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Karnal News: 100 बसें हटाने से यात्री हुए परेशान, निजी बसों में किया मुश्किलों भरा सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:13 AM IST
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Passengers were troubled by the removal of 100 buses, and their journey in private buses was difficult.
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कुरुक्षेत्र के उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में करनाल से रोडवेज की कुल 240 में से 100 बसों को सामान्य मार्ग से हटाकर भेजा गया। इसके कारण करनाल से पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल का मार्ग लगभग ठप हो गया। हरियाणा के अन्य जिलों व करनाल में स्थानीय मार्गों पर भी बसें न होने से यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, दिहाड़ी मजदूर, अस्पताल जाने वाले मरीज और नौकरीपेशा लोगों को आई। वे घंटों बसों का इंतजार करते रहे। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें 2-3 घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। असंध, घरौंडा, इंद्री, निसिंग, तरावड़ी, घोघड़ीपुर, उचाना और नीलोखेड़ी मार्गों पर अधिक परेशानी रही। कई गांवों में तो बस सेवा लगभग ठप रही।
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रोडवेज के जीएम कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारु रखने का प्रयास किया गया और कुछ वैकल्पिक बसें चलाई गईं। हकीकत इससे उलट रही।

दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर बढ़ा इंतजार

करनाल से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए भी हर 10 मिनट में एक बस है लेकिन सभी डिपो से बसें आरक्षित होने के कारण इन मार्गों पर भी लोगों को 20 से लेकर 30 मिनट तक का इंतजार करना पड़ा। डिपो के अधिकारियों की ओर से यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए कोई वैकल्पिक प्रबंध नहीं किए। नए बस अड्डे पर भी बसों का ठहराव कम हुआ।




निजी बस में गए- मूनक के हरीराम ने बताया कि उनका रोडवेज बस में आधा किराया लगता है लेकिन पौन घंटे तक वह रोडवेज बस का इंतजार कर रहे थे लेकिन बस नहीं आई। बाद में एक निजी बस आई तो उसमें भी काफी भीड़ थी। चढ़ने में काफी परेशानी हुई।
ऑटो से सफर

- घोघड़ीपुर के रमेश ने बताया कि उन्हें एक घंटे तक बस अड्डे पर गांव के लिए बस नहीं मिली। इसके बाद उन्हें मजबूरन ऑटो रिक्शा पकड़ना पड़ा। ऑटो चालक भी मनमर्जी का किराया वसूलते हैं।

बसें बदलकर की यात्रा

- निगदू की वर्षा और सरोज ने बताया कि वे सुबह अस्पताल में जांच कराने के लिए घर से निकले थे लेकिन गांव के अड्डे से उन्हें बस नहीं मिली। दो घंटे इंतजार के बाद वे पहले नीलोखेड़ी आईं, फिर दूसरे साधन से करनाल पहुंचीं। दोपहर में अस्पताल में अपनी जांच कराने के बाद वापसी के लिए नए बस अड्डे पर खड़े रहे। शाम तक उन्हें बस नहीं मिली थी।
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