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Karnal News: धीमे उठान से अटका भुगतान... किसान परेशान
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करनाल नई अनाज मंडी में रखी गेंहू की बोरियां। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडियों में खरीदे गेहूं का उठान न होने से किसान परेशान हैं। जिले की मंडियों में खरीदा गया 54 फीसदी गेहूं खुले में ही पड़ा है। उठान नहीं होने से किसानों का भुगतान अटका है। मंडी से गेहूं गोदाम में पहुंचने के बाद ही भुगतान जारी होता है।
प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्था और खरीद के दावे के विपरीत मंडियों में पहुंचे 63 लाख मीट्रिक टन गेहूं की अभी तक सरकारी खरीद भी नहीं हुई है। जिले में 7.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न खरीद केंद्रों व मंडियों में हुई। डीसी डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों ने 6,87,178 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। 3,15,695 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।
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उठान न होने से छोटी पड़ी मंडी, तुलाई समेत अन्य काम प्रभावित
अनाज मंडी में गेहूं का उठान न होने से जगह की भी कमी होने लगी है। खरीद, तुलाई और लोडिंग का काम प्रभावित हो रहा है। आढ़ती बलवान, राजबीर का कहना है कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सही नहीं होने और गाड़ियों की कमी से खरीदा गया गेहूं मंडी से बाहर नहीं निकल पा रहा। मंडी में आवक लगातार बनी हुई है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगले दिन की खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
आढ़ती रामपाल का कहना है कि गेहूं तुलाई होने के बाद रखवाली की जिम्मेदारी खरीद एजेंसी की होती है परंतु हल्की सी बारिश होते ही आढ़तियों को तिरपाल लेकर गेहूं को ढकने के लिए भागना पड़ रहा है। तिरपाल का खर्च आढ़ती पर है। तुलाई के बाद गर्मी से कम हुई नमी की मात्रा के कारण गेहूं का वजन कम हो जाता है, जिसका हर्जाना भी आढ़ती पर पड़ता है। उठान व्यवस्था को तुरंत तेज करने की मांग की।
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करनाल। अनाज मंडियों में खरीदे गेहूं का उठान न होने से किसान परेशान हैं। जिले की मंडियों में खरीदा गया 54 फीसदी गेहूं खुले में ही पड़ा है। उठान नहीं होने से किसानों का भुगतान अटका है। मंडी से गेहूं गोदाम में पहुंचने के बाद ही भुगतान जारी होता है।
प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्था और खरीद के दावे के विपरीत मंडियों में पहुंचे 63 लाख मीट्रिक टन गेहूं की अभी तक सरकारी खरीद भी नहीं हुई है। जिले में 7.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न खरीद केंद्रों व मंडियों में हुई। डीसी डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों ने 6,87,178 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। 3,15,695 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।
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उठान न होने से छोटी पड़ी मंडी, तुलाई समेत अन्य काम प्रभावित
अनाज मंडी में गेहूं का उठान न होने से जगह की भी कमी होने लगी है। खरीद, तुलाई और लोडिंग का काम प्रभावित हो रहा है। आढ़ती बलवान, राजबीर का कहना है कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सही नहीं होने और गाड़ियों की कमी से खरीदा गया गेहूं मंडी से बाहर नहीं निकल पा रहा। मंडी में आवक लगातार बनी हुई है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगले दिन की खरीद प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
आढ़ती रामपाल का कहना है कि गेहूं तुलाई होने के बाद रखवाली की जिम्मेदारी खरीद एजेंसी की होती है परंतु हल्की सी बारिश होते ही आढ़तियों को तिरपाल लेकर गेहूं को ढकने के लिए भागना पड़ रहा है। तिरपाल का खर्च आढ़ती पर है। तुलाई के बाद गर्मी से कम हुई नमी की मात्रा के कारण गेहूं का वजन कम हो जाता है, जिसका हर्जाना भी आढ़ती पर पड़ता है। उठान व्यवस्था को तुरंत तेज करने की मांग की।

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