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Karnal News: डीएफएससी का सहायक निरीक्षक जेल भेजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कुंजपुरा में मंडी से राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कुरुक्षेत्र टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक निरीक्षक मनोज कुमार को बुधवार को अदालत में पेश किया।
अदालत के आदेशानुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं एसीबी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में कुंजपुरा के एएफएसओ राजीव सैनी को भी आरोपी बनाया गया है। अब एएफएसओ पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। आरोपी सहायक निरीक्षक ने एएफएसओ के नाम पर ही डिपो होल्डर से चार हजार रुपये महीना चेकिंग और 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की डिमांड की थी।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल के जांच अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि एसीबी कुरुक्षेत्र की टीम ने मंगलवार को डीएफएससी विभाग के सहायक निरीक्षक मनोज कुमार को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता विकास कुमार का आरोप था कि उसके भाई व भाभी के नाम पर डिपो हैं। आरोपी ने एएफएसओ के नाम से चार हजार रुपये प्रति महीना और 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत पर टीम का गठन करके आरोपी को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगेहाथ काबू किया था। एसीबी करनाल थाना में आरोपी मनोज और एएफएसओ राजीव सैनी के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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करनाल। कुंजपुरा में मंडी से राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कुरुक्षेत्र टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक निरीक्षक मनोज कुमार को बुधवार को अदालत में पेश किया।
अदालत के आदेशानुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं एसीबी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में कुंजपुरा के एएफएसओ राजीव सैनी को भी आरोपी बनाया गया है। अब एएफएसओ पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। आरोपी सहायक निरीक्षक ने एएफएसओ के नाम पर ही डिपो होल्डर से चार हजार रुपये महीना चेकिंग और 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की डिमांड की थी।
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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल के जांच अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि एसीबी कुरुक्षेत्र की टीम ने मंगलवार को डीएफएससी विभाग के सहायक निरीक्षक मनोज कुमार को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता विकास कुमार का आरोप था कि उसके भाई व भाभी के नाम पर डिपो हैं। आरोपी ने एएफएसओ के नाम से चार हजार रुपये प्रति महीना और 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत पर टीम का गठन करके आरोपी को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगेहाथ काबू किया था। एसीबी करनाल थाना में आरोपी मनोज और एएफएसओ राजीव सैनी के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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