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Karnal News: काछवा खेल, संगीत और सेवा की त्रिवेणी, गांव के युवा बढ़ा रहे मान
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सुशीला
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करनाल।
जिले का काछवा गांव अपनी समृद्ध परंपराओं, सामाजिक समरसता और बहुमुखी प्रतिभाओं के कारण अलग पहचान बनाए हुए है। युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। संगीत, समाजसेवा और देशसेवा के क्षेत्र में भी पहचान बना रहे हैं। गांव में पांच सरकारी स्कूल संचालित हैं।
काछवा के शुभम वैद्य एक उभरते हुए सूफी पंजाबी गायक हैं। उन्होंने अपने लिखे भक्ति गीतों के माध्यम से पहचान बनाई है। वह टी-सीरीज व विभिन्न भक्ति चैनलों के लिए अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। उनके अलावा हरियाणवी गायक तेजपाल, रामलीला कलाकारों के साथ धार्मिक भजनों के गायक के रूप में आसपास के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। देशसेवा के क्षेत्र में भी काछवा का योगदान उल्लेखनीय है। गांव से कई युवा सेना में हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी गांव सशक्त है। यहां पांच सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एक प्राथमिक विद्यालय गांव में स्थित है। इसके अलावा समीपवर्ती राय फार्म और रणबीर नगर में आठवीं तक के स्कूल उपलब्ध हैं। विशेष बात यह है कि गांव के अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा दिलाना पसंद करते हैं, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता और विश्वास का स्तर स्पष्ट होता है।
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गायकी को बनाया पहचान
गायकी का शाैक पिता मान सिंह की प्रेरणा से कब पहचान बन गया यह पता नहीं चला। दादा फूला राम गायकी का शाैक रखते थे। उनसे पिताजी ने सीखा और अब तीसरी पीढ़ी में मेरी गायकी ही मेरी शान और पहचान बन गई है। मैंने टी सीरिज कंपनी के लिए लगदे रैन जयकारे, मैया जी तेरे कीर्तन में और भोला मस्त मलंग भजन गाकर ख्याति प्राप्त की है। - शुभम वैध, सूफी पंजाबी गायक
हरियाणवी में जीते खिताब
हरियाणवी गायकी का बचपन से शाैक रहा। कई खिताब जीते। रामलीला में कलाकार का मंचन हो या फिर भक्ति सार गायकी और अलग-अलग आवाज सभी से दर्शकों को बांधकर रखता हूं। दूरदर्शन व दिव्य भक्ति चैनल पर मेरे गाए भजन खूब चलते हैं। वहीं मां बाला सुंदरी, बाबा खाटू श्याम के भजनों की कैसेट भी निकाली है। - तेजपाल वर्मा, हरियाणवी गायक
समाज सेवा सदा रहे अग्रणी
भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा करनी हो या फिर समाजसेवा सदा अग्रणी रहा हूं। ऐसे कोई भी माैका नहीं छोड़ा जहां इन सेवाओं का माैका मिला हो। सेना में 1984 से 2004 तक तोपखाने में रहकर डयूटी दी। उसके बाद करीब 15 साल तक हरियाणा पुलिस में कार्यरत रहा हूं। अब माैका मिला तो ब्लाॅक समिति सदस्य बनकर लोगों के कार्य संवार रहा हूं। - सुरेश फाैजी, पूर्व सैनिक
कुश्ती में कमाया नाम, दे रहे प्रशिक्षण
परिवार की प्रेरणा से कुश्ती जगत में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खूब नाम कमाया। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में रजत, 2016 में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2017 में भी राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में प्रतिभाग किया। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी हरियाणा टीम में जिले का प्रतिनिधित्व किया। अब दिल्ली में पहलवानों को कोचिंग दे रहा हूं। -सोनू कुमार, खिलाड़ी व प्रशिक्षक
गांव से हटवाए अवैध ठेके
काछवा में 2022 में नई पंचायत बनते सबसे पहले गांव के अंदर अवैध रूप से बिक रही शराब को बंद कराया। अवैध ठेकों के बंद होने से महिलाओं ने चैन की सांस ली। इस सुधार की सभी ग्रामीणों ने सराहना की तो प्रेरणा से सामाजिक कार्यों व गरीब बेटियों के विवाह में भी योगदान शुरू किया। - सुशीला, समाजसेविका
