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Karnal News: उठान हुआ न भुगतान, मंडी में हंगामा
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तरावड़ी मार्किट कमेटी कार्यालय में सचिव को ज्ञापन सौंपते हुये मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता व आढ़ती।
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तरावड़ी। अनाज मंडी में गेहूं के उठान और भुगतान में देरी पर मंगलवार को आढ़तियों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन किया। काफी देर तक हंगामा होता रहा। इसके बाद बड़ी संख्या में आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और सचिव संजीव सचदेवा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भुगतान और उठान की मांग की।
आढ़तियों का आरोप है कि फूड एंड सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली से वे परेशान हैं। मंडी में करीब डेढ़ लाख कट्टा गेहूं पड़ा हुआ है लेकिन उठान नहीं हो रहा। इसके चलते मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है और अब मौसम भी खराब हो रहा है। अगर बारिश होती है तो गेहूं खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गेहूं का उठान करवाया जाए और किसानों का लंबित भुगतान जल्दी हो। इस अवसर पर ब्रजमोहन गर्ग, दुर्गेश मित्तल, राजेश गर्ग, रामनिवास बंसल, रामकुमार शर्मा, सुरेश सिंगला, प्यारा लाल काठपाल और कृष्ण राणा पधाना मौजूद रहे।
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प्रधान बोले, मंडी की स्थिति गंभीर
मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता ने कहा कि मंडी की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। उठान में देरी और भुगतान रुकने से आढ़ती और किसान दोनों परेशान हैं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
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करीब 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं का नहीं हुआ उठान
करनाल। जिले की मंडियों में करीब 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं का खरीद के बाद भी उठान नहीं हुआ। यह गेहूं मंडियों में पड़ा है। इसे बारिश आने पर भीगने का खतरा है। इसे लेकर किसान और आढ़तियों में चिंता बनी हुई है। जिले की सभी मंडियों में करीब 7.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। विभिन्न खरीद एजेंसियों की ओर से 756579 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। ब्यूरो
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आढ़तियों का आरोप है कि फूड एंड सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली से वे परेशान हैं। मंडी में करीब डेढ़ लाख कट्टा गेहूं पड़ा हुआ है लेकिन उठान नहीं हो रहा। इसके चलते मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है और अब मौसम भी खराब हो रहा है। अगर बारिश होती है तो गेहूं खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गेहूं का उठान करवाया जाए और किसानों का लंबित भुगतान जल्दी हो। इस अवसर पर ब्रजमोहन गर्ग, दुर्गेश मित्तल, राजेश गर्ग, रामनिवास बंसल, रामकुमार शर्मा, सुरेश सिंगला, प्यारा लाल काठपाल और कृष्ण राणा पधाना मौजूद रहे।
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प्रधान बोले, मंडी की स्थिति गंभीर
मंडी प्रधान सुभाष गुप्ता ने कहा कि मंडी की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। उठान में देरी और भुगतान रुकने से आढ़ती और किसान दोनों परेशान हैं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
करीब 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं का नहीं हुआ उठान
करनाल। जिले की मंडियों में करीब 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं का खरीद के बाद भी उठान नहीं हुआ। यह गेहूं मंडियों में पड़ा है। इसे बारिश आने पर भीगने का खतरा है। इसे लेकर किसान और आढ़तियों में चिंता बनी हुई है। जिले की सभी मंडियों में करीब 7.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। विभिन्न खरीद एजेंसियों की ओर से 756579 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। ब्यूरो