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Karnal News: तनाव व अनियमित दिनचर्या से बिगड़ रहा महिलाओं का मासिक धर्म चक्र
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डॉ. निकिता पाहुजा।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली का सबसे ज्यादा असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, तनाव, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग व शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण महिलाओं में मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो रहा है। हर माह ऐसे 50 से अधिक मामले मिल रहे हैं।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता पाहुजा के अनुसार, कई महिलाओं के पीरियड एक से दो माह तक स्किप हो रहे हैं, जिससे शरीर में हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनियमित पीरियड की समस्या तेजी से बढ़ी है। पहले यह समस्या सीमित मामलों में देखने को मिलती थी लेकिन अब कॉलेज छात्राओं से लेकर कामकाजी महिलाओं और गृहिणियों तक में यह परेशानी आम होती जा रही है।
डॉ. पाहुजा ने बताया कि लगातार तनाव, फास्ट फूड, जंक फूड, वजन बढ़ना या अचानक कम होना, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक मेहनत की कमी सीधे हार्मोन पर असर डालते हैं। इसके कारण पीरियड समय पर नहीं आते या कई बार दो-दो महीने तक रुक जाते हैं।
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-- इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉ. पाहुजा के अनुसार, यदि पीरियड बार-बार अनियमित हो रहे हों, अत्यधिक दर्द हो, ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग हो, लगातार कमजोरी महसूस हो या अचानक वजन बढ़ने लगे तो यह पीसीओडी, थायरॉयड या हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत जांच करानी चाहिए।
महिलाएं क्या करें
•
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या वॉक करें।
•
समय पर भोजन करें और हरी सब्जियां, फल व प्रोटीन युक्त आहार लें।
•
पर्याप्त नींद लें और देर रात तक जागने से बचें।
•
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
•
पीरियड लंबे समय तक अनियमित रहें तो तुरंत महिला रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या न करें
•
लगातार जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें।
•
बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोन या दवाइयां न लें।
•
लंबे समय तक समस्या को नजरअंदाज न करें।
•
अत्यधिक डाइटिंग या अचानक वजन कम करने की कोशिश न करें।
•
मानसिक तनाव को लगातार अपने ऊपर हावी न होने दें।
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करनाल। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली का सबसे ज्यादा असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, तनाव, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग व शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण महिलाओं में मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो रहा है। हर माह ऐसे 50 से अधिक मामले मिल रहे हैं।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता पाहुजा के अनुसार, कई महिलाओं के पीरियड एक से दो माह तक स्किप हो रहे हैं, जिससे शरीर में हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अनियमित पीरियड की समस्या तेजी से बढ़ी है। पहले यह समस्या सीमित मामलों में देखने को मिलती थी लेकिन अब कॉलेज छात्राओं से लेकर कामकाजी महिलाओं और गृहिणियों तक में यह परेशानी आम होती जा रही है।
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डॉ. पाहुजा ने बताया कि लगातार तनाव, फास्ट फूड, जंक फूड, वजन बढ़ना या अचानक कम होना, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक मेहनत की कमी सीधे हार्मोन पर असर डालते हैं। इसके कारण पीरियड समय पर नहीं आते या कई बार दो-दो महीने तक रुक जाते हैं।
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डॉ. पाहुजा के अनुसार, यदि पीरियड बार-बार अनियमित हो रहे हों, अत्यधिक दर्द हो, ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग हो, लगातार कमजोरी महसूस हो या अचानक वजन बढ़ने लगे तो यह पीसीओडी, थायरॉयड या हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत जांच करानी चाहिए।
महिलाएं क्या करें
•
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या वॉक करें।
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समय पर भोजन करें और हरी सब्जियां, फल व प्रोटीन युक्त आहार लें।
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पर्याप्त नींद लें और देर रात तक जागने से बचें।
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तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
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पीरियड लंबे समय तक अनियमित रहें तो तुरंत महिला रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या न करें
•
लगातार जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें।
•
बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोन या दवाइयां न लें।
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लंबे समय तक समस्या को नजरअंदाज न करें।
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अत्यधिक डाइटिंग या अचानक वजन कम करने की कोशिश न करें।
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मानसिक तनाव को लगातार अपने ऊपर हावी न होने दें।