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Karnal News: ए-2 श्रेणी में आया शहर, सितंबर से बदलेगा संपत्ति कर का हिसाब
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करनाल। शहर में संपत्ति कर का हिसाब बदलने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने नगर निगमों में संपत्ति कर तय करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। करनाल को ए-2 श्रेणी में रखा गया है। नई व्यवस्था के अनुसार सितंबर से संपत्ति कर की गणना की जाएगी।
निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि संपत्ति की कीमत, उसके इस्तेमाल और आकार के आधार पर होगी। देखा जाएगा कि संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह से हो रहा है। घर, दुकान, फैक्टरी, अस्पताल, मैरिज पैलेस या अन्य प्रयोग के आधार पर कर की राशि तय होगी।
ए-2 श्रेणी में आने वाले नगर निगमों में आवासीय संपत्तियों के लिए पूंजीगत मूल्य का 0.029 प्रतिशत सालाना संपत्ति कर निर्धारित किया गया है। गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए यह दर 0.09 प्रतिशत सालाना होगा। हर संपत्ति पर सीधे इसी दर से टैक्स नहीं लगेगा। संपत्ति के आकार और उसके इस्तेमाल के हिसाब से एक गुणन कारक भी लगाया जाएगा। यही कारण है कि एक जैसी कीमत वाली दो संपत्तियों का टैक्स अलग-अलग हो सकता है।
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नई व्यवस्था में संपत्ति कर निकालने से पहले संपत्ति का पूंजीगत मूल्य तय किया जाएगा। सामान्य मकान के मामले में भूखंड का क्षेत्रफल, उस क्षेत्र की कलेक्टर दर और मकान के तल के आधार पर यह मूल्य निकलेगा। फ्लैट के लिए उसके कारपेट एरिया और कलेक्टर रेट को आधार बनाया जाएगा। स्वतंत्र तल यानी अलग फ्लोर वाली संपत्ति का मूल्य भूखंड के क्षेत्रफल और कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगा। इसके बाद उस संपत्ति पर लागू टैक्स दर और उपयोग के अनुसार गुणन कारक लगाया जाएगा।
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गुणन कारक का गणित
मान लीजिए किसी संपत्ति की गणना करने के बाद उसका मूल संपत्ति कर 10 हजार निकलता है। अब अगर उस संपत्ति पर 0.25 गुणन कारक लागू है तो मालिक को 10 हजार नहीं, बल्कि 2,500 रुपये टैक्स देना होगा। इसी तरह 0.50 गुणन कारक होने पर 5,000, 0.75 होने पर 7,500 और 1.00 होने पर पूरे 10,000 देने होंगे। अगर किसी संपत्ति पर 1.25 गुणन कारक लागू है तो टैक्स बढ़कर 12,500 हो जाएगा। यानी गुणन कारक एक से जितना कम, टैक्स का बोझ उतना कम। गुणन कारक 1 से ज्यादा होने पर टैक्स भी ज्यादा।
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आवासीय पर गुणन कारक
50 वर्ग मीटर तक के मकान एवं स्वतंत्र तल के लिए गुणन कारक 0.25
50 से 100 वर्ग मीटर तक के लिए 0.50
100 से 200 वर्ग मीटर तक के लिए 0.75
100 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया वाले फ्लैट के लिए 0.75
अन्य आवासीय संपत्तियों के लिए 1.00
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- दुकानों पर गुणन कारक
30 वर्ग मीटर तक की दुकान के लिए गुणन कारक 0.25
- 30 से 50 वर्ग मीटर तक के लिए 0.50
- 50 वर्ग मीटर से बड़ी दुकान के लिए 1 होगा।
- शॉपिंग मॉल की दुकानों के लिए यह गुणन कारक 1.25 रखा गया है
- बाजार के लिए 0.50, सशुल्क पार्किंग के लिए 0.25 और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए 1.00 गुणन कारक होगा
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फैक्टरी पर गुणन कारक
- 500 वर्ग मीटर तक- 0.25
- 500 से 2000 वर्ग मीटर तक - 0.50
- 2000 से 5000 वर्ग मीटर तक - 0.75
