{"_id":"6a1cd37c1a477b4ef508665b","slug":"players-learning-the-tricks-of-kabaddi-in-the-sports-nursery-of-rajakhedi-village-karnal-news-c-244-1-pnp1006-158154-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: राजाखेड़ी गांव की खेल नर्सरी में कबड्डी के गुर सीख रहे खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: राजाखेड़ी गांव की खेल नर्सरी में कबड्डी के गुर सीख रहे खिलाड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पानीपत। राजाखेड़ी गांव की खेल नर्सरी में खिलाड़ियों को कोच द्वारा कबड्डी के गुर सिखाए जा रहे हैं। गांव की खेल नर्सरी में आसपास के कई गांवों के खिलाड़ी लड़के और लड़कियां मैदान में पहुंचकर सुबह-शाम पसीना बहा रहे हैं। गांव की दोनों खेल नर्सरियों में 60 से 70 खिलाड़ी रोजाना अभ्यास कर रहे हैं। कबड्डी कोच सोमदत्त और राजेश मलिक खिलाड़ियों को कबड्डी के गुर सिखा रहे हैं।
खिलाड़ी नर्सरी में अभ्यास कर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर चुके है। पदक हासिल करने की दौड़ में लड़कियों ने भी खूब मेहनत कर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में 10 से 15 खिलाड़ी राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे हैं। साथ ही इनमें तीन खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। कोच के द्वारा खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से संघर्ष करना सिखाकर आगे के लिए तैयार किया जा रहा है।
कोच सोमदत्त और राजेश मलिक ने बताया कि गांव में उनके पास दो खेल नर्सरियां है। इनमें खिलाड़ियों को कबड्डी का बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनसे प्रशिक्षण लेकर गांव के ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते है। इनमें लड़कियों का भी
विज्ञापन
विशेष योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में खिलाड़ियाें के लिए कबड्डी मैदान की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मिलकर गांव के राजकीय विद्यालय में कबड्डी मैदान का निर्माण कराया। साथ ही पिछले दो सालोंं से लगातार खिलाड़ियों को अभ्यास करा रहे हैं।
खिलाड़ी नर्सरी में अभ्यास कर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर चुके है। पदक हासिल करने की दौड़ में लड़कियों ने भी खूब मेहनत कर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में 10 से 15 खिलाड़ी राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे हैं। साथ ही इनमें तीन खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। कोच के द्वारा खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से संघर्ष करना सिखाकर आगे के लिए तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोच सोमदत्त और राजेश मलिक ने बताया कि गांव में उनके पास दो खेल नर्सरियां है। इनमें खिलाड़ियों को कबड्डी का बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनसे प्रशिक्षण लेकर गांव के ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों के खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते है। इनमें लड़कियों का भी
Trending Videos
विशेष योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में खिलाड़ियाें के लिए कबड्डी मैदान की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मिलकर गांव के राजकीय विद्यालय में कबड्डी मैदान का निर्माण कराया। साथ ही पिछले दो सालोंं से लगातार खिलाड़ियों को अभ्यास करा रहे हैं।