{"_id":"69ac980782f5e0cc5a08ec0f","slug":"a-cow-named-gora-born-on-shivratri-became-an-attraction-karnal-news-c-18-knl1018-860071-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: शिवरात्रि पर जन्मी गोरा नाम की गाय बनीं आकर्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: शिवरात्रि पर जन्मी गोरा नाम की गाय बनीं आकर्षण
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय डेरी मेला की दुग्ध व सुंदरता प्रतियोगिता में साहीवाल नस्ल की गाय भी पहुंची
- एचएलबीडी की साहीवाल नस्ल की इस गाय की 15 लाख रुपये है कीमत, इसकी बछड़ी भी तीन लाख की
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेरी मेला एवं एग्री एक्सपो में दूसरे दिन साहीवाल नस्ल की गाय आकर्षण का केंद्र रही। इस गाय ने दुग्ध उत्पादन व सुंदरता प्रतियोगिता में 20 लीटर दूध दिया और अपनी सुंदरता के कारण भी यह सभी किसानों और पशुपालकों को बेहतरीन लगी।
गोरा नाम की इस गाय का जन्म करीब पांच साल पहले शिवरात्रि के दिन हुआ था, अब यह पांच साल पांच महीने की हो चुकी है। इस गाय की कीमत 15 लाख रुपये और इसकी 17 महीने की बछड़ी की कीमत भी तीन लाख रुपये तक लग चुकी है। एचएलडीबी (हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड) की ओर से निर्धारित साहीवाल नस्ल की यह गाय अपनी सुंदरता के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी इनाम जीती है। यह एक दिन में 20 लीटर तक दूध देती है। हाल ही में यह कुरुक्षेत्र में छह से आठ फरवरी 2026 तक आयोजित राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी मेला में भी 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीतकर आई थी। इस गाय को जींद जिले के दबलैन गांव से एनडीआरआई लेकर पहुंचे पशुपालक सुमित मोर ने बताया कि वह इस गाय की तीसरी नस्ल को पाल रहे है। इससे पहले इसकी नानी व मां भी उनके पास ही थी, जब इसका जन्म महा शिवरात्रि के दिन हुए तो उनकी दादी ने इसका नाम गाैरा रख दिया। बेहतर दुग्ध उत्पादन और सुंदर बनावट के कारण मेले में पहुंचे किसानों और पशुपालकों की भीड़ इस गाय को देखने के लिए उमड़ रही है। सुमित मोर ने बताया की अब यह गाय करीब तीन महीने की गर्भवती है। वह एक एक ही गाय और उसकी बछड़ी का पालन पोषण अच्छे ढंग से कर रहे हैं।
देशी घरेलू खुराक देते हैं गोरा को
सुमित के पिता राजेश मोर ने बताया कि वह अपनी गाैरा गाय को घरेलू खुराक ही देते है। प्रतिदिन 10 किलो राशन में वह चने, मैथी व आटा जरूर देते हैं। इसके अलावा घास में तूडी के साथ-साथ माैसम अनुसार बरसीन, मक्का व ज्वार भी डालते है। गोरा को वह हर समय रस्सी से बांध कर नहीं रखते। दिन के समय पशु बाडे में वह और उसकी बछड़ी बच्ची खुले में घूमती है।
तीन माह की गर्भवती होने पर भी दे रही 20 लीटर दूध
सुमित मोर के मुताबिक, दुग्ध उत्पादन के मामले में यह गाय करीब 20 लीटर दूध देती है, जबकि डॉक्टर के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 17.5 लीटर प्रतिदिन देती है। सातवां डीएफए इंटरनेशनल डेयरी एंड एग्री एक्सपो 2026 कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘मिल्क एंड ब्यूटी’ प्रतियोगता में भी यह गाय प्रथम पुरस्कार विजेता रही थी।
Trending Videos
- एचएलबीडी की साहीवाल नस्ल की इस गाय की 15 लाख रुपये है कीमत, इसकी बछड़ी भी तीन लाख की
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेरी मेला एवं एग्री एक्सपो में दूसरे दिन साहीवाल नस्ल की गाय आकर्षण का केंद्र रही। इस गाय ने दुग्ध उत्पादन व सुंदरता प्रतियोगिता में 20 लीटर दूध दिया और अपनी सुंदरता के कारण भी यह सभी किसानों और पशुपालकों को बेहतरीन लगी।
गोरा नाम की इस गाय का जन्म करीब पांच साल पहले शिवरात्रि के दिन हुआ था, अब यह पांच साल पांच महीने की हो चुकी है। इस गाय की कीमत 15 लाख रुपये और इसकी 17 महीने की बछड़ी की कीमत भी तीन लाख रुपये तक लग चुकी है। एचएलडीबी (हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड) की ओर से निर्धारित साहीवाल नस्ल की यह गाय अपनी सुंदरता के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी इनाम जीती है। यह एक दिन में 20 लीटर तक दूध देती है। हाल ही में यह कुरुक्षेत्र में छह से आठ फरवरी 2026 तक आयोजित राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी मेला में भी 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीतकर आई थी। इस गाय को जींद जिले के दबलैन गांव से एनडीआरआई लेकर पहुंचे पशुपालक सुमित मोर ने बताया कि वह इस गाय की तीसरी नस्ल को पाल रहे है। इससे पहले इसकी नानी व मां भी उनके पास ही थी, जब इसका जन्म महा शिवरात्रि के दिन हुए तो उनकी दादी ने इसका नाम गाैरा रख दिया। बेहतर दुग्ध उत्पादन और सुंदर बनावट के कारण मेले में पहुंचे किसानों और पशुपालकों की भीड़ इस गाय को देखने के लिए उमड़ रही है। सुमित मोर ने बताया की अब यह गाय करीब तीन महीने की गर्भवती है। वह एक एक ही गाय और उसकी बछड़ी का पालन पोषण अच्छे ढंग से कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
देशी घरेलू खुराक देते हैं गोरा को
सुमित के पिता राजेश मोर ने बताया कि वह अपनी गाैरा गाय को घरेलू खुराक ही देते है। प्रतिदिन 10 किलो राशन में वह चने, मैथी व आटा जरूर देते हैं। इसके अलावा घास में तूडी के साथ-साथ माैसम अनुसार बरसीन, मक्का व ज्वार भी डालते है। गोरा को वह हर समय रस्सी से बांध कर नहीं रखते। दिन के समय पशु बाडे में वह और उसकी बछड़ी बच्ची खुले में घूमती है।
तीन माह की गर्भवती होने पर भी दे रही 20 लीटर दूध
सुमित मोर के मुताबिक, दुग्ध उत्पादन के मामले में यह गाय करीब 20 लीटर दूध देती है, जबकि डॉक्टर के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में 17.5 लीटर प्रतिदिन देती है। सातवां डीएफए इंटरनेशनल डेयरी एंड एग्री एक्सपो 2026 कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘मिल्क एंड ब्यूटी’ प्रतियोगता में भी यह गाय प्रथम पुरस्कार विजेता रही थी।