फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Even after the discount, the car company dealer charged 31 percent tax.

Karnal News: छूट के बाद भी गाड़ी कंपनी डीलर ने वसूला 31 प्रतिशत टैक्स

Mon, 11 May 2026 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 11 May 2026 02:58 AM IST
विज्ञापन
Even after the discount, the car company dealer charged 31 percent tax.
करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिव्यांग सागर शर्मा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने राहुल करनाल हुंडई को जीएसटी छूट और पंजीकरण शुल्क के नाम पर वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन

इसके अलावा 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी को यह राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। अगर नहीं चुकाई तो नाै प्रतिशत दर के हिसाब से ब्याज देना होगा। आयोग के फैसले के अनुसार, भूसली गांव निवासी शिकायतकर्ता सागर शर्मा ने बताया कि वह 40 प्रतिशत से अधिक शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्ति हैं।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने अक्तूबर 2024 में सरकार की दिव्यांगजन नीति के तहत जीएसटी रियायत पर हुंडई कंपनी की वेन्यू खरीदने के लिए राहुल करनाल हुंडई एजेंसी में संपर्क किया था। भारत सरकार की ओर से जीएसटी रियायत का प्रमाण पत्र जारी करने के बावजूद राहुल हुंडई ने कुल 31 प्रतिशत टैक्स (एसजीएसटी, सीजीएसटी और सेस) वसूल लिया जबकि शिकायतकर्ता 18 प्रतिशत जीएसटी का पात्र था और उसे सेस से छूट प्राप्त थी। डीलर ने वास्तविक बिक्री मूल्य के बजाय एक्स-शोरूम कीमत पर पंजीकरण शुल्क लिया, जिससे लगभग 12,000 रुपये अतिरिक्त वसूले गए। शिकायतकर्ता से कुल 1,07,709 रुपये (टैक्स और पंजीकरण शुल्क मिलाकर) ज्यादा लिए गए। मामले की सुनवाई के दौरान दूसरी पार्टी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय मिलने के बावजूद कोई लिखित जवाब दाखिल नहीं किया। इस कारण उनके बचाव के अधिकार को समाप्त कर दिया गया। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने विपक्षी पक्ष राहुल करनाल हुंडई को आदेश दिया गया है कि वह शिकायतकर्ता को 1,07,709 रुपये की अतिरिक्त राशि वापस करे। इसके अलावा मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 20 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं मुकदमे के खर्च के रूप में 11 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। इन आदेशों को 45 दिनों के भीतर लागू करना होगा। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर आदेश की तारीख से वसूली तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा। वहीं दूसरे विपक्षी पक्ष हुंडई मोटर इंडिया के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी गई। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed