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Karnal News: मोबाइल से हुए दूर तो अंक मिले भरपूर...
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा दसवीं का परिणाम आने के बाद पास हुई छात्राओं के साथ स्कूल
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- अपने दम पर पढ़ाई करके लिखी सफलता की कहानी, बेटियों ने बढ़ाया मान.. टॉप-3 रहे 15 विद्यार्थियों में 12 छात्राएं
- डॉक्टर, न्यायाधीश, इंजीनियर बनने का है सपना
गगन तलवार
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं में सफलता का परचम लहराने वाले विद्यार्थियों ने पढ़ाई के लिए मोबाइल से दूरी बनाई तो उन्हें मेहनत के अनुरूप भरपूर अंक मिले। अंक भी इतने आए कि जिले के टॉप-3 में जगह बनाई है। सभी ने स्कूल की पढ़ाई के बाद बिना कोचिंग परीक्षा की तैयारी की।
परीक्षा परिणाम में खास बात यह है कि जिले के टॉप-3 स्थानों पर काबिज 15 विद्यार्थियों में 12 बेटियां हैं। सभी ने घर की आर्थिक तंगी और हालात को आड़े नहीं आने दिया। बस लक्ष्य को तय करते हुए मेहनत की। अमर उजाला से बातचीत में मेधावियों ने बताया कि डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस अधिकारी व न्यायाधीश बनने का उनका सपना है, इसके लिए वे अभी से तैयारी कर रहे हैं।
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अपने स्तर पर चार घंटे खुद को देकर किया तैयार
गुंजन, द्वितीय, अंक : 493
मूल रूप से नरवाना निवासी छात्रा ने बताया कि होस्टल में रहकर सुबह चार बजे उठकर रोजाना तैयारी की। साढ़े सात घंटे स्कूल में पढ़ने के बाद वे अपने स्तर पर पाठ्यक्रम रिवाइज करते थे। मैकेनिकल इंजीनियर पिता भरत और प्राथमिक शिक्षक मां पूनम ने भी पढ़ाई में प्रेरित किया।
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स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : विज्ञान-100, संस्कृत-100, सामाजिक विज्ञान-99, गणित-97, अंग्रेजी-97, हिंदी-95
लक्ष्य : आईएएस अफसर
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परीक्षा का तनाव नहीं लिया, समझकर पढ़े विषय
अदिति, द्वितीय, अंक : 493
मूल रूप से सोनीपत की रहने वाले किसान पिता देवेंद्र कुमार की बेटी ने होस्टल में रहकर पढ़ाई की। दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को पढ़ाई को दिए। परीक्षा का तनाव नहीं लिया, पाठ्यक्रम को समझकर काम किया। मां गीता देवी गृहिणी है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत : 100, अंग्रेजी-100, विज्ञान-99, सामाजिक विज्ञान-98, हिंदी-96, गणित-72
लक्ष्य : यूपीएससी
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खेलों में हिस्सा लेकर रखा तनाव से दूर और किया पढ़ाई के लिए तैयार
जीया, द्वितीय, अंक : 493
हमेशा पढ़ाई में ही ध्यान दिया। खाली समय में खेल भी खेले। रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई को दिए। स्कूल के पढ़ाए पाठ्यक्रम को समय रहते ही क्लीयर किया। इसलिए परीक्षा के समय तनाव नहीं हुआ। पिता सूरज और मां रीना का का इंजीनियर बनाने का सपना है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : विज्ञान-100, संस्कृत-100, सामाजिक विज्ञान-99, अंग्रेजी-99, हिंदी-95, गणित-94
