फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Properties of Balaji and Vishwakarma rice mills to be attached in Rs 12.60 crore paddy scam

Karnal News: 12.60 करोड़ के धान घोटाले में बालाजी और विश्वकर्मा चावल मिल की संपत्ति होगी कुर्क

Thu, 28 May 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 28 May 2026 01:40 AM IST
विज्ञापन
Properties of Balaji and Vishwakarma rice mills to be attached in Rs 12.60 crore paddy scam
करनाल।
विज्ञापन

12.60 करोड़ रुपये के धान घोटाले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बालाजी राइस मिल और विश्वकर्मा राइस मिल की संपत्ति कुर्क करने का फैसला लिया है। इसके लिए बुधवार को जिला राजस्व विभाग को पत्र भेज दिया गया। दोनों मिल मालिकों को अंतिम मौका दिया जाएगा कि वे सरकारी राशि जमा करवा दें। ऐसा न करने पर उनकी संपत्ति सरकार के नाम चढ़ाकर नीलाम कर दी जाएगी।

बालाजी राइस मिल में अभी कुछ सरकारी धान मौजूद है। विभाग ने इस धान की सुरक्षा के लिए वहां चौकीदार तैनात कर दिया है। यहां से धान जल्द दूसरी मिलों में शिफ्ट कर प्रोसेस करवाया जाएगा। विश्वकर्मा राइस मिल की स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां मशीनरी लगभग खराब हालत में है। कुछ मशीनें मिल में लगी ही नहीं हैं। अन्य मिल संचालक मिल में रखा धान उठाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में धान खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन

विभाग ने नुकसान बढ़ने से पहले इस धान को नीलाम करने का फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पहले दोनों मिलों से उपलब्ध धान बेचकर कुछ राशि वसूल की जाएगी। इसके बाद जो रकम बाकी बचेगी, उसकी वसूली संपत्ति नीलाम करके की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन




धीमी गति से लौटाया चावल तो हुआ शक
जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मिलों से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को चावल लौटाने की प्रक्रिया असामान्य रूप से धीमी थी। जो चावल लौटाया वो मिलिंग किए बिना यूपी बिहार से सस्ते रेट पर खरीदा गया था। हालांकि कागजों में रिकॉर्ड सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही थी। खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को इस पर संदेह हुआ। इसके बाद विभाग की टीम ने अचानक दोनों मिलों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में बालाजी राइस मिल में करीब 10 हजार क्विंटल धान कम मिला। विश्वकर्मा राइस मिल में लगभग 26 हजार क्विंटल धान गायब पाया गया। सरकारी खर्च जोड़ने के बाद इस धान की कुल कीमत करीब 12.60 करोड़ रुपये आंकी गई।



बिजली कनेक्शन नहीं, मशीनरी भी खराब
जांच के दौरान सिर्फ धान की कमी ही नहीं मिली, बल्कि कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। अधिकारियों को एक मिल में बिजली मीटर तक समय पर चालू नहीं मिला, जबकि दूसरी मिल की इमारत खंडहर जैसी हालत में पाई गई। कई जगह मशीनरी गायब या कबाड़ के रूप में मिली। जांच अधिकारियों का कहना है कि कागजों में मिलों को पूरी तरह चालू दिखाया गया था, जबकि जमीनी हकीकत जुदा थी।
चार मिल मालिकों समेत छह पर प्राथमिकी
मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पहले ही दोनों राइस मिलों के चार मालिकों, एक बर्खास्त निरीक्षक और एक सहायक निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुका है। पुलिस और विभागीय एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार सहायक निरीक्षक ने कई अहम नाम उजागर किए हैं।

दोनों मिलों की संपत्ति कुर्क करने के लिए जिला राजस्व विभाग को पत्राचार कर दिया गया है। सरकार की राशि की वसूली हर हाल में की जाएगी। जरूरत पड़ने पर दोनों मिलों की संपत्ति नीलाम की जाएगी। - मुकेश कुमार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed