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Karnal News: सफाईकर्मी हड़ताल पर, दे सकते हैं स्वच्छता रैंकिंग को झटका
Sun, 03 May 2026 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 03 May 2026 12:41 AM IST
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नगर निगम के सामने धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी। स्वयं
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 चल रहा है। शहर की स्वच्छता का निरीक्षण करने वाली टीम कभी भी शहर का मुआयना कर सकती है। इसी बीच अपने लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। अब रविवार के दिन अवकाश रहेगा और सोमवार से शहर की सड़कों की सफाई हो सकेगी। वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। अगर इसी बीच शहर सर्वेक्षण टीम आई तो इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग को भी बड़ा झटका लग सकता है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। संघ का दावा है कि सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और काम पूरी तरह बंद रखा गया। नगर निगम कार्यालय के सामने सफाई कर्मचारी एकत्रित हुए और नारेबाजी की गई। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान राजकुमार ने की और संचालन संगठन सचिव बिंदर चौहान ने किया। प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। कई बार सरकार को मांगों से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने तथा फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में यह हड़ताल रखी गई।
उन्होंने कहा कि मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करना और कौशल विभाग में सृजित पदों पर समायोजित करना शामिल हैं। राज्य उपप्रधान राजिंद्र बुंबक, राम सिंह, वीरभान, शीशपाल, जय सिंह, शारदा, सरोज, मीना देवी, सुरेंद्र परोचा, महाबीर, नरेश अठवाल, धर्मवीर सरोहा, राजिंद्र लोहट, राजीव, सुभाष प्रोचा, अमित व सुरेंद्र पांचाल आदि मौजूद रहे।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 चल रहा है। शहर की स्वच्छता का निरीक्षण करने वाली टीम कभी भी शहर का मुआयना कर सकती है। इसी बीच अपने लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। अब रविवार के दिन अवकाश रहेगा और सोमवार से शहर की सड़कों की सफाई हो सकेगी। वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। अगर इसी बीच शहर सर्वेक्षण टीम आई तो इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग को भी बड़ा झटका लग सकता है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। संघ का दावा है कि सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और काम पूरी तरह बंद रखा गया। नगर निगम कार्यालय के सामने सफाई कर्मचारी एकत्रित हुए और नारेबाजी की गई। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान राजकुमार ने की और संचालन संगठन सचिव बिंदर चौहान ने किया। प्रधान राजकुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। कई बार सरकार को मांगों से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने तथा फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में यह हड़ताल रखी गई।
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उन्होंने कहा कि मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करना और कौशल विभाग में सृजित पदों पर समायोजित करना शामिल हैं। राज्य उपप्रधान राजिंद्र बुंबक, राम सिंह, वीरभान, शीशपाल, जय सिंह, शारदा, सरोज, मीना देवी, सुरेंद्र परोचा, महाबीर, नरेश अठवाल, धर्मवीर सरोहा, राजिंद्र लोहट, राजीव, सुभाष प्रोचा, अमित व सुरेंद्र पांचाल आदि मौजूद रहे।
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