- 5000 वर्ग मीटर से अधिक - 1.00
- डेयरी और पोल्ट्री से जुड़ी औद्योगिक संपत्तियां भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
यह भी ध्यान रखें- संस्थागत संपत्तियों के लिए गुणन कारक 0.25 रखा गया है।
- मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल और मैरिज गार्डन के लिए 2000 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर 0.50 और इससे बड़े भूखंड पर 0.75 गुणन कारक होगा।
- स्टैंड-अलोन सिनेमा के लिए 0.50, जबकि मॉल या मल्टीप्लेक्स में स्थित सिनेमा के लिए 1 गुणन कारक होगा।
- पेट्रोल पंप के लिए 0.75, निजी अस्पताल के लिए 1.00 और मोबाइल टेलीकॉम टावर के लिए 1.00 गुणन कारक निर्धारित है।
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महिलाओं और दिव्यांगों को मिलेगी छूट
- निगम में शामिल गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में आवासीय मकानों पर 75 प्रतिशत छूट
- महिला के नाम पर दर्ज आवासीय संपत्ति पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी
- कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति की आवासीय संपत्ति पर 10 प्रतिशत छूट
- मंदिर, गुरुद्वारे और मस्जिद जैसी धार्मिक संपत्तियों को 100 प्रतिशत छूट
किराए पर दी संपत्ति पर अतिरिक्त टैक्स
किराए पर दी संपत्ति के हिस्से पर सामान्य रूप से लागू टैक्स के अलावा 0.25 गुणा अतिरिक्त कर लगेगा।
पुराने बकाये पर नई व्यवस्था का असर नहीं
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने से पहले का संपत्ति कर बकाया अपनी जगह रहेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक का बकाया और उस पर लगा ब्याज नई व्यवस्था से प्रभावित नहीं होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 से संपत्ति कर नई अधिसूचना के अनुसार तय किया जाएगा।
31 अगस्त तक पुरानी दर से भुगतान का मौका
नगर निगम के अनुसार पुरानी दरों के तहत संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। इसके बाद नई व्यवस्था के अनुसार संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा। देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज भी देना होगा।
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निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि संपत्ति की कीमत, उसके इस्तेमाल और आकार के आधार पर होगी। देखा जाएगा कि संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह से हो रहा है। घर, दुकान, फैक्टरी, अस्पताल, मैरिज पैलेस या अन्य प्रयोग के आधार पर कर की राशि तय होगी।
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ए-2 श्रेणी में आने वाले नगर निगमों में आवासीय संपत्तियों के लिए पूंजीगत मूल्य का 0.029 प्रतिशत सालाना संपत्ति कर निर्धारित किया गया है। गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए यह दर 0.09 प्रतिशत सालाना होगा। हर संपत्ति पर सीधे इसी दर से टैक्स नहीं लगेगा। संपत्ति के आकार और उसके इस्तेमाल के हिसाब से एक गुणन कारक भी लगाया जाएगा। यही कारण है कि एक जैसी कीमत वाली दो संपत्तियों का टैक्स अलग-अलग हो सकता है।
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नई व्यवस्था में संपत्ति कर निकालने से पहले संपत्ति का पूंजीगत मूल्य तय किया जाएगा। सामान्य मकान के मामले में भूखंड का क्षेत्रफल, उस क्षेत्र की कलेक्टर दर और मकान के तल के आधार पर यह मूल्य निकलेगा। फ्लैट के लिए उसके कारपेट एरिया और कलेक्टर रेट को आधार बनाया जाएगा। स्वतंत्र तल यानी अलग फ्लोर वाली संपत्ति का मूल्य भूखंड के क्षेत्रफल और कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगा। इसके बाद उस संपत्ति पर लागू टैक्स दर और उपयोग के अनुसार गुणन कारक लगाया जाएगा।
