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Karnal News: इंपैक्ट उपभोक्ताओं को चूना लगाने वाला पेट्रोल पंप सील, प्रति लीटर 50 एमएल तक कम दे रहा था ईंधन
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पेट्रोल पंप से ईंधन के सैंपल की जांच करते खाद एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी।
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इंपैक्ट
उपभोक्ताओं को चूना लगाने वाला पेट्रोल पंप सील, प्रति लीटर 50 एमएल तक कम दे रहा था ईंधन
- इंद्री के जनेसरो स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, स्टॉक और दस्तावेजों में भी मिली गड़बड़ी
- अमर उजाला ने पहले ही प्रमुखता से प्रकाशित किया था मुद्दा
- फोटो
करनाल/इंद्री।
लंबे समय से शिकायतों और विवादों में घिरे जनेसरो स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन पर आखिरकार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मंगलवार को कई घंटों तक चली गहन जांच के बाद सील कर दिया है।
जांच के दौरान न केवल पेट्रोल-डीजल की मात्रा में कमी पाई गई बल्कि स्टॉक रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल पंप के चारों नोजल से वाहनों में डाला जाने वाला ईंधन प्रति लीटर 30 से 50 एमएल तक कम पाया गया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुई जांच देर रात तक जारी रही। इस दौरान पंप के हर नोजल से सैंपल भी भरे ।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप के सभी रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री रजिस्टर, स्टॉक विवरण और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप पर मौजूद वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा था। अधिकारियों ने आने वाले और बेचे गए ईंधन का पूरा हिसाब खंगालना शुरू किया तो कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं।
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चारों नोजलों से लिए गए सैंपल
कार्रवाई के दौरान नापतोल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। विभाग के अधिकारियों ने पेट्रोल पंप के चारों नोजलों से पेट्रोल और डीजल के तीन-तीन सैंपल भरवाए। इन सैंपलों में से एक को परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। दूसरे को प्रयोगशाल ओर तीसरे को सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ईंधन की गुणवत्ता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होगी। अगर गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई जाती हैं तो संचालक के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप के खिलाफ काफी समय से उपभोक्ताओं द्वारा कम ईंधन दिए जाने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर विभाग ने विस्तृत जांच की योजना बनाई थी। जांच के दौरान मिली अनियमितताओं ने शिकायतों को काफी हद तक सही साबित कर दिया।
सीलिंग के साथ लगेगा जुर्माना
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके अलावा संबंधित नियमों के तहत आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद जुर्माने की राशि और अन्य दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
अमर उजाला पहले ही उठा चुका था मामला
गौरतलब है कि जनेसरो स्थित इस पेट्रोल पंप की अनियमितताओं को लेकर अमर उजाला ने सात जून के बाद नो जून के अंक में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। आरोप था कि पेट्रोल पंप से कैन ओर ड्रम में तेल को बेचा जा रहा है। यह तेल खनन कंपनियों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को दिया जा रहा था। मामले की तह तक जांच की तो और भी गंभीर अनियमिताएं सामने आई।
रोजाना हजारों रुपये का हो सकता था खेल
अधिकारियों का मानना है कि अगर प्रति लीटर 30 से 50 एमएल तक ईंधन कम दिया जा रहा था तो प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अतिरिक्त ईंधन बचाकर उससे अवैध लाभ कमाया जा सकता था। पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन होने वाली बिक्री को देखते हुए यह मामला लाखों रुपये के संभावित आर्थिक लाभ से भी जुड़ सकता है। इसी कारण विभाग स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है।
रात तक चली कार्रवाई, कई रिकॉर्ड खंगाले
जांच टीम देर रात तक पेट्रोल पंप परिसर में मौजूद रही। अधिकारियों ने बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, खरीद रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में कई कमियां सामने आने के बाद पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया।
जांच अधिकारी एएफएसओ अमन नरवाल ने बताया कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
उपभोक्ताओं को चूना लगाने वाला पेट्रोल पंप सील, प्रति लीटर 50 एमएल तक कम दे रहा था ईंधन
- इंद्री के जनेसरो स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, स्टॉक और दस्तावेजों में भी मिली गड़बड़ी
- अमर उजाला ने पहले ही प्रमुखता से प्रकाशित किया था मुद्दा
- फोटो
करनाल/इंद्री।
लंबे समय से शिकायतों और विवादों में घिरे जनेसरो स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन पर आखिरकार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मंगलवार को कई घंटों तक चली गहन जांच के बाद सील कर दिया है।
जांच के दौरान न केवल पेट्रोल-डीजल की मात्रा में कमी पाई गई बल्कि स्टॉक रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल पंप के चारों नोजल से वाहनों में डाला जाने वाला ईंधन प्रति लीटर 30 से 50 एमएल तक कम पाया गया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
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मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुई जांच देर रात तक जारी रही। इस दौरान पंप के हर नोजल से सैंपल भी भरे ।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप के सभी रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री रजिस्टर, स्टॉक विवरण और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप पर मौजूद वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा था। अधिकारियों ने आने वाले और बेचे गए ईंधन का पूरा हिसाब खंगालना शुरू किया तो कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं।
चारों नोजलों से लिए गए सैंपल
कार्रवाई के दौरान नापतोल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। विभाग के अधिकारियों ने पेट्रोल पंप के चारों नोजलों से पेट्रोल और डीजल के तीन-तीन सैंपल भरवाए। इन सैंपलों में से एक को परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। दूसरे को प्रयोगशाल ओर तीसरे को सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ईंधन की गुणवत्ता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होगी। अगर गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई जाती हैं तो संचालक के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप के खिलाफ काफी समय से उपभोक्ताओं द्वारा कम ईंधन दिए जाने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर विभाग ने विस्तृत जांच की योजना बनाई थी। जांच के दौरान मिली अनियमितताओं ने शिकायतों को काफी हद तक सही साबित कर दिया।
सीलिंग के साथ लगेगा जुर्माना
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके अलावा संबंधित नियमों के तहत आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद जुर्माने की राशि और अन्य दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
अमर उजाला पहले ही उठा चुका था मामला
गौरतलब है कि जनेसरो स्थित इस पेट्रोल पंप की अनियमितताओं को लेकर अमर उजाला ने सात जून के बाद नो जून के अंक में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। आरोप था कि पेट्रोल पंप से कैन ओर ड्रम में तेल को बेचा जा रहा है। यह तेल खनन कंपनियों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को दिया जा रहा था। मामले की तह तक जांच की तो और भी गंभीर अनियमिताएं सामने आई।
रोजाना हजारों रुपये का हो सकता था खेल
अधिकारियों का मानना है कि अगर प्रति लीटर 30 से 50 एमएल तक ईंधन कम दिया जा रहा था तो प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अतिरिक्त ईंधन बचाकर उससे अवैध लाभ कमाया जा सकता था। पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन होने वाली बिक्री को देखते हुए यह मामला लाखों रुपये के संभावित आर्थिक लाभ से भी जुड़ सकता है। इसी कारण विभाग स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है।
रात तक चली कार्रवाई, कई रिकॉर्ड खंगाले
जांच टीम देर रात तक पेट्रोल पंप परिसर में मौजूद रही। अधिकारियों ने बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, खरीद रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में कई कमियां सामने आने के बाद पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया।
जांच अधिकारी एएफएसओ अमन नरवाल ने बताया कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

पेट्रोल पंप से ईंधन के सैंपल की जांच करते खाद एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी।