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Karnal News: 887 की जगह 922 रुपये में दे रहे थे घरेलू गैस सिलिंडर
Sun, 07 Jun 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:11 AM IST
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भगवदिया गैस एजेंसी पर जांच करने पहुंची खाद्यपूर्ति विभाग की टीम
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करनाल। एजेंसी के गोदाम पर ही 887 रुपये की जगह होम डिलीवरी चार्ज समेत 922 रुपये में घरेलू एलपीजी सिलिंडर दिए जा रहे थे। भगवाड़िया गैस एजेंसी पर खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने उपभोक्ताओं की शिकायत पर निरीक्षण किया तो यह खुलासा हुआ।
जांच के दौरान एजेंसी पर और भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। एजेंसी के पास उपभोक्ताओं की संख्या 14 हजार मिली जबकि सप्लाई बेहद कम। गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर से पड़ताल की तो मालूम हुआ कि एजेंसी गैस के लिए आगे पैसे ही जमा नहीं करवा रही। इसकी वजह से गैस कम आ रही है। जो गैस आ रही है वह तुरंत निपट जा रही है और लोगों को रोजाना एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
रोजाना की तरह एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी थी। उपभोक्ता परेशान थे, वे एजेंसी पर सिलिंडर न देने और गैस की ब्लैक करने के आरोप लगाने लगे। शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एफएसओ मुकेश गुप्ता, सब इंस्पेक्टर मंजू और यश कालड़ा मौके पर पहुंचे। टीम ने एजेंसी और गोदाम की जांच की गई और करीब 10 से 12 उपभोक्ताओं के बयान भी दर्ज किए। रिकॉर्ड में एजेंसी के पास शहर के सबसे ज्यादा 14 हजार उपभोक्ता मिले। स्टॉक कम मंगाने पर गैस सप्लाई कंपनी से बात की तो पता चला कि एजेंसी की ओर से पैसे नहीं जमा करवाए जा रहे। उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी के नाम पर 35 रुपये भी वसूले जा रहे हैं। टीम ने इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर नियंत्रक को सौंप दी है। नियंत्रक की ओर से गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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सोमवार को खाद्य एवं नियंत्रक की ओर से एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय टीम को रिकॉर्ड में कई प्रविष्टियां भी मिली हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सप्लाई की कृत्रिम कमी पैदा कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा था, जिससे कालाबाजारी की आशंका और गहरा गई है। जरूरत पड़ने पर एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने या उसे सील करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सेल्स मैनेजर ने नहीं दिया लिखित कारण, विभाग ने भेजा नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स मैनेजर से लिखित में जवाब मांगा। मैनेजर की ओर से केवल मौखिक जवाब दिया गया। लिखित जवाब न देने पर विभाग की ओर से सेल्स मैनेजर को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने उनसे पूछा है कि एजेंसी में इतनी बड़ी संख्या में अनियमितताएं होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं की गई।
सील तक कर सकते हैं एजेंसी : नियंत्रक
भगवाड़िया गैस एजेंसी की शिकायतें मिली थी। मौके पर जांच टीम भेजी। घरेलू सिलिंडर के रेट ज्यादा वसूलने की बात सामने आई। कई अन्य अनियमितताएं भी मिली। इस पर टीम ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। अब गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर को नोटिस भेज जवाब मांगा है। इसके आधार पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। कार्रवाई में एजेंसी को सील भी किया जा सकता है। - मुकेश कुमार, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
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जांच के दौरान एजेंसी पर और भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। एजेंसी के पास उपभोक्ताओं की संख्या 14 हजार मिली जबकि सप्लाई बेहद कम। गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर से पड़ताल की तो मालूम हुआ कि एजेंसी गैस के लिए आगे पैसे ही जमा नहीं करवा रही। इसकी वजह से गैस कम आ रही है। जो गैस आ रही है वह तुरंत निपट जा रही है और लोगों को रोजाना एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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ऐसे हुआ खुलासा
रोजाना की तरह एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी थी। उपभोक्ता परेशान थे, वे एजेंसी पर सिलिंडर न देने और गैस की ब्लैक करने के आरोप लगाने लगे। शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एफएसओ मुकेश गुप्ता, सब इंस्पेक्टर मंजू और यश कालड़ा मौके पर पहुंचे। टीम ने एजेंसी और गोदाम की जांच की गई और करीब 10 से 12 उपभोक्ताओं के बयान भी दर्ज किए। रिकॉर्ड में एजेंसी के पास शहर के सबसे ज्यादा 14 हजार उपभोक्ता मिले। स्टॉक कम मंगाने पर गैस सप्लाई कंपनी से बात की तो पता चला कि एजेंसी की ओर से पैसे नहीं जमा करवाए जा रहे। उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी के नाम पर 35 रुपये भी वसूले जा रहे हैं। टीम ने इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर नियंत्रक को सौंप दी है। नियंत्रक की ओर से गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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सोमवार को खाद्य एवं नियंत्रक की ओर से एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय टीम को रिकॉर्ड में कई प्रविष्टियां भी मिली हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सप्लाई की कृत्रिम कमी पैदा कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा था, जिससे कालाबाजारी की आशंका और गहरा गई है। जरूरत पड़ने पर एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने या उसे सील करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सेल्स मैनेजर ने नहीं दिया लिखित कारण, विभाग ने भेजा नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स मैनेजर से लिखित में जवाब मांगा। मैनेजर की ओर से केवल मौखिक जवाब दिया गया। लिखित जवाब न देने पर विभाग की ओर से सेल्स मैनेजर को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने उनसे पूछा है कि एजेंसी में इतनी बड़ी संख्या में अनियमितताएं होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं की गई।
सील तक कर सकते हैं एजेंसी : नियंत्रक
भगवाड़िया गैस एजेंसी की शिकायतें मिली थी। मौके पर जांच टीम भेजी। घरेलू सिलिंडर के रेट ज्यादा वसूलने की बात सामने आई। कई अन्य अनियमितताएं भी मिली। इस पर टीम ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। अब गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर को नोटिस भेज जवाब मांगा है। इसके आधार पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। कार्रवाई में एजेंसी को सील भी किया जा सकता है। - मुकेश कुमार, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग