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Karnal News: इंजीनियर एसोसिएशन ने दिया बिजली कर्मियों को समर्थन
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तरावड़ी में गेट मीटिंग के बाद प्रदर्शन करते .बिजली कर्मचारी। संवाद
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करनाल। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आंदोलन को इंजीनियर एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। लगातार दूसरे दिन जिलेभर में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यदि 11 अगस्त से प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल होती है तो इस बार केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि इंजीनियर एसोसिएशन के समर्थन के कारण एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारी भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। ऐसा होने पर जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भी विभिन्न सब यूनिटों में विरोध प्रदर्शन किए गए। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार के साथ वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला तो 11, 12 और 13 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल तय है।
इंजीनियर एसोसिएशन के समर्थन के बाद बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। यदि फील्ड स्तर के अधिकारियों ने भी हड़ताल में भाग लिया तो फॉल्ट अटेंड करने, फीडरों के संचालन, शटडाउन मंजूरी और आपूर्ति बहाल करने जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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इसी को देखते हुए निगम के वरिष्ठ अधिकारी लगातार समन्वय स्थापित करने में जुटे हैं। अंदरूनी स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए मंथन चल रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
सरकार के फैसलों का विरोध
संघर्ष मोर्चा बिजली विभाग के निजीकरण, एग्री डिस्कॉम के गठन, स्मार्ट मीटर और गुरुग्राम-नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में आंदोलन कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
संघर्ष मोर्चा के कार्यक्रम के अनुसार शनिवार तक सभी सब यूनिटों में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। इसके बाद भी यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति नहीं बनी तो 11 अगस्त से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू होगी।
हड़ताल हुई तो क्या होगा असर
-एक्सईएन, एसडीओ और जेई के भी शामिल होने की संभावना
-फॉल्ट अटेंड करने में देरी हो सकती है
-शटडाउन और सप्लाई बहाली प्रभावित होने की आशंका
-बिजली शिकायतों के निस्तारण पर पड़ सकता है असर
-निगम वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटा
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भी विभिन्न सब यूनिटों में विरोध प्रदर्शन किए गए। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार के साथ वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला तो 11, 12 और 13 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल तय है।
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इंजीनियर एसोसिएशन के समर्थन के बाद बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। यदि फील्ड स्तर के अधिकारियों ने भी हड़ताल में भाग लिया तो फॉल्ट अटेंड करने, फीडरों के संचालन, शटडाउन मंजूरी और आपूर्ति बहाल करने जैसे कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
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इसी को देखते हुए निगम के वरिष्ठ अधिकारी लगातार समन्वय स्थापित करने में जुटे हैं। अंदरूनी स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए मंथन चल रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
सरकार के फैसलों का विरोध
संघर्ष मोर्चा बिजली विभाग के निजीकरण, एग्री डिस्कॉम के गठन, स्मार्ट मीटर और गुरुग्राम-नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में आंदोलन कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
आज भी जारी रहेगा प्रदर्शन
संघर्ष मोर्चा के कार्यक्रम के अनुसार शनिवार तक सभी सब यूनिटों में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। इसके बाद भी यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति नहीं बनी तो 11 अगस्त से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू होगी।
हड़ताल हुई तो क्या होगा असर
-एक्सईएन, एसडीओ और जेई के भी शामिल होने की संभावना
-फॉल्ट अटेंड करने में देरी हो सकती है
-शटडाउन और सप्लाई बहाली प्रभावित होने की आशंका
-बिजली शिकायतों के निस्तारण पर पड़ सकता है असर
-निगम वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटा