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Karnal News: मेयर का पीए बताकर ठगने वाला गिरफ्तार
Sun, 03 May 2026 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 03 May 2026 02:25 AM IST
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करनाल।
खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों को नौकरी दिलाने और प्रॉपर्टी आईडी सहित नगर निगम संबंधित कार्य कराने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले ओमप्रकाश उर्फ प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब सवा साल से नगर निगम में सक्रिय था और लोगों को ठग रहा था। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
थाना सिविल लाइन के जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से पटियाला का रहने वाला आरोपी करीब 20 साल से कर्ण विहार में किराये पर रह रहा था। वह पिछले सवा साल से खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों को झांसा दे रहा था। विदेश जाने वाले लोगों से पुलिस सत्यापन के नाम पर भी रुपये ऐंठता था। नगर निगम कार्यालय में भी चक्कर लगाता रहता था।
मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया कि कई दिनों से लोग आरोपी की धोखाधड़ी की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। आरोपी ने हरिद्वार में भी उनके नाम का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की थी। उन्होंने एसपी को शिकायत दी। इसके बाद बाद पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार किया। थाना सिविल लाइन में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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हरिद्वार में मेयर के नाम पर कमरा लेकर की अय्याशी
आरोपी ओमप्रकाश पिछले दिनों एक लड़की के साथ हरिद्वार गया था। वहां एक आश्रम में उसने मेयर के नाम से कमरा लिया। उसकी गलत हरकतों को देखकर संस्था के लोगों ने करनाल संपर्क किया। स्थानीय ट्रस्टी कैलाश गुप्ता ने मेयर से संपर्क किया तो पता चला कि वह पीए नहीं है। उन्होंने मोबाइल नंबर लेने के बाद आरोपी से बात की तो उसने गलती के लिए माफी मांगी। इस हरकत के बाद मेयर रेणू बाला गुप्ता ने एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
पांच साल पहले मेयर के पास नौकरी मांगने आया था
मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया कि हरिद्वार का मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो पता चला कि आरोपी ओमप्रकाश करीब पांच साल पहले उनके पास नौकरी मांगने आया था। उन्होंने उसे नौकरी नहीं दी थी। मेयर ने बताया कि उनके अब तक के करीब 13 साल के कार्यकाल में सात पीए रह चुके हैं। किसी ने भी इस तरह की हरकत नहीं की और ओमप्रकाश उनके स्टाफ का हिस्सा कभी नहीं रहा।
आरोपी शादीशुदा है। उसका एक बेटा भी है। अब तक लोगों से रुपये कितने लिए हैं, वह नहीं बता पाया है। फिलहाल अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। - रामलाल, प्रभारी, थाना सिविल लाइन
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खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों को नौकरी दिलाने और प्रॉपर्टी आईडी सहित नगर निगम संबंधित कार्य कराने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले ओमप्रकाश उर्फ प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब सवा साल से नगर निगम में सक्रिय था और लोगों को ठग रहा था। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
थाना सिविल लाइन के जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से पटियाला का रहने वाला आरोपी करीब 20 साल से कर्ण विहार में किराये पर रह रहा था। वह पिछले सवा साल से खुद को मेयर का पीए बताकर लोगों को झांसा दे रहा था। विदेश जाने वाले लोगों से पुलिस सत्यापन के नाम पर भी रुपये ऐंठता था। नगर निगम कार्यालय में भी चक्कर लगाता रहता था।
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मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया कि कई दिनों से लोग आरोपी की धोखाधड़ी की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। आरोपी ने हरिद्वार में भी उनके नाम का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी की थी। उन्होंने एसपी को शिकायत दी। इसके बाद बाद पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार किया। थाना सिविल लाइन में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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हरिद्वार में मेयर के नाम पर कमरा लेकर की अय्याशी
आरोपी ओमप्रकाश पिछले दिनों एक लड़की के साथ हरिद्वार गया था। वहां एक आश्रम में उसने मेयर के नाम से कमरा लिया। उसकी गलत हरकतों को देखकर संस्था के लोगों ने करनाल संपर्क किया। स्थानीय ट्रस्टी कैलाश गुप्ता ने मेयर से संपर्क किया तो पता चला कि वह पीए नहीं है। उन्होंने मोबाइल नंबर लेने के बाद आरोपी से बात की तो उसने गलती के लिए माफी मांगी। इस हरकत के बाद मेयर रेणू बाला गुप्ता ने एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
पांच साल पहले मेयर के पास नौकरी मांगने आया था
मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया कि हरिद्वार का मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो पता चला कि आरोपी ओमप्रकाश करीब पांच साल पहले उनके पास नौकरी मांगने आया था। उन्होंने उसे नौकरी नहीं दी थी। मेयर ने बताया कि उनके अब तक के करीब 13 साल के कार्यकाल में सात पीए रह चुके हैं। किसी ने भी इस तरह की हरकत नहीं की और ओमप्रकाश उनके स्टाफ का हिस्सा कभी नहीं रहा।
आरोपी शादीशुदा है। उसका एक बेटा भी है। अब तक लोगों से रुपये कितने लिए हैं, वह नहीं बता पाया है। फिलहाल अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। - रामलाल, प्रभारी, थाना सिविल लाइन