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Karnal News: सोनीपत की देशी गाय मोनी फिर बनी विजेता, पहले जीत चुकी सात इनाम
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सोनीपत की देशी गाय मोनी फिर बनी विजेता, पहले जीत चुकी सात इनाम
- फोटो : सोनीपत की देशी गाय मोनी फिर बनी विजेता, पहले जीत चुकी सात इनाम
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सौंदर्य में जींद की मुर्राह नस्ल की भीमेश्वरी प्रथम, राजस्थान की थार पार्कर बछड़ी भी अव्वल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आईसीएआर-एनडीआरआई राष्ट्रीय डेयरी मेला और कृषि प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन पशुओं की सौंदर्य और दुग्ध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान शुष्क पशु प्रदर्शनी में पहले स्थान पर आने वाली सोनीपत के महारा गांव की मोनी आकर्षण का केंद्र रही। इससे पहले भी मोनी एनडीआरआई की पिछले साल की प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुकी है। जबकि जयपुर, अजमेर, डीएफए-1, आईएमटी मेरठ और सरकारी मेलों में भी सात बार इनाम जीत चुकी है।
पशुपालक अनजीत ने बताया कि मोनी यदुवंशी गोशाला से लाया गया था। ये शक्ति नंदी की सबसे पहली बेटी है। वे इसे चारे में खल, बिनौले और दलिया देते हैं। पांच साल की मोनी अब तक तीन बार बछड़ों को जन्म दे चुकी है और रोजाना 12 लीटर दूध देती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रतियोगिता में जींद जिले के भंभेवा गांव के किसान सोमबीर की मुर्राह नस्ल की भैंस भीमेश्वरी ने दो दांत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। भीमेश्वरी के मालिक सोमबीर ने बताया कि इससे पहले भी भीमेश्वरी कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। इसे मेरठ, कुरुक्षेत्र में आयोजित निजी और कुरुक्षेत्र में सरकार की ओर से आयोजित मेले में भी प्रथम स्थान हासिल किया था। अब एनडीआरआई के मेले में भी प्रथम स्थान हासिल कर लगातार चार पदक जीत लिए हैं।
किसान ने बताया कि भीमेश्वरी बजरंगी भैंसे की बेटी है। जबकि दो दांत प्रतियोगिता में लिजवना से आए पशुपालक अनिल की भैंस ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मुर्राह नस्ल की इस भैंस के मालिक ने बताया कि ये भैंस बजरंगी की पोती है। वहीं राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से आए किसान राजेंद्र कुमार की थार पार्कर बछड़ी भी दो दांत प्रतियोगिता में अव्वल रही।
सीखने का महत्वपूर्ण मंच
राष्ट्रीय डेयरी मेला और कृषि प्रदर्शनी के दूसरे दिन डेयरी नवाचार, ग्रामीण कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले जीवंत कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी मेला किसानों के लिए आधुनिक डेयरी तकनीक, पशु प्रबंधन और मूल्यवर्धन सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच है। जीवंत गतिविधियों ने किसानों, छात्रों, महिला उद्यमियों और पशुपालकों की भारी भीड़ को आकर्षित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बड़गुर्जर ने डेयरी विकास और डेयरी किसानों के उत्थान में एनडीआरआई के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
कुशल प्रबंधन कौशल का किया परीक्षण
दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिताओं में कुशल प्रबंधन कौशल का परीक्षण किया गया, जबकि सौंदर्य प्रतियोगिताओं में स्वास्थ्य, संरचना और आकर्षण के मामले में सर्वश्रेष्ठ नस्लों का प्रदर्शन किया गया। डेयरी प्रौद्योगिकी प्रभाग के स्नातक प्रयोगशाला में आयोजित पनीर बनाने की प्रतियोगिता में ग्रामीण महिलाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय किस्मों और नवीन स्वादों को प्रदर्शित करते हुए महिला नेतृत्व वाले डेयरी व्यवसायों को बढ़ावा दिया। आयोजन सचिव डॉ. गोपाल सांखला ने ज्ञान साझाकरण, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रति आईसीएआर-एनडीआरआई की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आईसीएआर-एनडीआरआई राष्ट्रीय डेयरी मेला और कृषि प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन पशुओं की सौंदर्य और दुग्ध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान शुष्क पशु प्रदर्शनी में पहले स्थान पर आने वाली सोनीपत के महारा गांव की मोनी आकर्षण का केंद्र रही। इससे पहले भी मोनी एनडीआरआई की पिछले साल की प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुकी है। जबकि जयपुर, अजमेर, डीएफए-1, आईएमटी मेरठ और सरकारी मेलों में भी सात बार इनाम जीत चुकी है।
पशुपालक अनजीत ने बताया कि मोनी यदुवंशी गोशाला से लाया गया था। ये शक्ति नंदी की सबसे पहली बेटी है। वे इसे चारे में खल, बिनौले और दलिया देते हैं। पांच साल की मोनी अब तक तीन बार बछड़ों को जन्म दे चुकी है और रोजाना 12 लीटर दूध देती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रतियोगिता में जींद जिले के भंभेवा गांव के किसान सोमबीर की मुर्राह नस्ल की भैंस भीमेश्वरी ने दो दांत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। भीमेश्वरी के मालिक सोमबीर ने बताया कि इससे पहले भी भीमेश्वरी कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। इसे मेरठ, कुरुक्षेत्र में आयोजित निजी और कुरुक्षेत्र में सरकार की ओर से आयोजित मेले में भी प्रथम स्थान हासिल किया था। अब एनडीआरआई के मेले में भी प्रथम स्थान हासिल कर लगातार चार पदक जीत लिए हैं।
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किसान ने बताया कि भीमेश्वरी बजरंगी भैंसे की बेटी है। जबकि दो दांत प्रतियोगिता में लिजवना से आए पशुपालक अनिल की भैंस ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मुर्राह नस्ल की इस भैंस के मालिक ने बताया कि ये भैंस बजरंगी की पोती है। वहीं राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से आए किसान राजेंद्र कुमार की थार पार्कर बछड़ी भी दो दांत प्रतियोगिता में अव्वल रही।
सीखने का महत्वपूर्ण मंच
राष्ट्रीय डेयरी मेला और कृषि प्रदर्शनी के दूसरे दिन डेयरी नवाचार, ग्रामीण कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले जीवंत कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी मेला किसानों के लिए आधुनिक डेयरी तकनीक, पशु प्रबंधन और मूल्यवर्धन सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच है। जीवंत गतिविधियों ने किसानों, छात्रों, महिला उद्यमियों और पशुपालकों की भारी भीड़ को आकर्षित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बड़गुर्जर ने डेयरी विकास और डेयरी किसानों के उत्थान में एनडीआरआई के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
कुशल प्रबंधन कौशल का किया परीक्षण
दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिताओं में कुशल प्रबंधन कौशल का परीक्षण किया गया, जबकि सौंदर्य प्रतियोगिताओं में स्वास्थ्य, संरचना और आकर्षण के मामले में सर्वश्रेष्ठ नस्लों का प्रदर्शन किया गया। डेयरी प्रौद्योगिकी प्रभाग के स्नातक प्रयोगशाला में आयोजित पनीर बनाने की प्रतियोगिता में ग्रामीण महिलाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय किस्मों और नवीन स्वादों को प्रदर्शित करते हुए महिला नेतृत्व वाले डेयरी व्यवसायों को बढ़ावा दिया। आयोजन सचिव डॉ. गोपाल सांखला ने ज्ञान साझाकरण, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से ग्रामीण सशक्तिकरण के प्रति आईसीएआर-एनडीआरआई की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।