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Karnal News: जून की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी तेज
Wed, 06 May 2026 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 06 May 2026 01:42 AM IST
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कर्ण स्टेडियम के एथलेटिक्स ट्रैक पर अभ्यास करते युवा धावक संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। करनाल जिले की खेल नर्सरियों में एथलीटों का जोश चरम पर है। आगामी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक लाने के लिए युवा खिलाड़ी सुबह-शाम कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सूरज निकलने से पहले ही खिलाड़ी ट्रैक पर पहुंचकर अपनी फिटनेस, स्पीड और तकनीक को निखारने में जुट जाते हैं।
कोचों के मार्गदर्शन में धावक, लंबी व ऊंची कूद के खिलाड़ी, स्टेपलचेज और आधुनिक पेंटाथलॉन जैसी खेल की तैयारी कर रहे है। पेंटाथलाॅन में पांच खेलों का मिश्रण होता है। इसमें तलवारबाजी, तैराकी, घुड़सवारी, शूटिंग और दौड़ की विधा शामिल है। प्रशिक्षण में केवल गति ही नहीं, बल्कि स्टैमिना, स्ट्रेंथ और लचीलेपन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि खिलाड़ी गर्मी के मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
युवा धावकों का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल प्रतियोगिता में भाग लेना नहीं, बल्कि पदक जीतना है। इसके लिए कोच की ओर से विशेष ट्रेनिंग शेड्यूल और संतुलित डाइट प्लान तैयार किया गया है, जिसका खिलाड़ियों को सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
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जून में प्रस्तावित जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है। कोचों का मानना है कि इस बार नर्सरियों से तैयार खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। खेल नर्सरियों की यह पहल युवा एथलीटों की नई पाैध तैयार कर रही है।
वुशू की नर्सरी में लड़कियां दिखा रही उत्साह
कर्ण स्टेडियम में चल रही वुशू खेल नर्सरी में इन दिनों लड़कियों का उत्साह देखने लायक है। जहां पहले इस खेल में लड़कों की संख्या अधिक होती थी, वहीं अब बेटियां भी पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर रही हैं। नियमित अभ्यास के दौरान लड़कियां किक, पंच और कलाबाजी तकनीकों में निपुणता हासिल कर रही हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि वुशू से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
तैराकों को इस बार होना पड़ रहा निराश
कर्ण स्टेडियम में इस बार स्वीमिंग पूल रिपेयर न होने से यहां अभ्यास करने वाले तैराकों को इस बार अभ्यास का माैका नहीं मिल पाएगा। वहीं स्मार्ट सिटी परियोजना से शहर में तैयार ऑल वैदर स्वीमिंग पूल में भी कर्ण स्टेडियम के तैराकों को निशुल्क अभ्यास करने की सुविधा नहीं दी जा रही है। इस कारण से इस बार तैराकों के हिस्से में पदक आने की उम्मीद नहीं है। हालांकि खेल मंत्री की ओर से तैराकों को सेक्टर-32 में बने ऑल वैदर पुल में अभ्यास के लिए माैका दिए जाने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक इस आदेश पर अमल नहीं हुआ है।
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करनाल। करनाल जिले की खेल नर्सरियों में एथलीटों का जोश चरम पर है। आगामी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक लाने के लिए युवा खिलाड़ी सुबह-शाम कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सूरज निकलने से पहले ही खिलाड़ी ट्रैक पर पहुंचकर अपनी फिटनेस, स्पीड और तकनीक को निखारने में जुट जाते हैं।
कोचों के मार्गदर्शन में धावक, लंबी व ऊंची कूद के खिलाड़ी, स्टेपलचेज और आधुनिक पेंटाथलॉन जैसी खेल की तैयारी कर रहे है। पेंटाथलाॅन में पांच खेलों का मिश्रण होता है। इसमें तलवारबाजी, तैराकी, घुड़सवारी, शूटिंग और दौड़ की विधा शामिल है। प्रशिक्षण में केवल गति ही नहीं, बल्कि स्टैमिना, स्ट्रेंथ और लचीलेपन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि खिलाड़ी गर्मी के मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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युवा धावकों का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल प्रतियोगिता में भाग लेना नहीं, बल्कि पदक जीतना है। इसके लिए कोच की ओर से विशेष ट्रेनिंग शेड्यूल और संतुलित डाइट प्लान तैयार किया गया है, जिसका खिलाड़ियों को सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
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जून में प्रस्तावित जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है। कोचों का मानना है कि इस बार नर्सरियों से तैयार खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। खेल नर्सरियों की यह पहल युवा एथलीटों की नई पाैध तैयार कर रही है।
वुशू की नर्सरी में लड़कियां दिखा रही उत्साह
कर्ण स्टेडियम में चल रही वुशू खेल नर्सरी में इन दिनों लड़कियों का उत्साह देखने लायक है। जहां पहले इस खेल में लड़कों की संख्या अधिक होती थी, वहीं अब बेटियां भी पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर रही हैं। नियमित अभ्यास के दौरान लड़कियां किक, पंच और कलाबाजी तकनीकों में निपुणता हासिल कर रही हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि वुशू से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
तैराकों को इस बार होना पड़ रहा निराश
कर्ण स्टेडियम में इस बार स्वीमिंग पूल रिपेयर न होने से यहां अभ्यास करने वाले तैराकों को इस बार अभ्यास का माैका नहीं मिल पाएगा। वहीं स्मार्ट सिटी परियोजना से शहर में तैयार ऑल वैदर स्वीमिंग पूल में भी कर्ण स्टेडियम के तैराकों को निशुल्क अभ्यास करने की सुविधा नहीं दी जा रही है। इस कारण से इस बार तैराकों के हिस्से में पदक आने की उम्मीद नहीं है। हालांकि खेल मंत्री की ओर से तैराकों को सेक्टर-32 में बने ऑल वैदर पुल में अभ्यास के लिए माैका दिए जाने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक इस आदेश पर अमल नहीं हुआ है।