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Karnal News: तेजाब हमले से झुलसे बुजुर्ग ने तोड़ा दम, चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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मृतक महेश चंद की फाइल फोटो
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अंबाला। हाथी खाना मंदिर के निकट 10 मई को बदमाशों द्वारा फेंके गए तेजाब का शिकार हुए बुजुर्ग महेश चंद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वीरवार अलसुबह महेश चंद ने कैंट नागरिक अस्पताल के निजी वार्ड में आखिरी सांस ली। पड़ाव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचे दो डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस की टीम अभी तक सीसीटीवी फुटेज ही नहीं देख पाई है जिसमें बाइक सवार तीन युवक दिखाई दे रहे हो। पड़ाव थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश चल रही है। जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा।
महेश चंद थे वृद्धाश्रम में नेत्रहीन बुजुर्ग महिला का सहारा
महेश चंद अंबाला कैंट के रेडक्रॉस स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में लंबे समय से रह रहे थे। आश्रमवासियों के अनुसार वह बेहद दयालु और सेवाभावी व्यक्ति थे। वह आश्रम में ही रहने वाली एक नेत्रहीन बुजुर्ग महिला के लिए भाई की तरह सहारा बने हुए थे और हर काम में उनकी मदद करते थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही वृद्धाश्रम में शोक की लहर दौड़ गई और साथी बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं।
यह था पूरा मामला
10 मई को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर रेड क्रॉस कॉम्प्लेक्स निवासी महेश चंद्र (72) को हाथीखाना मंदिर में माथा टेक कर बाहर निकलने दो बाइक सवार युवकों ने रोक लिया था। आरोपियों ने जबरन बाइक पर बिठाने की कोशिश की। जब विरोध किया तो आरोपियों ने हम आपके बच्चों जैसे हैं की बात बोलकर जबरदस्ती अपनी बाइक पर बीच में बिठा लिया था। बदमाशों के साथ एक एक्टिवा सवार युवक भी शामिल था। एफसीआई गोदाम की तरफ सुनसान जगह पर ले जाने के बाद तलाशी ली थी। एक मामूली मोबाइल होने के कारण गुस्साए बदमाशों ने बुजुर्ग को बाइक से नीचे धक्का देने के बाद एक ने उन पर बोतल से कोई केमिकल फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात हमलावरों पर पुलिस ने एसिड या केमिकल अटैक की धारा 124(1), जबरन उठाकर ले जाने 140(3) व संगठित अपराध 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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महेश चंद थे वृद्धाश्रम में नेत्रहीन बुजुर्ग महिला का सहारा
महेश चंद अंबाला कैंट के रेडक्रॉस स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में लंबे समय से रह रहे थे। आश्रमवासियों के अनुसार वह बेहद दयालु और सेवाभावी व्यक्ति थे। वह आश्रम में ही रहने वाली एक नेत्रहीन बुजुर्ग महिला के लिए भाई की तरह सहारा बने हुए थे और हर काम में उनकी मदद करते थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही वृद्धाश्रम में शोक की लहर दौड़ गई और साथी बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं।
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यह था पूरा मामला
10 मई को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर रेड क्रॉस कॉम्प्लेक्स निवासी महेश चंद्र (72) को हाथीखाना मंदिर में माथा टेक कर बाहर निकलने दो बाइक सवार युवकों ने रोक लिया था। आरोपियों ने जबरन बाइक पर बिठाने की कोशिश की। जब विरोध किया तो आरोपियों ने हम आपके बच्चों जैसे हैं की बात बोलकर जबरदस्ती अपनी बाइक पर बीच में बिठा लिया था। बदमाशों के साथ एक एक्टिवा सवार युवक भी शामिल था। एफसीआई गोदाम की तरफ सुनसान जगह पर ले जाने के बाद तलाशी ली थी। एक मामूली मोबाइल होने के कारण गुस्साए बदमाशों ने बुजुर्ग को बाइक से नीचे धक्का देने के बाद एक ने उन पर बोतल से कोई केमिकल फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात हमलावरों पर पुलिस ने एसिड या केमिकल अटैक की धारा 124(1), जबरन उठाकर ले जाने 140(3) व संगठित अपराध 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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