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Karnal News: भारत लाया जाएगा सुखविंद्र का शव, साथी जुटा रहे धनराशि
Tue, 05 May 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 05 May 2026 12:18 AM IST
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सुखविंदर फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गंगाटेहड़ी गांव के 24 वर्षीय सुखविंद्र सिंह के शव को अमेरिका से भारत लाया जाएगा। इसके लिए परिजन और अमेरिका में रह रहे सुखविंद्र के साथियों ने कवायद शुरू कर दी है। गो फंड मी फंडशेयर की मदद से लोगों से फंड जुटाने की अपील की जा रही है। परिजन को उम्मीद है कि वह अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर पाएंगे।
विदेशों से भारतीय लोगों के शव अपने वतन पहुंचाने वाले समाजसेवी रणबीर लोहान ने लोगों से मदद की अपील की है। मृतक के पिता शीशपाल सहित परिवार के अन्य लोगों ने भी मार्मिक अपील करते हुए बेटे के शव के अंतिम दर्शन के लिए प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
विदित्त हो कि 26 अप्रैल की रात टेक्सास शहर में रात को एक स्टोर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण गंगाटेहड़ी निवासी सुखविंद्र और मोहाली निवासी उसके स्टोर मालिक विक्रांत की माैत हो गई थी। वहां रह रहे लोगों ने परिजन को बताया कि दोनों ने जान बचाने के लिए बाथरूम की खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन जैसे ही ऑक्सीजन मिली, आग और तेज हो गई। धुएं और लपटों ने उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शवों को अमेरिका में अस्पताल के शवगृह में रखे गए हैं।
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सुखविंद्र का शव भारत लाने के लिए 40 से 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। समाजसेवी रणबीर लोहान ने कहा कि शव को भारत लाने की कानूनी कागजी कार्रवाई और अंतिम संस्कार में भी काफी खर्च आता है। ये खर्च परिवार अकेला नहीं उठा सकता। ऐसे में समाज के सहयोग से ही बेटे का शव यहां पहुंच पाएगा।-- -
परिवार के बेहतर भविष्य के लिए गया था सुखविंद्र
गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह करीब दो साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। उनके लिए पिता शीशपाल ने अपनी पाैन एकड़ जमीन बेची थी। बेटा परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था। अभी तक तो जमीन के रुपये भी पूरे नहीं हुए थे, परिवार की आर्थिक स्थित बेहतर होना तो दूर की बात है।
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करनाल। गंगाटेहड़ी गांव के 24 वर्षीय सुखविंद्र सिंह के शव को अमेरिका से भारत लाया जाएगा। इसके लिए परिजन और अमेरिका में रह रहे सुखविंद्र के साथियों ने कवायद शुरू कर दी है। गो फंड मी फंडशेयर की मदद से लोगों से फंड जुटाने की अपील की जा रही है। परिजन को उम्मीद है कि वह अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर पाएंगे।
विदेशों से भारतीय लोगों के शव अपने वतन पहुंचाने वाले समाजसेवी रणबीर लोहान ने लोगों से मदद की अपील की है। मृतक के पिता शीशपाल सहित परिवार के अन्य लोगों ने भी मार्मिक अपील करते हुए बेटे के शव के अंतिम दर्शन के लिए प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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विदित्त हो कि 26 अप्रैल की रात टेक्सास शहर में रात को एक स्टोर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण गंगाटेहड़ी निवासी सुखविंद्र और मोहाली निवासी उसके स्टोर मालिक विक्रांत की माैत हो गई थी। वहां रह रहे लोगों ने परिजन को बताया कि दोनों ने जान बचाने के लिए बाथरूम की खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन जैसे ही ऑक्सीजन मिली, आग और तेज हो गई। धुएं और लपटों ने उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शवों को अमेरिका में अस्पताल के शवगृह में रखे गए हैं।
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सुखविंद्र का शव भारत लाने के लिए 40 से 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। समाजसेवी रणबीर लोहान ने कहा कि शव को भारत लाने की कानूनी कागजी कार्रवाई और अंतिम संस्कार में भी काफी खर्च आता है। ये खर्च परिवार अकेला नहीं उठा सकता। ऐसे में समाज के सहयोग से ही बेटे का शव यहां पहुंच पाएगा।
परिवार के बेहतर भविष्य के लिए गया था सुखविंद्र
गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह करीब दो साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। उनके लिए पिता शीशपाल ने अपनी पाैन एकड़ जमीन बेची थी। बेटा परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था। अभी तक तो जमीन के रुपये भी पूरे नहीं हुए थे, परिवार की आर्थिक स्थित बेहतर होना तो दूर की बात है।