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जिले का काछवा गांव अपनी समृद्ध परंपराओं, सामाजिक समरसता और बहुमुखी प्रतिभाओं के कारण अलग पहचान बनाए हुए है। युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। संगीत, समाजसेवा और देशसेवा के क्षेत्र में भी पहचान बना रहे हैं। गांव में पांच सरकारी स्कूल संचालित हैं।
काछवा के शुभम वैद्य एक उभरते हुए सूफी पंजाबी गायक हैं। उन्होंने अपने लिखे भक्ति गीतों के माध्यम से पहचान बनाई है। वह टी-सीरीज व विभिन्न भक्ति चैनलों के लिए अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। उनके अलावा हरियाणवी गायक तेजपाल, रामलीला कलाकारों के साथ धार्मिक भजनों के गायक के रूप में आसपास के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। देशसेवा के क्षेत्र में भी काछवा का योगदान उल्लेखनीय है। गांव से कई युवा सेना में हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में भी गांव सशक्त है। यहां पांच सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एक प्राथमिक विद्यालय गांव में स्थित है। इसके अलावा समीपवर्ती राय फार्म और रणबीर नगर में आठवीं तक के स्कूल उपलब्ध हैं। विशेष बात यह है कि गांव के अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा दिलाना पसंद करते हैं, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता और विश्वास का स्तर स्पष्ट होता है।
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गायकी को बनाया पहचान
गायकी का शाैक पिता मान सिंह की प्रेरणा से कब पहचान बन गया यह पता नहीं चला। दादा फूला राम गायकी का शाैक रखते थे। उनसे पिताजी ने सीखा और अब तीसरी पीढ़ी में मेरी गायकी ही मेरी शान और पहचान बन गई है। मैंने टी सीरिज कंपनी के लिए लगदे रैन जयकारे, मैया जी तेरे कीर्तन में और भोला मस्त मलंग भजन गाकर ख्याति प्राप्त की है। - शुभम वैध, सूफी पंजाबी गायक
हरियाणवी में जीते खिताब
हरियाणवी गायकी का बचपन से शाैक रहा। कई खिताब जीते। रामलीला में कलाकार का मंचन हो या फिर भक्ति सार गायकी और अलग-अलग आवाज सभी से दर्शकों को बांधकर रखता हूं। दूरदर्शन व दिव्य भक्ति चैनल पर मेरे गाए भजन खूब चलते हैं। वहीं मां बाला सुंदरी, बाबा खाटू श्याम के भजनों की कैसेट भी निकाली है। - तेजपाल वर्मा, हरियाणवी गायक
समाज सेवा सदा रहे अग्रणी
भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा करनी हो या फिर समाजसेवा सदा अग्रणी रहा हूं। ऐसे कोई भी माैका नहीं छोड़ा जहां इन सेवाओं का माैका मिला हो। सेना में 1984 से 2004 तक तोपखाने में रहकर डयूटी दी। उसके बाद करीब 15 साल तक हरियाणा पुलिस में कार्यरत रहा हूं। अब माैका मिला तो ब्लाॅक समिति सदस्य बनकर लोगों के कार्य संवार रहा हूं। - सुरेश फाैजी, पूर्व सैनिक
कुश्ती में कमाया नाम, दे रहे प्रशिक्षण
परिवार की प्रेरणा से कुश्ती जगत में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खूब नाम कमाया। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में रजत, 2016 में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2017 में भी राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में प्रतिभाग किया। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी हरियाणा टीम में जिले का प्रतिनिधित्व किया। अब दिल्ली में पहलवानों को कोचिंग दे रहा हूं। -सोनू कुमार, खिलाड़ी व प्रशिक्षक
गांव से हटवाए अवैध ठेके
काछवा में 2022 में नई पंचायत बनते सबसे पहले गांव के अंदर अवैध रूप से बिक रही शराब को बंद कराया। अवैध ठेकों के बंद होने से महिलाओं ने चैन की सांस ली। इस सुधार की सभी ग्रामीणों ने सराहना की तो प्रेरणा से सामाजिक कार्यों व गरीब बेटियों के विवाह में भी योगदान शुरू किया। - सुशीला, समाजसेविका

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