लक्ष्य : इंजीनियर
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पढ़ने और अन्य कार्याें के समय तय रखे
तमन्ना, तृतीय, अंक : 492
पढ़ाई को रुटीन का हिस्सा बनाया, रोजाना चार घंटे पढ़ाई करके पाठ्यक्रम पूरा किया। निजी नौकरी करने वाले पिता सुनील और मां बबीता की मेहतन से बिना कोचिंग सफलता पाई है।
स्कूल : नवज्योति पब्लिक स्कूल समालखा
अंक तालिका : विज्ञान-99्र, सामाजिक विज्ञान-99, अंग्रेजी-99, संस्कृत-98, हिंदी-97, गणित-91
लक्ष्य : आईएएस अधिकारी
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विषयों को रटने के बजाय समझा
तानिया शर्मा, तृतीय, अंक : 492
घरौंडा निवासी तानिया ने बिना ट्यूशन सेल्फ स्टडी के बल पर पढ़ाई की और विषयों को रटने के बजाय समझा। पिता बिजेंद्र कुमार और मां सरिता ने भी घर पर पढ़ने में मदद की।
स्कूल : स्वर्ण वाटिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घरौंडा
अंक तालिका : विज्ञान-100, अंग्रेजी-100, संस्कृत-99, सामाजिक विज्ञान-98, गणित-95, हिंदी-93
लक्ष्य : आयकर अधिकारी
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नियोजन करके सभी विषयों को दिया समय
चेतन सिंह, तृतीय, अंक : 492
किसान पिता जगदीश चंद्र और गृहिणी पम्मी के बेटे ने समय नियोजन करके पढ़ाई की। सभी विषयों को एक समान समय दिया।
स्कूल : आर्यकुलम पब्लिक स्कूल कोयर
अंक तालिका : अंग्रेजी-100, फिजिकल एजूकेशन-100, हिंदी-98, सामाजिक विज्ञान-98, गणित-93
लक्ष्य : विज्ञान शिक्षक
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यू-ट्यूब से ऑनलाइन लैक्चर सुनकर की सेल्फ स्टडी
खुशदीप कौर, तृतीय, अंक : 492
किसान कंवलजीत सिंह की बेटी ने रोज का काम रोज किया, समय मिलने पर यू-ट्यूब से भी ऑनलाइन लेक्चर सुने। सेल्फ स्टडी के बल पर सफलता पाई है। मां सुरजीत कौर ने भी घर के काम में मदद नहीं ली।
स्कूल : चौधरी भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैनपुर साधान
अंक तालिका : सामाजिक विज्ञान-100, गणित-99्र, विज्ञान-99, अंग्रेजी-97, हिंदी-97, पंजाबी-97
लक्ष्य : वैज्ञानिक
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रात में की पढ़ाई, सेना में जाने का है सपना
कामाक्षी शर्मा, तृतीय, अंक : 492
सैनिक पिता अखिलेश कुमार और टीचर मां ऐनी की बेटी कामाक्षी ने रोजाना रात को ढाई घंटे पढ़ाई की। गत वर्ष मां के निधन से पढ़ाई प्रभावित हुई थी।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत-100, अंग्रेजी-99, हिंदी-98, सामाजिक विज्ञान-98, विज्ञान-97, गणित-88
लक्ष्य : एनडीए
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आज का काम कभी कल पर नहीं छोड़ा
ओजस्वी चौधरी, तृतीय, अंक : 492
बैंक कर्मी पिता पंकज कुमार की बेटी ने रोजाना रोजाना चार से छह घंटे पढ़ाई को दिए। स्कूल का काम रोजाना पूरा किया। उनका कहना है कि विषय समझने से सफलता मिलती है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत-100, अंग्रेजी-99, सामाजिक विज्ञान-99, विज्ञान-98, हिंदी-96, गणित-94
लक्ष्य : एनडीए
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सभी विषयों को दिया एक समान समय
परमजीत शर्मा, तृतीय, अंक : 492
रोजाना पांच घंटे पढ़ाई की। सभी विषयों को रोजाना समय दिया। मां नीरु शर्मा और पिता राममूर्ति ने पढ़ाई में सहयोग किया।
स्कूल : शिवालिक पब्लिक हाई स्कूल असंध
अंक तालिका : सामाजिक विज्ञान-100, अंग्रेजी-99, हिंदी-98, फिजिकल एजूकेशन-98, विज्ञान-97, गणित-94
लक्ष्य : आईएएस
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- डॉक्टर, न्यायाधीश, इंजीनियर बनने का है सपना
गगन तलवार
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं में सफलता का परचम लहराने वाले विद्यार्थियों ने पढ़ाई के लिए मोबाइल से दूरी बनाई तो उन्हें मेहनत के अनुरूप भरपूर अंक मिले। अंक भी इतने आए कि जिले के टॉप-3 में जगह बनाई है। सभी ने स्कूल की पढ़ाई के बाद बिना कोचिंग परीक्षा की तैयारी की।
परीक्षा परिणाम में खास बात यह है कि जिले के टॉप-3 स्थानों पर काबिज 15 विद्यार्थियों में 12 बेटियां हैं। सभी ने घर की आर्थिक तंगी और हालात को आड़े नहीं आने दिया। बस लक्ष्य को तय करते हुए मेहनत की। अमर उजाला से बातचीत में मेधावियों ने बताया कि डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस अधिकारी व न्यायाधीश बनने का उनका सपना है, इसके लिए वे अभी से तैयारी कर रहे हैं।
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अपने स्तर पर चार घंटे खुद को देकर किया तैयार
गुंजन, द्वितीय, अंक : 493
मूल रूप से नरवाना निवासी छात्रा ने बताया कि होस्टल में रहकर सुबह चार बजे उठकर रोजाना तैयारी की। साढ़े सात घंटे स्कूल में पढ़ने के बाद वे अपने स्तर पर पाठ्यक्रम रिवाइज करते थे। मैकेनिकल इंजीनियर पिता भरत और प्राथमिक शिक्षक मां पूनम ने भी पढ़ाई में प्रेरित किया।
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स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : विज्ञान-100, संस्कृत-100, सामाजिक विज्ञान-99, गणित-97, अंग्रेजी-97, हिंदी-95
लक्ष्य : आईएएस अफसर
परीक्षा का तनाव नहीं लिया, समझकर पढ़े विषय
अदिति, द्वितीय, अंक : 493
मूल रूप से सोनीपत की रहने वाले किसान पिता देवेंद्र कुमार की बेटी ने होस्टल में रहकर पढ़ाई की। दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को पढ़ाई को दिए। परीक्षा का तनाव नहीं लिया, पाठ्यक्रम को समझकर काम किया। मां गीता देवी गृहिणी है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत : 100, अंग्रेजी-100, विज्ञान-99, सामाजिक विज्ञान-98, हिंदी-96, गणित-72
लक्ष्य : यूपीएससी
खेलों में हिस्सा लेकर रखा तनाव से दूर और किया पढ़ाई के लिए तैयार
जीया, द्वितीय, अंक : 493
हमेशा पढ़ाई में ही ध्यान दिया। खाली समय में खेल भी खेले। रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई को दिए। स्कूल के पढ़ाए पाठ्यक्रम को समय रहते ही क्लीयर किया। इसलिए परीक्षा के समय तनाव नहीं हुआ। पिता सूरज और मां रीना का का इंजीनियर बनाने का सपना है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : विज्ञान-100, संस्कृत-100, सामाजिक विज्ञान-99, अंग्रेजी-99, हिंदी-95, गणित-94
