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Karnal News: तपती गर्मी में बढ़ी ओआरएस की मांग, रोजाना एक हजार से अधिक पैकेट हो रहे वितरित
Tue, 02 Jun 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:43 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की कतार। अमर उजाला
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करनाल। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच लोगों में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ने लगी है। इसका असर जिला नागरिक अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज चक्कर, कमजोरी, उल्टी और पानी की कमी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों को राहत देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) की उपलब्धता बढ़ा दी है। वर्तमान में अस्पताल से प्रतिदिन एक हजार से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल के अनुसार तेज गर्मी में अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं। समय पर इसकी पूर्ति नहीं होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है, जो गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने का कारण भी बन सकती है। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी से बचाव के लिए ओआरएस सबसे प्रभावी और सुलभ उपायों में से एक है। इसके सेवन से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा
डॉ. वीरेंद्र नाथ का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ व ओआरएस का सेवन करना चाहिए। यदि चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, मुंह सूखना या बार-बार प्यास लगने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल के अनुसार तेज गर्मी में अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं। समय पर इसकी पूर्ति नहीं होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है, जो गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने का कारण भी बन सकती है। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी से बचाव के लिए ओआरएस सबसे प्रभावी और सुलभ उपायों में से एक है। इसके सेवन से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
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बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा
डॉ. वीरेंद्र नाथ का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ व ओआरएस का सेवन करना चाहिए। यदि चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, मुंह सूखना या बार-बार प्यास लगने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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