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Karnal News: ई रक्तकोष पोर्टल पर पांच ब्लड बैंक पंजीकृत, सिर्फ दो का स्टॉक उपलब्ध
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ई रक्तकोष पोर्टल पर दिखता स्टॉक। इंटरनेट मीडिया
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों और ब्लड सेंटर्स को अब केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म सीडीएससीओ के निर्देशों के तहत ई-रक्तकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। जिले में ई रक्तकोष पोर्टल पर पांच ब्लड बैंक पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ दो का ही स्टॉक अभी पोर्टल पर उपलब्ध हुआ है। जिला नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज समेत एक अन्य ब्लड बैंक का स्टॉक जारी नहीं किया गया है। 30 दिनों के भीतर सभी को यह रिकॉर्ड दर्ज करना अनिवार्य हो जाएगा।
जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक इंचार्ज संजय वर्मा के अनुसार, जिले में संचालित सरकारी व निजी ब्लड बैंकों को अपने स्टॉक, डोनर विवरण और रक्त वितरण की पूरी जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब ई-रक्तकोष को सीधे निरीक्षण प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जब ड्रग इंस्पेक्टर ब्लड बैंकों का निरीक्षण करेंगे तो वे पोर्टल पर दर्ज रक्त स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी या हेराफेरी पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और रक्त की अनियमित आपूर्ति या ओवरचार्जिंग जैसी शिकायतों पर रोक लगेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य स्तर की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जिले के ब्लड सेंटर्स में भी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
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करनाल। सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों और ब्लड सेंटर्स को अब केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म सीडीएससीओ के निर्देशों के तहत ई-रक्तकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। जिले में ई रक्तकोष पोर्टल पर पांच ब्लड बैंक पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ दो का ही स्टॉक अभी पोर्टल पर उपलब्ध हुआ है। जिला नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज समेत एक अन्य ब्लड बैंक का स्टॉक जारी नहीं किया गया है। 30 दिनों के भीतर सभी को यह रिकॉर्ड दर्ज करना अनिवार्य हो जाएगा।
जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक इंचार्ज संजय वर्मा के अनुसार, जिले में संचालित सरकारी व निजी ब्लड बैंकों को अपने स्टॉक, डोनर विवरण और रक्त वितरण की पूरी जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब ई-रक्तकोष को सीधे निरीक्षण प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जब ड्रग इंस्पेक्टर ब्लड बैंकों का निरीक्षण करेंगे तो वे पोर्टल पर दर्ज रक्त स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी या हेराफेरी पाई जाती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और रक्त की अनियमित आपूर्ति या ओवरचार्जिंग जैसी शिकायतों पर रोक लगेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य स्तर की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जिले के ब्लड सेंटर्स में भी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।