा कारण सरकारी छुट्टी का रहा। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि एक माह का समय है, ड्यूटी कर्मचारी अपनी मनमर्जी से सुविधानुसार कार्य कर सकते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से 3500 शिक्षकों समेत, कोच, ग्राम सचिव, आयुष फार्मासिस्ट समेत कुल 3811 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक को एक माह में 150 यानी रोजाना औसतन पांच घरों में दस्तक देनी है। इसके लिए वे चाहें तो अपने तय ड्यूटी समय में से समय निकालकर या फिर स्कूल व सरकारी कार्यालय की ड्यूटी खत्म होने के बाद कर सकते हैं।
जिले में जनगणना अभियान पहले ही दिन अव्यवस्थाओं में उलझा। कुछ खंडों में प्रगणकों को गणना के लिए आवश्यक किट नहीं मिली। जहां मिली वहां नक्शे धुंधले आए और टीम को अपने कार्यक्षेत्र का पता ही नहीं चल पा रहा। ऐसे में पहले दिन धरातल पर गणना सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी घर बैठे रहे। वहीं सरकारी अवकाश के कारण भी रुचि नहीं दिखाई गई।
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कुछ प्रगणकों ने बताया कि उन्हें अब तक जनगणना के लिए आवश्यक किट (जिसमें फॉर्म, स्टेशनरी, नक्शा और अन्य दिशा-निर्देश होते हैं) उपलब्ध नहीं कराई गई। बिना किट के घरों का दौरा करना और डाटा एकत्र करना संभव नहीं है। वहीं जिन्हें किट मिल चुकी है, वे प्रगणक नक्शे के हिसाब से ड्राइंग बनाने में जुटे रहे। पहले चरण का यह कार्य 30 मई तक चलना है।
ऑनलाइन नक्शा देख तैयार कर सकते हैं ड्राइंग
प्रशासन का दावा है कि जिले में 98 प्रतिशत प्रगणकों को किट वितरित की जा चुकी है। अभियान की समन्वयक का कहना है कि कुछ ही कर्मचारी अवकाश के कारण किट नहीं ले पाए। उनका कहना है कि यदि नक्शा धुंधला है तो उसे गूगल मैप से दोबारा देखा जा सकता है। यह केवल एरिया प्रदर्शित करने के लिए है। ताकि प्रगणक को परेशानी न आए। इसी के आधार पर ड्राइंग तैयार की जाएगी। इसके लिए तीन दिन में हाथ से मैप बनाने का समय दिया गया है। यह काम ऑफलाइन चलेगा।
आपात स्थिति के लिए 10 फीसदी स्टाफ आरक्षित
एडीसी राहुल रईया ने बताया कि प्रशासन की ओर से बनाई व्यवस्था के अनुसार 10 प्रतिशत तक स्टाफ को अतिरिक्त लेकर आरक्षित रखा गया है। ताकि स्वास्थ्य या किसी अन्य तरह की आपात स्थिति में यदि कोई प्रगणक ड्यूटी पर न जा पाए तो वैकल्पिक व्यवस्था हो सके। इसके लिए एडवांस में प्रशिक्षण आदि दिया जा चुका है। ड्यूटी में तैनात शिक्षकों को विशेष रिलिविंग नहीं दी गई है, वे फ्री पीरियड या खाली समय में जनगणना संबंधित कार्य करेंगे।
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जनगणना का कार्य पहले दिन धुंधले नक्शों के कारण गति नहीं पकड़ पाया। दूसरा कारण सरकारी छुट्टी का रहा। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि एक माह का समय है, ड्यूटी कर्मचारी अपनी मनमर्जी से सुविधानुसार कार्य कर सकते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से 3500 शिक्षकों समेत, कोच, ग्राम सचिव, आयुष फार्मासिस्ट समेत कुल 3811 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक को एक माह में 150 यानी रोजाना औसतन पांच घरों में दस्तक देनी है। इसके लिए वे चाहें तो अपने तय ड्यूटी समय में से समय निकालकर या फिर स्कूल व सरकारी कार्यालय की ड्यूटी खत्म होने के बाद कर सकते हैं।
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जिले में जनगणना अभियान पहले ही दिन अव्यवस्थाओं में उलझा। कुछ खंडों में प्रगणकों को गणना के लिए आवश्यक किट नहीं मिली। जहां मिली वहां नक्शे धुंधले आए और टीम को अपने कार्यक्षेत्र का पता ही नहीं चल पा रहा। ऐसे में पहले दिन धरातल पर गणना सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी घर बैठे रहे। वहीं सरकारी अवकाश के कारण भी रुचि नहीं दिखाई गई।
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कुछ प्रगणकों ने बताया कि उन्हें अब तक जनगणना के लिए आवश्यक किट (जिसमें फॉर्म, स्टेशनरी, नक्शा और अन्य दिशा-निर्देश होते हैं) उपलब्ध नहीं कराई गई। बिना किट के घरों का दौरा करना और डाटा एकत्र करना संभव नहीं है। वहीं जिन्हें किट मिल चुकी है, वे प्रगणक नक्शे के हिसाब से ड्राइंग बनाने में जुटे रहे। पहले चरण का यह कार्य 30 मई तक चलना है।
ऑनलाइन नक्शा देख तैयार कर सकते हैं ड्राइंग
प्रशासन का दावा है कि जिले में 98 प्रतिशत प्रगणकों को किट वितरित की जा चुकी है। अभियान की समन्वयक का कहना है कि कुछ ही कर्मचारी अवकाश के कारण किट नहीं ले पाए। उनका कहना है कि यदि नक्शा धुंधला है तो उसे गूगल मैप से दोबारा देखा जा सकता है। यह केवल एरिया प्रदर्शित करने के लिए है। ताकि प्रगणक को परेशानी न आए। इसी के आधार पर ड्राइंग तैयार की जाएगी। इसके लिए तीन दिन में हाथ से मैप बनाने का समय दिया गया है। यह काम ऑफलाइन चलेगा।
आपात स्थिति के लिए 10 फीसदी स्टाफ आरक्षित
एडीसी राहुल रईया ने बताया कि प्रशासन की ओर से बनाई व्यवस्था के अनुसार 10 प्रतिशत तक स्टाफ को अतिरिक्त लेकर आरक्षित रखा गया है। ताकि स्वास्थ्य या किसी अन्य तरह की आपात स्थिति में यदि कोई प्रगणक ड्यूटी पर न जा पाए तो वैकल्पिक व्यवस्था हो सके। इसके लिए एडवांस में प्रशिक्षण आदि दिया जा चुका है। ड्यूटी में तैनात शिक्षकों को विशेष रिलिविंग नहीं दी गई है, वे फ्री पीरियड या खाली समय में जनगणना संबंधित कार्य करेंगे।