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Karnal News: मत पूछो क्या हाल है, हर नाक पर रुमाल है...
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सदर बाजार की जवाहर माकेंट में लगे गंदगी के ढ़ेर से आ रही बदबू से परेशान है दुकानदार और राहगीर।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मत पूछो क्या हाल है, गंदगी के कारण अब हर नाक पर रुमाल है...। स्वच्छता के मामले में प्रदेश में सिरमौर रहे करनाल के अब हालात खराब हो रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सड़कों पर गंदगी पसरी है। हालात यह हैं कि कोई भी मार्ग ऐसा नहीं है, जहां गंदगी न हो और हवा के साथ धूल, कागज और पॉलीथिन न उड़ें।
बदबू के कारण लोग नाक बंदकर निकलने लगे हैं। करीब 12 दिनों की हड़ताल से शहर की सड़कों पर करीब 400 टन कचरा पसरा है। न केवल करनाल शहर बल्कि जिले के अन्य उपमंडल और कस्बों में भी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। हर जगह गंदगी के कारण जीना मुहाल है।
स्थानीय निवासी प्रेम, रजनीश चौपड़ा, अंकुर और लक्ष्य का कहना है कि शासन और प्रशासन को बातचीत के माध्यम से इस मसले पर हल निकालना चाहिए। गंदगी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। अब तो लोगों के घरों से भी कचरा उठान बंद हो गया है। यदि हड़ताल जल्दी खत्म नहीं हुई तो आने वाले समय में दिक्कत और बढ़ सकती है। गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
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करनाल। मत पूछो क्या हाल है, गंदगी के कारण अब हर नाक पर रुमाल है...। स्वच्छता के मामले में प्रदेश में सिरमौर रहे करनाल के अब हालात खराब हो रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सड़कों पर गंदगी पसरी है। हालात यह हैं कि कोई भी मार्ग ऐसा नहीं है, जहां गंदगी न हो और हवा के साथ धूल, कागज और पॉलीथिन न उड़ें।
बदबू के कारण लोग नाक बंदकर निकलने लगे हैं। करीब 12 दिनों की हड़ताल से शहर की सड़कों पर करीब 400 टन कचरा पसरा है। न केवल करनाल शहर बल्कि जिले के अन्य उपमंडल और कस्बों में भी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। हर जगह गंदगी के कारण जीना मुहाल है।
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स्थानीय निवासी प्रेम, रजनीश चौपड़ा, अंकुर और लक्ष्य का कहना है कि शासन और प्रशासन को बातचीत के माध्यम से इस मसले पर हल निकालना चाहिए। गंदगी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। अब तो लोगों के घरों से भी कचरा उठान बंद हो गया है। यदि हड़ताल जल्दी खत्म नहीं हुई तो आने वाले समय में दिक्कत और बढ़ सकती है। गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
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