लक्ष्य : इंजीनियर
पढ़ने और अन्य कार्याें के समय तय रखे
तमन्ना, तृतीय, अंक : 492
पढ़ाई को रुटीन का हिस्सा बनाया, रोजाना चार घंटे पढ़ाई करके पाठ्यक्रम पूरा किया। निजी नौकरी करने वाले पिता सुनील और मां बबीता की मेहतन से बिना कोचिंग सफलता पाई है।
स्कूल : नवज्योति पब्लिक स्कूल समालखा
अंक तालिका : विज्ञान-99्र, सामाजिक विज्ञान-99, अंग्रेजी-99, संस्कृत-98, हिंदी-97, गणित-91
लक्ष्य : आईएएस अधिकारी
विषयों को रटने के बजाय समझा
तानिया शर्मा, तृतीय, अंक : 492
घरौंडा निवासी तानिया ने बिना ट्यूशन सेल्फ स्टडी के बल पर पढ़ाई की और विषयों को रटने के बजाय समझा। पिता बिजेंद्र कुमार और मां सरिता ने भी घर पर पढ़ने में मदद की।
स्कूल : स्वर्ण वाटिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घरौंडा
अंक तालिका : विज्ञान-100, अंग्रेजी-100, संस्कृत-99, सामाजिक विज्ञान-98, गणित-95, हिंदी-93
लक्ष्य : आयकर अधिकारी
नियोजन करके सभी विषयों को दिया समय
चेतन सिंह, तृतीय, अंक : 492
किसान पिता जगदीश चंद्र और गृहिणी पम्मी के बेटे ने समय नियोजन करके पढ़ाई की। सभी विषयों को एक समान समय दिया।
स्कूल : आर्यकुलम पब्लिक स्कूल कोयर
अंक तालिका : अंग्रेजी-100, फिजिकल एजूकेशन-100, हिंदी-98, सामाजिक विज्ञान-98, गणित-93
लक्ष्य : विज्ञान शिक्षक
यू-ट्यूब से ऑनलाइन लैक्चर सुनकर की सेल्फ स्टडी
खुशदीप कौर, तृतीय, अंक : 492
किसान कंवलजीत सिंह की बेटी ने रोज का काम रोज किया, समय मिलने पर यू-ट्यूब से भी ऑनलाइन लेक्चर सुने। सेल्फ स्टडी के बल पर सफलता पाई है। मां सुरजीत कौर ने भी घर के काम में मदद नहीं ली।
स्कूल : चौधरी भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैनपुर साधान
अंक तालिका : सामाजिक विज्ञान-100, गणित-99्र, विज्ञान-99, अंग्रेजी-97, हिंदी-97, पंजाबी-97
लक्ष्य : वैज्ञानिक
रात में की पढ़ाई, सेना में जाने का है सपना
कामाक्षी शर्मा, तृतीय, अंक : 492
सैनिक पिता अखिलेश कुमार और टीचर मां ऐनी की बेटी कामाक्षी ने रोजाना रात को ढाई घंटे पढ़ाई की। गत वर्ष मां के निधन से पढ़ाई प्रभावित हुई थी।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत-100, अंग्रेजी-99, हिंदी-98, सामाजिक विज्ञान-98, विज्ञान-97, गणित-88
लक्ष्य : एनडीए
आज का काम कभी कल पर नहीं छोड़ा
ओजस्वी चौधरी, तृतीय, अंक : 492
बैंक कर्मी पिता पंकज कुमार की बेटी ने रोजाना रोजाना चार से छह घंटे पढ़ाई को दिए। स्कूल का काम रोजाना पूरा किया। उनका कहना है कि विषय समझने से सफलता मिलती है।
स्कूल : आर्य कन्या गुरुकुल मोरमाजरा
अंक तालिका : संस्कृत-100, अंग्रेजी-99, सामाजिक विज्ञान-99, विज्ञान-98, हिंदी-96, गणित-94
लक्ष्य : एनडीए
सभी विषयों को दिया एक समान समय
परमजीत शर्मा, तृतीय, अंक : 492
रोजाना पांच घंटे पढ़ाई की। सभी विषयों को रोजाना समय दिया। मां नीरु शर्मा और पिता राममूर्ति ने पढ़ाई में सहयोग किया।
स्कूल : शिवालिक पब्लिक हाई स्कूल असंध
अंक तालिका : सामाजिक विज्ञान-100, अंग्रेजी-99, हिंदी-98, फिजिकल एजूकेशन-98, विज्ञान-97, गणित-94
लक्ष्य : आईएएस