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Karnal News: डॉक्टर को थप्पड़ मारने वाले निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर एडीजीपी से मिले डॉक्टर
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- एडीजीपी ने दिया उच्च स्तरीय जांच करवाने या अन्य पुलिस अधिकारी या सिविल अधिकारी से जांच का आश्वासन, नहीं माने डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घरौंडा के सरकारी अस्पताल में डाॅक्टर प्रशांत चाैहान को थप्पड़ मारने के मामले में शुक्रवार शाम को डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल एडीजीपी करनाल रेंज एम रवि किरण से मिला। डॉक्टरों ने निरीक्षक दीपक कुमार व अन्य चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तारी की मांग रखी। हालांकि एडीजीपी की ओर से विभागीय जांच की बात कही गई। इसके अलावा एडीजीपी ने अन्य सिविल अधिकारी से जांच करवाने की बात कही। इससे डॉक्टर संतुष्ट नहीं हुए और हड़ताल जारी रखी।
शुक्रवार देर शाम को मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव के नेतृत्व में पांच डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल एडीजीपी करनाल रेंज रवि किरण के कार्यालय में पहुंचकर बैठक की। डॉक्टरों ने उन्हें घरौंडा के सरकारी अस्पताल में हुई घटना के बारे में विस्तार से चर्चा की और निरीक्षक दीपक सहित अन्य चार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। एडीजीपी रवि किरण ने डॉक्टरों को बताया कि निरीक्षक दीपक को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर मामले की जांच करनाल पुलिस से नहीं करवाना चाहते तो किसी अन्य पुलिस अधिकारी या सिविल अधिकारी से भी जांच कराई जा सकती है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एडीजीपी ने डॉक्टरों से कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर उन्हें एक आवेदन दे दें। डॉक्टरों ने इस पर कहा कि वे बाद में आवेदन देंगे। वहीं एडीजीपी से मुलाकात के बाद मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने कहा कि वो आईजी कार्यालय में एडीजीपी से मिले थे, वहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब मामले में जब तक निरीक्षक सहित पांच पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक ओपीडी सेवाएं बंद रखी जाएंगी। इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं जैसे पोस्टमार्टम, इमरजेंसी और लेबर रूम की सेवाएं जारी रहेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घरौंडा के सरकारी अस्पताल में डाॅक्टर प्रशांत चाैहान को थप्पड़ मारने के मामले में शुक्रवार शाम को डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल एडीजीपी करनाल रेंज एम रवि किरण से मिला। डॉक्टरों ने निरीक्षक दीपक कुमार व अन्य चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तारी की मांग रखी। हालांकि एडीजीपी की ओर से विभागीय जांच की बात कही गई। इसके अलावा एडीजीपी ने अन्य सिविल अधिकारी से जांच करवाने की बात कही। इससे डॉक्टर संतुष्ट नहीं हुए और हड़ताल जारी रखी।
शुक्रवार देर शाम को मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव के नेतृत्व में पांच डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल एडीजीपी करनाल रेंज रवि किरण के कार्यालय में पहुंचकर बैठक की। डॉक्टरों ने उन्हें घरौंडा के सरकारी अस्पताल में हुई घटना के बारे में विस्तार से चर्चा की और निरीक्षक दीपक सहित अन्य चार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। एडीजीपी रवि किरण ने डॉक्टरों को बताया कि निरीक्षक दीपक को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर मामले की जांच करनाल पुलिस से नहीं करवाना चाहते तो किसी अन्य पुलिस अधिकारी या सिविल अधिकारी से भी जांच कराई जा सकती है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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एडीजीपी ने डॉक्टरों से कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर उन्हें एक आवेदन दे दें। डॉक्टरों ने इस पर कहा कि वे बाद में आवेदन देंगे। वहीं एडीजीपी से मुलाकात के बाद मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने कहा कि वो आईजी कार्यालय में एडीजीपी से मिले थे, वहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब मामले में जब तक निरीक्षक सहित पांच पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक ओपीडी सेवाएं बंद रखी जाएंगी। इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं जैसे पोस्टमार्टम, इमरजेंसी और लेबर रूम की सेवाएं जारी रहेंगी।