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काछवा खेल मैदान बदहाल : टूटी खिड़कियां, ऊबड़-खाबड़ ट्रैक और हादसों का खतरा
Wed, 13 May 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 13 May 2026 01:39 AM IST
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काछवा में ऊबड़-खाबड़ ट्रैक पर अभ्यास करते खिलाड़ी संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
काछवा। गांव का खेल मैदान सुविधाओं के अभाव में बदहाल पड़ा है। यहां न तो साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के लिए चौकीदार की तैनाती। खेल भवन के दरवाजे और खिड़कियां टूटी पड़ी हैं, जिससे चोरी और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है।
शाम होते ही मैदान में शरारती तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जो यहां मादक पदार्थों का सेवन करते हैं और भवन को नुकसान पहुंचाते हैं। मैदान के बीच से जा रही बिजली की तार भी खिलाड़ियों के लिए खतरा बनी हुई है। वहीं, मैदान की स्थिति भी खिलाड़ियों के लिए चुनौती बनी हुई है। एथलेटिक्स ट्रैक ऊबड़-खाबड़ होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान चोट और मोच का सामना करना पड़ता है। ट्रैक को हर बार खिलाड़ियों और कोच की मदद से समतल कराया जाता है लेकिन यह राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर खरा नहीं उतर पाता।
एथलेटिक्स कोच गजराज के अनुसार, मैदान के अंदर से गुजर रही बिजली की तार काफी नीचे लटक रही हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। इस समस्या को ग्राम पंचायत के सरपंच दीपक और विधायक जगमोहन आनंद के संज्ञान में भी लाया जा चुका है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान की सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए खेल विभाग को जल्द से जल्द चौकीदार और सफाई कर्मी की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
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काछवा को दो खेल नर्सरियां आवंटित
खेल विभाग की ओर से सत्र 2026-27 के तहत एथलेटिक्स और हॉकी की खेल नर्सरियां आवंटित किए जाने के बाद यहां सुबह-शाम खिलाड़ियों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। वर्तमान में दोनों नर्सरियों में करीब 70 खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। इन नर्सरियों में केवल काछवा ही नहीं, बल्कि बजीदा रोड़ान, रणजीत नगर और पुंडरक जैसे आसपास के गांवों के बच्चे भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
-- सुविधाएं मिले तो प्रदर्शन होगा बेहतर
काछवा के खिलाडियों में दीपचंद, सागर, कुलदीप, कपिल, प्रिंस, एसमिन, दीया और परमजीत काैर ने कहा कि खिलाड़ियों को यदि मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलती रहे तो वह खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। एथलेटिक्स ट्रैक को सही रखने के लिए खिलाड़ी रोजाना इसे संवार के रखते हैं। यदि खेल विभाग की ओर से इस पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए तो यहां से राष्ट्रीय स्तर के एथलीट तैयार हो सकते हैं।
वर्जन
एथलेटिक्स ट्रैक को बेहतर किया जाए : गजराज
कोच गजराज ने कहा कि एथलेटिक्स ट्रैक को दोबारा समतल करना जरूरी है। यदि ट्रैक को मानकों के अनुसार तैयार किया जाए तो यहां के खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे और पदक जीत सकेंगे। यहां दिन में सफाई कर्मी व रात के समय चौकीदार की तैनाती होनी चाहिए।
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काछवा। गांव का खेल मैदान सुविधाओं के अभाव में बदहाल पड़ा है। यहां न तो साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के लिए चौकीदार की तैनाती। खेल भवन के दरवाजे और खिड़कियां टूटी पड़ी हैं, जिससे चोरी और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है।
शाम होते ही मैदान में शरारती तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जो यहां मादक पदार्थों का सेवन करते हैं और भवन को नुकसान पहुंचाते हैं। मैदान के बीच से जा रही बिजली की तार भी खिलाड़ियों के लिए खतरा बनी हुई है। वहीं, मैदान की स्थिति भी खिलाड़ियों के लिए चुनौती बनी हुई है। एथलेटिक्स ट्रैक ऊबड़-खाबड़ होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान चोट और मोच का सामना करना पड़ता है। ट्रैक को हर बार खिलाड़ियों और कोच की मदद से समतल कराया जाता है लेकिन यह राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर खरा नहीं उतर पाता।
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एथलेटिक्स कोच गजराज के अनुसार, मैदान के अंदर से गुजर रही बिजली की तार काफी नीचे लटक रही हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। इस समस्या को ग्राम पंचायत के सरपंच दीपक और विधायक जगमोहन आनंद के संज्ञान में भी लाया जा चुका है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान की सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए खेल विभाग को जल्द से जल्द चौकीदार और सफाई कर्मी की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
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काछवा को दो खेल नर्सरियां आवंटित
खेल विभाग की ओर से सत्र 2026-27 के तहत एथलेटिक्स और हॉकी की खेल नर्सरियां आवंटित किए जाने के बाद यहां सुबह-शाम खिलाड़ियों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। वर्तमान में दोनों नर्सरियों में करीब 70 खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। इन नर्सरियों में केवल काछवा ही नहीं, बल्कि बजीदा रोड़ान, रणजीत नगर और पुंडरक जैसे आसपास के गांवों के बच्चे भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
काछवा के खिलाडियों में दीपचंद, सागर, कुलदीप, कपिल, प्रिंस, एसमिन, दीया और परमजीत काैर ने कहा कि खिलाड़ियों को यदि मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलती रहे तो वह खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। एथलेटिक्स ट्रैक को सही रखने के लिए खिलाड़ी रोजाना इसे संवार के रखते हैं। यदि खेल विभाग की ओर से इस पर समय-समय पर ध्यान दिया जाए तो यहां से राष्ट्रीय स्तर के एथलीट तैयार हो सकते हैं।
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एथलेटिक्स ट्रैक को बेहतर किया जाए : गजराज
कोच गजराज ने कहा कि एथलेटिक्स ट्रैक को दोबारा समतल करना जरूरी है। यदि ट्रैक को मानकों के अनुसार तैयार किया जाए तो यहां के खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे और पदक जीत सकेंगे। यहां दिन में सफाई कर्मी व रात के समय चौकीदार की तैनाती होनी चाहिए।