गुणन कारक का गणित
मान लीजिए किसी संपत्ति की गणना करने के बाद उसका मूल संपत्ति कर 10 हजार निकलता है। अब अगर उस संपत्ति पर 0.25 गुणन कारक लागू है तो मालिक को 10 हजार नहीं, बल्कि 2,500 रुपये टैक्स देना होगा। इसी तरह 0.50 गुणन कारक होने पर 5,000, 0.75 होने पर 7,500 और 1.00 होने पर पूरे 10,000 देने होंगे। अगर किसी संपत्ति पर 1.25 गुणन कारक लागू है तो टैक्स बढ़कर 12,500 हो जाएगा। यानी गुणन कारक एक से जितना कम, टैक्स का बोझ उतना कम। गुणन कारक 1 से ज्यादा होने पर टैक्स भी ज्यादा।
आवासीय पर गुणन कारक
50 वर्ग मीटर तक के मकान एवं स्वतंत्र तल के लिए गुणन कारक 0.25
50 से 100 वर्ग मीटर तक के लिए 0.50
100 से 200 वर्ग मीटर तक के लिए 0.75
100 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया वाले फ्लैट के लिए 0.75
अन्य आवासीय संपत्तियों के लिए 1.00
- दुकानों पर गुणन कारक
30 वर्ग मीटर तक की दुकान के लिए गुणन कारक 0.25
- 30 से 50 वर्ग मीटर तक के लिए 0.50
- 50 वर्ग मीटर से बड़ी दुकान के लिए 1 होगा।
- शॉपिंग मॉल की दुकानों के लिए यह गुणन कारक 1.25 रखा गया है
- बाजार के लिए 0.50, सशुल्क पार्किंग के लिए 0.25 और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए 1.00 गुणन कारक होगा
फैक्टरी पर गुणन कारक
- 500 वर्ग मीटर तक- 0.25
- 500 से 2000 वर्ग मीटर तक - 0.50
- 2000 से 5000 वर्ग मीटर तक - 0.75
- 5000 वर्ग मीटर से अधिक - 1.00
- डेयरी और पोल्ट्री से जुड़ी औद्योगिक संपत्तियां भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
यह भी ध्यान रखें- संस्थागत संपत्तियों के लिए गुणन कारक 0.25 रखा गया है।
- मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल और मैरिज गार्डन के लिए 2000 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर 0.50 और इससे बड़े भूखंड पर 0.75 गुणन कारक होगा।
- स्टैंड-अलोन सिनेमा के लिए 0.50, जबकि मॉल या मल्टीप्लेक्स में स्थित सिनेमा के लिए 1 गुणन कारक होगा।
- पेट्रोल पंप के लिए 0.75, निजी अस्पताल के लिए 1.00 और मोबाइल टेलीकॉम टावर के लिए 1.00 गुणन कारक निर्धारित है।
महिलाओं और दिव्यांगों को मिलेगी छूट
- निगम में शामिल गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में आवासीय मकानों पर 75 प्रतिशत छूट
- महिला के नाम पर दर्ज आवासीय संपत्ति पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी
- कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति की आवासीय संपत्ति पर 10 प्रतिशत छूट
- मंदिर, गुरुद्वारे और मस्जिद जैसी धार्मिक संपत्तियों को 100 प्रतिशत छूट
किराए पर दी संपत्ति पर अतिरिक्त टैक्स
किराए पर दी संपत्ति के हिस्से पर सामान्य रूप से लागू टैक्स के अलावा 0.25 गुणा अतिरिक्त कर लगेगा।
पुराने बकाये पर नई व्यवस्था का असर नहीं
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने से पहले का संपत्ति कर बकाया अपनी जगह रहेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक का बकाया और उस पर लगा ब्याज नई व्यवस्था से प्रभावित नहीं होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 से संपत्ति कर नई अधिसूचना के अनुसार तय किया जाएगा।
31 अगस्त तक पुरानी दर से भुगतान का मौका
नगर निगम के अनुसार पुरानी दरों के तहत संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। इसके बाद नई व्यवस्था के अनुसार संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा। देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज भी देना होगा।