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Karnal News: पारा 40 डिग्री के पार, बढ़े डिहाइड्रेशन के मरीज
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जिला नागरिक अस्पताल की लैब के बाहर रक्त जांच कराने आए लोगों की लगी कतार। अमर उजाला
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 200 से अधिक मरीज पानी की कमी, चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। अधिक संख्या बच्चों की है।
एमडी डॉ. प्रिय दलाल के अनुसार, गर्म हवा और तेज धूप शरीर से पानी को तेजी से कम कर देती है। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनके शरीर में पानी का संतुलन जल्दी बिगड़ जाता है। अस्पताल में आ रहे अधिकतर मरीजों में अत्यधिक प्यास, चक्कर आना, थकान, उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि शरीर को हाइड्रेट रखा जाए। लोग अक्सर प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं, जबकि इस मौसम में बिना प्यास लगे भी नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए। बच्चों को विशेष रूप से ध्यान में रखें, क्योंकि वे खेल में व्यस्त होकर पानी पीना भूल जाते हैं।
सिर का ढककर बाहर निकलें
डॉक्टर दीपक गोयल के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। खानपान में भी बदलाव करते हुए तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन बढ़ाना चाहिए। बहुत अधिक ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें। धूप से आने के तुरंत बाद ठंडे पानी से न नहाएं। अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवानी चाहिए।
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करनाल। बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 200 से अधिक मरीज पानी की कमी, चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। अधिक संख्या बच्चों की है।
एमडी डॉ. प्रिय दलाल के अनुसार, गर्म हवा और तेज धूप शरीर से पानी को तेजी से कम कर देती है। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनके शरीर में पानी का संतुलन जल्दी बिगड़ जाता है। अस्पताल में आ रहे अधिकतर मरीजों में अत्यधिक प्यास, चक्कर आना, थकान, उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि शरीर को हाइड्रेट रखा जाए। लोग अक्सर प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं, जबकि इस मौसम में बिना प्यास लगे भी नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए। बच्चों को विशेष रूप से ध्यान में रखें, क्योंकि वे खेल में व्यस्त होकर पानी पीना भूल जाते हैं।
सिर का ढककर बाहर निकलें
डॉक्टर दीपक गोयल के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। खानपान में भी बदलाव करते हुए तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन बढ़ाना चाहिए। बहुत अधिक ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें। धूप से आने के तुरंत बाद ठंडे पानी से न नहाएं। अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवानी चाहिए।

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