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Karnal News: मशीनों से मुख्य सड़कें चमकाईं, गलियों में सड़ रहा 280 मीट्रिक टन कचरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 12:51 AM IST
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Machines cleaned the main roads, 280 metric tons of garbage was rotting in the streets.
सफाई कर्मचारियों ​की हड़ताल के दौरान सदर बाजार में पड़ृी गंदगी में मुंह मारते गोवंश। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर निगम कर्मचारियों की सात दिन से जारी हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। मुख्य सड़कों पर भले ही मशीनों के सहारे सफाई कर हालात संभालने की कोशिश की जा रही हो लेकिन अंदरूनी गलियों और रिहायशी इलाकों में करीब 280 मीट्रिक टन कचरा जमा होकर सड़ रहा है। कई जगहों पर बदबू से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर से सामान्य दिनों में करीब 230 मीट्रिक टन कचरा रोजाना निकलता था। लेकिन हड़ताल के चलते अब सिर्फ 190 मीट्रिक टन कचरे का ही उठान हो पा रहा है, वह भी मुख्य सड़कों और बाजारों तक सीमित है। शेष करीब 40 मीट्रिक टन कचरा रोजाना गलियों में ही जमा हो रहा है जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
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हड़ताल के बाद निगम ने सफाई के लिए मशीनी संसाधनों और डोर-टू-डोर कलेक्शन गाड़ियों पर निर्भरता बढ़ा दी है। मुख्य मार्गों पर मशीनें दौड़ रही हैं जिससे वहां कुछ हद तक सफाई नजर आ रही है। लेकिन जिन इलाकों में हाथ से कचरा उठाने की जरूरत होती है, वहां पूरी व्यवस्था ठप पड़ी है।
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कॉलोनियों, गलियों और बाजारों के कोनों में कचरे के ढेर लग चुके हैं। कई जगह ये ढेर छोटे-छोटे डंपिंग पॉइंट में बदल गए हैं। हालात यह हैं कि कूड़े के बीच आवारा पशु और कुत्ते मंडरा रहे हैं जिससे गंदगी और ज्यादा फैल रही है।

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हर दिन बढ़ रहा संकट

लगातार सात दिन से सफाई व्यवस्था बाधित होने के कारण कचरे का बोझ बढ़ता जा रहा है। अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो यह आंकड़ा और खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। नालियों में कचरा भरने लगा है जिससे जलभराव और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।

इसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी पड़ सकता है। जिन मानकों के आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया जाता है, उनमें नियमित कचरा उठान और साफ-सफाई सबसे अहम है। मौजूदा हालात में शहर इन मानकों पर पिछड़ता नजर आ रहा है।

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वर्जन :
जिले में रोजाना 230 एमटी कूड़ा प्लांट तक पहुंचता है। हड़ताल के दिनों में यह आंकड़ा 190 मीट्रिक टन पर आ गया है। रोजाना 40 एमटी कूड़े का उठान नहीं हो पाया है। मुख्य मार्गों पर मशीनों से सफाई की जा रही है। - सुरेन्द्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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