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धान घोटाला : जांच में आया हैफेड के जिला प्रबंधक का नाम... जमानत याचिका खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। धान घोटाले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े अधिकारियों के नाम सामने आने लगे हैं। मामले में आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी होना तय है। पुलिस की जांच में अब हैफेड के जिला प्रबंधक कृपाल सिंह का नाम आया है। आरोप है कि उन्होंने धान घोटाले में शामिल रहे असंध के प्रबंधक प्रमोद कुमार और निसिंग के प्रबंधक दर्शन सिंह से 80-80 हजार रुपये लिए थे।
जांच में नाम सामने आने की भनक लगते ही प्रबंधक कृपाल दास ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया है।
उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से नवंबर, 2025 को श्री राधे राधे राइस मिल असंध ओर एमएस अग्रवाल एंड संस राइस मिल में धान का भाैतिक सत्यापन किया गया था। इस दौरान करीब 9 करोड़ रुपये का धान कम पाया गया था। इसी मामले में हैफेड़ के तत्कालीन जिला प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित करके कृपाल दास को हैफेड का डीएम नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि 11 नवंबर को हैफेड के जिला प्रबंधक कृपाल दास ने धोखाधड़ी की धाराओं में असंध थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
उप जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायाधीश के समक्ष धान घोटाले के सबूत रखे गए और मजबूती से दलील दी गई। इस पर एएसजे रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों को गंभीरता के साथ सुना ओर उप जिला न्यायवादी की ठोस दलीलों को देखते हुए आरोपी कृपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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दो मिलों में कम मिला था 33,052 क्विंटल धान
असंध में राधे राधे और अग्रवाल राइस मिल में 9.25 करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ था। धान की आवक दिखा और फर्जी गेटपास काटकर घोटाला किया गया था। अग्रवाल एंड संस राइस मिल असंध को कुल 39,460 बैग धान दिया गया था। दो नवंबर को की गई जांच में मौके पर सिर्फ 13220 ही बैग मिले थे। 9840 क्विंटल धान कम पाया गया था। राधे राधे राइस मिल को कुल 1,48,113 बैग धान के दिए गए, सत्यापन के दौरान मौके पर 86,215 बैग ही मिले थे। यहां 23,212 क्विंटल धान कम मिला था। दोनों राइस मिलों में 33,052 क्विंटल धान कम मिला था।
धान की कीमत 9 करोड़ 25 लाख 45 हजार 600 रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने राधे राधे मिल संचालक शीशपाल और मामले में शामिल सुनील गोयल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। छह फरवरी को हैफेड के असंध प्रबंधक प्रमोद, निसिंग प्रबंधक दर्शन सिंह को गिरफ्तार किया था। मामले में हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित किया गया था। बाद में पुलिस ने घोटाले में शामिल पाए जाने पर हैफेड असंध केंद्र के प्रबंधक प्रमोद कुमार, और निसिंग के वरिष्ठ प्रबंधक दर्शन सिंह को गिरफ्तार किया था।
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करनाल। धान घोटाले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े अधिकारियों के नाम सामने आने लगे हैं। मामले में आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी होना तय है। पुलिस की जांच में अब हैफेड के जिला प्रबंधक कृपाल सिंह का नाम आया है। आरोप है कि उन्होंने धान घोटाले में शामिल रहे असंध के प्रबंधक प्रमोद कुमार और निसिंग के प्रबंधक दर्शन सिंह से 80-80 हजार रुपये लिए थे।
जांच में नाम सामने आने की भनक लगते ही प्रबंधक कृपाल दास ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया है।
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उप जिला न्यायवादी सचिन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से नवंबर, 2025 को श्री राधे राधे राइस मिल असंध ओर एमएस अग्रवाल एंड संस राइस मिल में धान का भाैतिक सत्यापन किया गया था। इस दौरान करीब 9 करोड़ रुपये का धान कम पाया गया था। इसी मामले में हैफेड़ के तत्कालीन जिला प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित करके कृपाल दास को हैफेड का डीएम नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि 11 नवंबर को हैफेड के जिला प्रबंधक कृपाल दास ने धोखाधड़ी की धाराओं में असंध थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
उप जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायाधीश के समक्ष धान घोटाले के सबूत रखे गए और मजबूती से दलील दी गई। इस पर एएसजे रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों को गंभीरता के साथ सुना ओर उप जिला न्यायवादी की ठोस दलीलों को देखते हुए आरोपी कृपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
दो मिलों में कम मिला था 33,052 क्विंटल धान
असंध में राधे राधे और अग्रवाल राइस मिल में 9.25 करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ था। धान की आवक दिखा और फर्जी गेटपास काटकर घोटाला किया गया था। अग्रवाल एंड संस राइस मिल असंध को कुल 39,460 बैग धान दिया गया था। दो नवंबर को की गई जांच में मौके पर सिर्फ 13220 ही बैग मिले थे। 9840 क्विंटल धान कम पाया गया था। राधे राधे राइस मिल को कुल 1,48,113 बैग धान के दिए गए, सत्यापन के दौरान मौके पर 86,215 बैग ही मिले थे। यहां 23,212 क्विंटल धान कम मिला था। दोनों राइस मिलों में 33,052 क्विंटल धान कम मिला था।
धान की कीमत 9 करोड़ 25 लाख 45 हजार 600 रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने राधे राधे मिल संचालक शीशपाल और मामले में शामिल सुनील गोयल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। छह फरवरी को हैफेड के असंध प्रबंधक प्रमोद, निसिंग प्रबंधक दर्शन सिंह को गिरफ्तार किया था। मामले में हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित किया गया था। बाद में पुलिस ने घोटाले में शामिल पाए जाने पर हैफेड असंध केंद्र के प्रबंधक प्रमोद कुमार, और निसिंग के वरिष्ठ प्रबंधक दर्शन सिंह को गिरफ्तार किया था।

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