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Karnal News: दर्द आज... अल्ट्रासाउंड एक हफ्ते बाद, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:33 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नागरिक अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि डॉक्टर की ओर से तुरंत जांच लिखे जाने के बावजूद मरीजों को 5 से 7 दिन बाद आने के लिए कहा जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की पूरी व्यवस्था फिलहाल केवल एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे है। यही रेडियोलॉजिस्ट सीटी स्कैन सहित अन्य रेडियोलॉजी सेवाएं भी संभाल रहा है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच एक डॉक्टर पर बढ़ा दबाव व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार रोजाना करीब 80 अल्ट्रासाउंड ही किए जा रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तुरंत जांच संभव नहीं हो पाती।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल का कहना है कि अस्पताल में रोजाना 80 अल्ट्रासाउंड होते हैं। किसी भी मरीज को यदि गंभीर समस्या है तो वह अस्पताल में दाखिल हो सकते हैं। दाखिल होने वाले सभी मरीजों का उसी दिन अल्ट्रासाउंड करा दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए बाहर नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है।
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केस-1: दर्द बढ़ा, इंतजार करना पड़ेगा
सेक्टर-13 निवासी सीमा देवी (32) पेट दर्द से परेशान थीं। डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड लिखा लेकिन अस्पताल से उन्हें 6 दिन बाद की तारीख मिली। दर्द अभी है लेकिन जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
केस-2: निजी लैब का सहारा लेना पड़ा
निगदू निवासी राजेश कुमार (45) को किडनी की समस्या के चलते अल्ट्रासाउंड कराना था। सरकारी अस्पताल में देरी देखकर उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। सरकारी में समय नहीं मिला, बाहर ज्यादा पैसे देने पड़े।
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करनाल। नागरिक अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि डॉक्टर की ओर से तुरंत जांच लिखे जाने के बावजूद मरीजों को 5 से 7 दिन बाद आने के लिए कहा जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की पूरी व्यवस्था फिलहाल केवल एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे है। यही रेडियोलॉजिस्ट सीटी स्कैन सहित अन्य रेडियोलॉजी सेवाएं भी संभाल रहा है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच एक डॉक्टर पर बढ़ा दबाव व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार रोजाना करीब 80 अल्ट्रासाउंड ही किए जा रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तुरंत जांच संभव नहीं हो पाती।
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जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल का कहना है कि अस्पताल में रोजाना 80 अल्ट्रासाउंड होते हैं। किसी भी मरीज को यदि गंभीर समस्या है तो वह अस्पताल में दाखिल हो सकते हैं। दाखिल होने वाले सभी मरीजों का उसी दिन अल्ट्रासाउंड करा दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए बाहर नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है।
केस-1: दर्द बढ़ा, इंतजार करना पड़ेगा
सेक्टर-13 निवासी सीमा देवी (32) पेट दर्द से परेशान थीं। डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड लिखा लेकिन अस्पताल से उन्हें 6 दिन बाद की तारीख मिली। दर्द अभी है लेकिन जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
केस-2: निजी लैब का सहारा लेना पड़ा
निगदू निवासी राजेश कुमार (45) को किडनी की समस्या के चलते अल्ट्रासाउंड कराना था। सरकारी अस्पताल में देरी देखकर उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। सरकारी में समय नहीं मिला, बाहर ज्यादा पैसे देने पड़े।