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Karnal News: खराब गुणवत्ता वाले कपड़े बेचना पड़ा भारी, ग्राहक को देना होगा मुआवजा
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करनाल। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने प्रसिद्ध परिधान ब्रांड मोंटे कार्लो के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है।
अदालत ने कंपनी को खराब निकले दो ट्राउजर की कीमत लौटाने और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग के फैसले के अनुसार, माल रोड स्थित बैंक कॉलोनी निवासी 82 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक सत्यपाल गुप्ता ने 16 जनवरी 2025 को मोंटे कार्लो के स्थानीय डीलर माया संस से अपने दामाद (जो अमेरिका में रहते हैं) के लिए 7,911 रुपये के कपड़े खरीदे थे। शिकायत के अनुसार, इनमें से दो ट्राउजर का रंग पहली धुलाई में ही पूरी तरह फीका पड़ गया और अन्य कपड़ों को भी खराब कर दिया। इसके बारे में
जब पीड़ित ने जुलाई 2025 में शिकायत की तो कंपनी ने अपनी 7 से 30 दिन की रिप्लेसमेंट पॉलिसी का हवाला देते हुए सहायता करने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने मोंटे कार्लो को दोनों खराब ट्राउजर की कीमत 2,800 रुपये पीड़ित को वापस करने के आदेश दिए। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और कानूनी खर्च के रूप में 1,000 का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। यदि यह राशि निर्धारित समय के भीतर नहीं चुकाई जाती है, तो इस पर 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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अदालत ने कंपनी को खराब निकले दो ट्राउजर की कीमत लौटाने और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग के फैसले के अनुसार, माल रोड स्थित बैंक कॉलोनी निवासी 82 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक सत्यपाल गुप्ता ने 16 जनवरी 2025 को मोंटे कार्लो के स्थानीय डीलर माया संस से अपने दामाद (जो अमेरिका में रहते हैं) के लिए 7,911 रुपये के कपड़े खरीदे थे। शिकायत के अनुसार, इनमें से दो ट्राउजर का रंग पहली धुलाई में ही पूरी तरह फीका पड़ गया और अन्य कपड़ों को भी खराब कर दिया। इसके बारे में
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जब पीड़ित ने जुलाई 2025 में शिकायत की तो कंपनी ने अपनी 7 से 30 दिन की रिप्लेसमेंट पॉलिसी का हवाला देते हुए सहायता करने से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने मोंटे कार्लो को दोनों खराब ट्राउजर की कीमत 2,800 रुपये पीड़ित को वापस करने के आदेश दिए। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और कानूनी खर्च के रूप में 1,000 का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए। यदि यह राशि निर्धारित समय के भीतर नहीं चुकाई जाती है, तो इस पर 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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