फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Illegal sales were taking place at petrol pumps, investigation reveals 100% increase in sales

Karnal News: पेट्रोल पंप से हो रही थी अवैध बिक्री, सेल 100 फीसदी बढ़ने पर जांच में खुलासा

Sun, 07 Jun 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 07 Jun 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
Illegal sales were taking place at petrol pumps, investigation reveals 100% increase in sales
पेट्रोल पंप की जाँच करने पहुंचे अधिकारी
करनाल। गैस के बाद अब पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की भी किल्लत बढ़ सकती है। कुछ पंप जमाखोरी करने पर जुटे हैं तो कुछ अवैध तरीके से बेच रहे हैं। इंद्री क्षेत्र में एक पंप की ओर से कैन व ड्रम में फ्यूल भरकर औद्योगिक इकाइयों को अवैध रूप से बेचा जा रहा था। पंप की बिक्री अचानक 100 प्रतिशत तक बढ़ने पर विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ।
विज्ञापन

पेट्रोल और डीजल की अवैध बिक्री, भंडारण और असामान्य खपत पर नजर रखने के लिए उपायुक्त ने पांच विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें पेट्रोल पंपों के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल ढोने वाले वाहनों, औद्योगिक उपभोक्ताओं और ईंधन की असामान्य बिक्री की जांच कर रही हैं।
विज्ञापन

नोडल अधिकारी डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि इंद्री क्षेत्र के पंप से रोजाना 25 हजार किलोलीटर ईंधन की बिक्री हो रही थी। विगत कुछ दिनों में पंप से बिक्री सौ फीसदी तक बढ़ गई थी। पंप पर जितना ईंधन आता पूरा एक ही दिन में बिक जाता था। जांच में अवैध बिक्री का खुलासा हुआ। पंप से ईंधन कैन व ड्रम में भरकर औद्योगिक इकाइयों को बेचा जा रहा था। कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर पंप पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। सील करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोजाना निरीक्षण कर बनाई जा रही रिपोर्ट
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के आदेश पर सभी पेट्रोल पंप पर ईंधन स्टॉक की जांच की जा रही है। टीमें जिले के सभी 260 पेट्रोल पंप का रोजाना निरीक्षण कर रिपोर्ट खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को सौंपती हैं। दैनिक कंट्रोल रजिस्टर भी रखा गया है। इसमें निरीक्षणों की संख्या, रिपोर्ट, मिली अनियमितताएं, की गई कार्रवाई और लंबित मामलों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा।
प्रशासन ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए प्रत्येक निरीक्षण रिपोर्ट के साथ जियो-टैग फोटोग्राफ अनिवार्य किए हैं। इन तस्वीरों में पेट्रोल पंप परिसर, स्टॉक एवं भंडारण क्षेत्र और अगर कोई उल्लंघन मिला हो तो उसके साक्ष्य शामिल करने होंगे।
टीमों को करनाल, निसिंग, घरौंडा, असंध, जुंडला, इंद्री, कुंजपुरा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी और निगदू क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक टीम में विभाग के अधिकारी, निरीक्षक और संबंधित तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारी शामिल हैं। इनके कार्यों की निगरानी संबंधित मार्केट कमेटियों के सचिव करेंगे।

रिपोर्ट में देरी पर होगी जवाबदेही तय
डीसी का कहना है कि कोई टीम निर्धारित समय के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करती है तो डीएफएससी उसी दिन रात 9 बजे तक इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को देंगे। निरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed