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Karnal News: अमेरिका में माैत के 16 दिन बाद ताबूत में पहुंचा चेतक शर्मा का शव, फफक पड़ा पूरा गांव
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:27 AM IST
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चेतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाते परिजन। संवाद
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इंद्री/करनाल। अमेरिका के जाॅर्जिया में सुनहरे भविष्य के सपने लेकर गए समौरा गांव के चेतक शर्मा रविवार को ताबूत में लौटा। शव पहुंचने पर पूरा गांव एकत्रित हो गया। हर आंख नम थी। कई लोग फफक कर रो रहे थे। जिस बेटे के लिए 60 लाख रुपये खर्च कर उम्मीदों का आसमान बुना था, उसका शव देख परिजन बेसुध हो गए।
अमेरिका से एयर एंबुलेंस की सहायता से शव दिल्ली हवाई अड्डे और फिर वहां से एंबुलेंस में रविवार सुबह गांव पहुंचा। गमगीन माहाैल में शव का गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई यशस्वी शर्मा ने मुखाग्नि दी।
पिता सुनील शर्मा ने बताया कि बेटे को अमेरिका भेजने के लिए करीब 60 लाख रुपये खर्च किए थे। वह अमेरिका जाने के लिए वर्ष 2023 में निकला था। डंकी रूट से सात महीने बाद 2024 में अमेरिका पहुंचा। वहां स्टोर संचालक गुजरात निवासी अमित के पास स्टोरकीपर की नौकरी मिली। सब कुछ ठीकठाक था।
27 मार्च को रात को करीब 3 बजे अमेरिका में रह रहे समौरा निवासी विपिन ने फोन किया। परिवार को बताया कि कमरे पर चेतक की गोली लगने से माैत हो गई है। ब्राह्मण सभा इंद्री के प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि 26 मार्च को चेतक से बात हुई थी। घटना से 3 घंटे पहले परिवार के धार्मिक पाठ में उसने वीडियो कॉल पर माथा टेक कर आशीर्वाद लिया था। उस दिन उसकी नाइट ड्यूटी थी। ड्यूटी पर जाने से पहले ही घटना हो गई।
उन्होंने बताया कि चेतक को कमरे में ही गोली लगी थी। मौके पर पहुंची जॉर्जिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की। रूममेट को हिरासत में लिया था लेकिन फिर छोड़ दिया गया। जॉर्जिया में रह रहे भारतीयों और आसपास के गांवों के युवाओं की मदद से रविवार को चेतक का शव पहुंचा। सभी चेतक के मिलनसार और मददगार स्वभाव की चर्चा करते रहे। चेतक के पिता सुनील शर्मा किसान हैं। बड़ी बहन स्वाति बीकाॅम की छात्रा है, छोटा भाई यशस्वी दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।
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पहेली बनकर रह गई माैत
समौरा गांव निवासी विपिन कुछ दिन पहले ही चेतक शर्मा के बीमार होने के कारण उसके पास रहने के लिए पहुंचा था। उसने ही 27 मार्च को परिवार को माैत की सूचना दी थी। परिवार को अभी तक ये जानकारी नहीं मिल पाई है कि बेटे के माैत किन कारणों से हुई। जाॅर्जिया पुलिस ने विपिन से भी पूछताछ की थी। उसका कोई रोल नहीं पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। बेटे की माैत परिवार के लिए पहेली बनकर रह गई है।
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अमेरिका से एयर एंबुलेंस की सहायता से शव दिल्ली हवाई अड्डे और फिर वहां से एंबुलेंस में रविवार सुबह गांव पहुंचा। गमगीन माहाैल में शव का गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई यशस्वी शर्मा ने मुखाग्नि दी।
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पिता सुनील शर्मा ने बताया कि बेटे को अमेरिका भेजने के लिए करीब 60 लाख रुपये खर्च किए थे। वह अमेरिका जाने के लिए वर्ष 2023 में निकला था। डंकी रूट से सात महीने बाद 2024 में अमेरिका पहुंचा। वहां स्टोर संचालक गुजरात निवासी अमित के पास स्टोरकीपर की नौकरी मिली। सब कुछ ठीकठाक था।
27 मार्च को रात को करीब 3 बजे अमेरिका में रह रहे समौरा निवासी विपिन ने फोन किया। परिवार को बताया कि कमरे पर चेतक की गोली लगने से माैत हो गई है। ब्राह्मण सभा इंद्री के प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि 26 मार्च को चेतक से बात हुई थी। घटना से 3 घंटे पहले परिवार के धार्मिक पाठ में उसने वीडियो कॉल पर माथा टेक कर आशीर्वाद लिया था। उस दिन उसकी नाइट ड्यूटी थी। ड्यूटी पर जाने से पहले ही घटना हो गई।
उन्होंने बताया कि चेतक को कमरे में ही गोली लगी थी। मौके पर पहुंची जॉर्जिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की। रूममेट को हिरासत में लिया था लेकिन फिर छोड़ दिया गया। जॉर्जिया में रह रहे भारतीयों और आसपास के गांवों के युवाओं की मदद से रविवार को चेतक का शव पहुंचा। सभी चेतक के मिलनसार और मददगार स्वभाव की चर्चा करते रहे। चेतक के पिता सुनील शर्मा किसान हैं। बड़ी बहन स्वाति बीकाॅम की छात्रा है, छोटा भाई यशस्वी दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।
पहेली बनकर रह गई माैत
समौरा गांव निवासी विपिन कुछ दिन पहले ही चेतक शर्मा के बीमार होने के कारण उसके पास रहने के लिए पहुंचा था। उसने ही 27 मार्च को परिवार को माैत की सूचना दी थी। परिवार को अभी तक ये जानकारी नहीं मिल पाई है कि बेटे के माैत किन कारणों से हुई। जाॅर्जिया पुलिस ने विपिन से भी पूछताछ की थी। उसका कोई रोल नहीं पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। बेटे की माैत परिवार के लिए पहेली बनकर रह गई है।

चेतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाते परिजन। संवाद