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Karnal News: मुक्केबाजी में कर्णनगरी के गंगा ने जीता स्वर्ण पदक
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मुक्केबाजी में कर्णनगरी के गंगा ने जीता स्वर्ण पदक
- फोटो : मुक्केबाजी में कर्णनगरी के गंगा ने जीता स्वर्ण पदक
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- कजाकिस्तान के मुक्केबाज को 3-2 के स्कोर से दी शिकस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के मुक्केबाज गंगा ने जकार्ता में आयोजित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के बेक्सुल्तान बोरानबेक को 3-2 से हराकर देश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता की शुरुआत से ही गंगा अच्छी लय में थे। फाइनल में उन्होंने अपनी फुर्ती और तकनीक का प्रदर्शन किया। गंगा के पिता विनोद ने जीत का श्रेय गंगा के समर्पण और कोचों के प्रशिक्षण को दिया। विनोद ने कहा कि यह पदक केवल गंगा की कड़ी मेहनत का नहीं बल्कि उनके कोचों के मार्गदर्शन का नतीजा है। गंगा के कोच सुरेंद्र चौहान ने कहा कि गंगा का प्रदर्शन अन्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि गंगा की खेल तकनीक और मैदान पर अनुशासन ही इस जीत की कुंजी है।
जिले के लिए गर्व की बात : कोच
कोच सुरेंद्र चौहान गंगा की तकनीक पर ध्यान देते थे। कोच किमत और संदीप उनकी फुर्ती व पंच के तरीके को सुधारते थे। कोच रवि लाठर गंगा की खुराक का पूरा ध्यान रखते हैं। जिला मुक्केबाजी एसोसिएशन के सचिव कोच रवि ने गंगा को बधाई देते हुए कहा कि यह जिले के लिए गर्व की बात है कि खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के मुक्केबाज गंगा ने जकार्ता में आयोजित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के बेक्सुल्तान बोरानबेक को 3-2 से हराकर देश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता की शुरुआत से ही गंगा अच्छी लय में थे। फाइनल में उन्होंने अपनी फुर्ती और तकनीक का प्रदर्शन किया। गंगा के पिता विनोद ने जीत का श्रेय गंगा के समर्पण और कोचों के प्रशिक्षण को दिया। विनोद ने कहा कि यह पदक केवल गंगा की कड़ी मेहनत का नहीं बल्कि उनके कोचों के मार्गदर्शन का नतीजा है। गंगा के कोच सुरेंद्र चौहान ने कहा कि गंगा का प्रदर्शन अन्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि गंगा की खेल तकनीक और मैदान पर अनुशासन ही इस जीत की कुंजी है।
जिले के लिए गर्व की बात : कोच
कोच सुरेंद्र चौहान गंगा की तकनीक पर ध्यान देते थे। कोच किमत और संदीप उनकी फुर्ती व पंच के तरीके को सुधारते थे। कोच रवि लाठर गंगा की खुराक का पूरा ध्यान रखते हैं। जिला मुक्केबाजी एसोसिएशन के सचिव कोच रवि ने गंगा को बधाई देते हुए कहा कि यह जिले के लिए गर्व की बात है कि खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
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